केरल में हिन्दु अल्पसंख्यक हैं। इसलिए वहां हिन्दुओं को अपने त्योहार बड़े पैमाने पर मनाने के लिए अघोषित पाबन्दी है।यह सब धर्मनिरपेक्ष और समानता का अधिकार देने की प्रतिबद्धता वाले संविधान के अन्तर्गत हो रहा है। न्यायालय मौन है। संविधान मौन है। इसलिए हिन्दुओं के अस्तित्व और आदर्श
झूठे आरोप में कोर्ट के चक्कर मे 70 साल के बुजुर्ग ने बीता दी जवानी, 400 तारीखों के बाद बरी
मुजफ्फरनगर के निवासी 70 साल के रामरतन को ऐसी ही पीड़ा से गुजरना पड़ा
आज भी हिन्दू संतो और सुप्रसिद्ध हस्तियो पर झूठे केस लगाए जा रहे है, जिसपर रोक अत्यंत जरूरी है
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