Main न्यायपालिका का सम्मान करता हूँ, lekin बेरोज़गार युवाओं ko ‘cockroach’ kehna अस्वीकार्य है. यही युवा exam leaks, भ्रष्टाचार aur judicial delay par awaaz uthate hain. Unhe गाली dene ke बजाय, व्यवस्था ko unke सवाल सुनने chahiye. Institutions tab mazboot bante hain jab वे आलोचना se भागते नहीं, usse सीखते hain.
रोजगार की जिम्मेदारी जिनकी थी उनको लताड़ने के वजाय युवाओं को ही नीचा dikhado
डर है मिलावटी चीजें अगले एक-दो साल में भी देश से खत्म नहीं हो पाएंगी... इसलिए अब स्कूल-कॉलेज में इसकी लिस्ट लगा देनी चाहिए .... साथ में लिख दें सतर्कता ही बचाव है ! पहले "टेस्ट" करें, फिर इस्तेमाल करें ! क्या-क्या मिलावटी हो सकता है?
1. एसिडिटी दूर करने वाली दवा Eno
2. NESCAFE कॉफी
3. Sensodyne toothpaste
4. Fortune Refined oil
5. डायबिटीज मरीजों का मोनजारो (Mounjaro) इंजेक्शन
6. नकली हेयर रिमूवल क्रीम Veet
7. ginger-garlic paste
8. tea powder
9. cough syrups
10. जीरा
11.
12.
ये लिस्ट, हाल के दिनों की खबरों के आधार पर मैंने बनाई है, आपलोग अपनी जानकारी से इसमें और चीजें जोड़ दें...
उम्मीद है, पनीर-घी के बारे में जनता को पहले से पता है....
दोनों बच्चे लगभग एक ही उम्र के हैं, फर्क सिर्फ़ सोच का है
एक तरफ़ अश्वमीत गौतम। जिसने सरकार से बस इतना पूछा— शिक्षा-रोजगार मिले, सड़क ठीक हो, पानी मिले, बिजली हो, हवा साफ़ हो।
इनाम क्या मिला? FIR और जेल।
दूसरी तरफ़ अभिनव अरोड़ा।
सरकार का प्रोपेगेंडा, अंधभक्ति, पाखंड, नफरत और झूठ सब परोसा।
इनाम? मंत्री से सम्मान, वो भी नितिन गडकरी के हाथों।
सोचिए—
जो कलम, कॉपी, किताब से सवाल करेगा, उसे जेल।
और जो अंधभक्ति और झूठ फैलाएगा, उसे पुरस्कार।
यह सिर्फ़ दो बच्चों की कहानी नहीं है, यह आज के भारत की प्राथमिकता का आईना है—
सवाल अपराध है,
और चापलूसी राष्ट्रसेवा।
🚨ड्राइविंग लाइसेंस की एक्सपायरी डेट क्यों?🚨
क्या इंसान अनुभव के साथ ड्राइव करना भूल जाता है?
या सरकार मानती है— पुराना ड्राइवर, पुराना दिमाग़।
>> DL का सरकारी लॉजिक
>ड्राइविंग आती है? कोई मायने नहीं।
>रिकॉर्ड साफ़ है? ज़रूरी नहीं।
> लाइसेंस की तारीख़ खत्म? आप अपराधी हैं।
> गलती स्किल की नहीं, तारीख़ की है।
>>DL एक्सपायर होने का असली मतलब
आप ड्राइव करने के लायक नहीं हुए, आप सिर्फ़ रिन्यूअल के लायक हुए।
• फीस दीजिए।
• फॉर्म भरिए।
• फोटो खिंचवाइए।
• मेडिकल लगाइए।
👉🏻और साबित कीजिए— कि आप अब भी सिस्टम के काबिल हैं।
🛑 भारतीय ड्राइवर की पहचान
> आप ड्राइवर नहीं, एक वैलिडिटी पीरियड हैं।
> सरकार को आपकी समझ नहीं चाहिए, उसे आपकी एक्सपायरी डेट चाहिए।
>>> आख़िरी बात <<<
• इस देश में गाड़ी आप चलाते हैं,
लेकिन ड्राइव करने की इजाज़त - तारीख़ देती है।
तरक्की और development के नाम पर हम सालों से प्राकृतिक संसाधनों को खत्म करते आ रहे हैं।
अब #अरावली को 100 मीटर में बाँधकर पहाड़ों को मिटाने की स्वीकृति दी जा रही है।
जब हम प्राकृतिक पहाड़ बचा नहीं पाएँगे, तो भविष्य में पेड़ नहीं कचरे के पहाड़ ज़रूर दिखेंगे।
आज हम प्रदूषण से लड़ नहीं पा रहे, और आने वाली पीढ़ियों को बीमारी व आपदाएँ सौंप रहे हैं।
इसे विकास मत कहिए, यह भविष्य की कीमत पर किया गया समझौता है
सरकार ने शुक्रवार को ऐतिहासिक फैसला लेते हुए चार लेबर कोड तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए हैं। इस कोड के लागू होते ही पहले के 29 श्रम कानून खत्म हो गये। अब उनकी जगह पर एक एकीकृत और सरल कानूनी ढांचा काम करेगा। ये नये लेबर कोड भारत के लेबर गवर्नेंस को मॉडर्न बनाने के मकसद से एक अहम हैं।
लागू किए गये ये इस प्रकार हैं।
मजदूरी पर कोड (2019)
इंडस्ट्रियल रिलेशन कोड (2020)
सोशल सिक्योरिटी पर कोड (2020)
ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशंस (OSHWC) कोड (2020)
सरकार ने इसे ऐतिहासिक फैसला बताते हुए कहा कि नया फ्रेमवर्क दशकों पुराने लेबर नियमों को आसान बनाएगा। वर्कर वेलफेयर को बढ़ावा देने के साथ सेफ्टी स्टैंडर्ड को मजबूत करेगा।
इन कानूनों से भारत का लेबर इकोसिस्टम, दुनिया की सबसे अच्छी प्रैक्टिस करने वाला बनेगा। सालों की सलाह और तैयारी के बाद इसे 21 नवंबर 2025 से लागू किया जा रहा है।
सरकार ने कहा कि इन कोड का मकसद भविष्य के लिए एक सुरक्षित वर्कफोर्स तैयार करना और मजबूत इंडस्ट्री बनाना है। सरकार ने इस बात पर जोर दिया कि यह बदलाव रोजगार पैदा करने में मदद करेगा और आत्मनिर्भर भारत के तहत लेबर सुधारों को आगे बढ़ाएगा।
#IndianLabourLaw #LabourLaw #India
डॉक्टर को "बलि का बकरा" बना दिया गया है।👎
क्या डॉक्टर को पता था #CoughSyrup जहरीला है??
क्या डॉक्टर ने वो कफ सिरप बनाया था??
क्या मरीज को कफ सिरप लिखना अपराध है??
जहरीली कफ सिरप बनाने वाली दवा कंपनी जिम्मेदार है, उस पर क्या एक्शन हुआ??
ऐसी कंपनी को लाइसेंस क्यो दिया गया??🤔
#CoughSyrupDeaths
सरकार ने दिवाली और छठ पूजा से पहले देश की जनता को उपहार दिया है।
सरकार ने आधार कार्ड अपडेट कराने की फीस बढ़ा दी है।
डेमोग्राफिक अपडेट...पहले 50 रुपए थी, अब 70 रुपए हो गई।
बायोमेट्रिक अपडेट...पहले 100 रुपए थी, अब 125 रुपए हो गई।
डॉक्यूमेंट अपडेट... पहले 50 रुपए थी, अब 75 रुपए हो गई।
घर पर विजिट करने का चार्ज 700 रुपए देना होगा।
सरकार ने इसका लाभ लेने का अवसर 1 अक्टूबर से ही देना शुरू कर दिया है।
अब आप देश सेवा में ज्यादा योगदान कर पाएंगे पहले कम योगदान कर रहे थे तो उतना फील नहीं आता होगा अब आपको अच्छा फील होगा।