साक्षी महाराज (BJP) - “ब्राह्मण चोर है”
राजकुमार भाटी (SP) - “ब्राह्मण वेश्या से भी बदतर है”
मेरा ब्राह्मण समाज से एक ही अनुरोध है कि-
राजनीतिक पार्टियाँ तो आती-जाती रहेंगी, लेकिन एक बार हमारा सम्मान चला जाए, तो वह वापस नहीं आता।
मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि मेरे खिलाफ इतना बड़ा षड्यंत्र रचा जाएगा।
> सबसे पहले मेरा फ़र्ज़ी ट्वीट का स्क्रीनशॉट बनाया जाता है।
> फिर उसी फ़र्ज़ी स्क्रीनशॉट को सोशल मीडिया पर फैलाया जाता है।
> मैंने उस फ़र्ज़ी स्क्रीनशॉट के खिलाफ साइबर शिकायत दर्ज कराई।
> लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, कोई मदद नहीं मिली।
> उस फ़र्ज़ी स्क्रीनशॉट को आधार बनाकर @NCSC_GoI स्वतः संज्ञान लेता है।
> इसके बाद दिल्ली पुलिस SC/ST एक्ट का नोटिस भेजती है।
> मामले में नॉन-बेलेबल धाराएँ जोड़ दी जाती हैं।
> और अंत में Twitter से मेरी सारी निजी जानकारी माँगी जाती है।
> अब अगला कदम शायद मेरी गिरफ्तारी ही होगा।
@DelhiPolice & @NCSC_GoI - दोनों ही BJP सरकार के अंतर्गत आते हैं।
यह एक सोची-समझी साज़िश है, जिसका उद्देश्य मुझे जेल भेजना है - ताकि आने वाले समय में कोई भी सवर्ण समाज की आवाज़ उठाने का साहस न कर सके।
#SCSTActMisuse
महत्वपूर्ण सूचना -:
सन 1484 में मेहमूद बेगाड़ द्वारा तोड़े गए मंदिर के पुनर्निर्माण का कार्य सकलकल्याणस्वरूप, साक्षाच्छङ्कररूप, धर्मब्रह्मके मूर्तिमान् विग्रह, पूज्यपादधर्महृदयमहाभाग श्रीसद्गुरुदेव भगवान् पूर्वाम्नाय श्रीगोवर्धनमठ-भोगवर्धनपीठाधीश्वर, श्रीमत्परमहंसपरिव्राजकाचार्यवर्य श्रीमज्जगद्गुरु शङ्कराचार्य जी @govardhanmath के दिव्य मार्गदर्शन एवं सानिध्य में 'रामदूत पुनर्निर्माण समिति' (रामदूत रीस्टोर्स) @ramdootrestrore द्वारा संपन्न हो रहा है ।
जगत्प्रभवके कारण, जटाजूट में चंद्रावलि धारण करने वाले चंद्रकलाधर त्रिपुरारी प्रभु श्रीमहादेव शिवशङ्करके लिंगस्वरूपकी प्राण-प्रतिष्ठा के इस महा-महोत्सव में, जोकि आंग्ल तारीख अनुसार 8 मार्च 2026 को होना निश्चित हुआ है, श्रीगुरुदेव सपरिकर-सपार्षद स्वयं पधार रहे हैं, जोकि क्षेत्र के एवं समस्त आस्तिक महानुभावों के लिए अत्यंत हर्ष, गौरव एवं सौभाग्य का विषय है ।
यह ध्यान देना आवश्यक है की इस क्षेत्र के आसपास वनाञ्चल में निवास करने वाले, जिन्हें हम आधुनिक क्रम से आदिवासी कहते हैं बहुतायत संख्या में है ।
परमपूज्य श्रीगुरुदेव के आदेशानुसार इस मंदिर को धार्मिक दुर्ग बनाने के लिए यहां वैदिक क्रम से संचालित होने वाला गुरुकुल,
श्री अन्नपूर्णाक्षेत्र, शास्त्र-शाला, संत-निवास, यात्री-निवास, यज्ञ-शाला तथा गौशाला की स्थापना भी होगी ।
540 वर्षों तक यह दिव्य मंदिर अपनी वृहद इतिहास को कुछ टीलों पर संजोया रहा, वह परम पूज्यगुरुदेव के मार्गदर्शन में जल्द ही अपने प्राच्य स्वरूप को प्राप्त कर, श्रीजगद्गुरु श्रीमच्छंकर भगवत्पादाचार्यकी अखण्ड एवं अविच्छिन्न परम्पराके निर्वाहन हेतु देदीप्यमान् दीपस्तम्भ के रूप में स्थापित होगा ।
'हर घर हिंदू राष्ट्र' के अंतर्गत 18 ग्राम तथा आसपास के क्षेत्र के लगभग 5000 धर्मबान्धव इस महायज्ञ में सम्मिलित होकर श्री शङ्कराचार्य के सैनिक के रूप में वैदिक ज्योति के प्रचार प्रसार के लिए कृतसङ्कल्पित होंगे ।
@govardhanmath
I was not aware about this fact
Do you know why Kuldevi and Kuldevta is so important in Sanatan Dharma
Read this thread till end about what benefit or problem you may face if you believe or don’t believe in Kuldevta and Kuldevi
He wasn’t just a spy. He was India’s invisible shield.
Ravindra Kaushik – The Black Tiger.
Let’s honor the man who gave his life, but got no tribute.
Thread 🧵
ब्राह्मण और जनेऊ
पिछले दिनों मैं हनुमान जी के मंदिर में गया था जहाँ पर मैंने एक ब्राह्मण को देखा, जो एक जनेऊ हनुमान जी के लिए ले आये थे। संयोग से मैं उनके ठीक पीछे लाइन में खड़ा था, मैंने सुना वो पुजारी से कह रहे थे कि वह स्वयं का काता (बनाया) हुआ जनेऊ हनुमान जी को पहनाना चाहते हैं, पुजारी ने जनेऊ तो ले लिया पर पहनाया नहीं। जब ब्राह्मण ने पुन: आग्रह किया तो पुजारी बोले, यह तो हनुमान जी का श्रृंगार है इसके लिए बड़े पुजारी (महन्थ) जी से अनुमति लेनी होगी, आप थोड़ी देर प्रतीक्षा करें, वो आते ही होंगे। मैं उन लोगों की बातें गौर से सुन रहा था, जिज्ञासावश मैं भी महन्थ जी के आगमन की प्रतीक्षा करने लगा।
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वह नन्ही परी फुदकती हुई लोटा उठाकर ले गयी और पानी भर लाई, फिर उस पानी को मेरी गिलास में डालने लगी। उसके होंठों पर तैर रही मुस्कराहट जैसे मेरा धन्यवाद कर रही हो। मैं अपनी नजरें उससे छुपा रहा था। पानी का गिलास उठाया और गर्दन ऊंची कर के वह अमृत पीने लगा... पर अपराधबोध से दबा जा रहा था।
अब बिना किसी से कुछ बोले पपीता गाड़ी की दूसरी सीट पर रखा, और घर के लिए चल पड़ा, घर पहुंचने पर हाथ में पपीता देख कर मेरी पत्नी ने पूछा कि यह कहां से ले आए... तो बस मैं उससे इतना ही कह पाया कि एक ब्राह्मण के घर गया था तो उन्होंने खाली हाथ आने ही नहीं दिया।
"राष्ट्रहित सर्वोपरि" 💪💪
जय श्री राम 🙏
हर हर महादेव 🔱🙏🚩
धर्म की जय हो।अधर्म का नाश हो।प्राणियों में सद्भावना हो।विश्व का कल्याण हो।गौ माता की जय हो।गौ हत्या बन्द हो।शासन विधान शास्त्रीय हो।मठ मंदिरों की मर्यादा सुरक्षित हो।भारत अखण्ड हो। ॥ हर हर हर महादेव ॥ माँ विंध्यवासिनी जी के १४/०३/२०२५ शुक्रवार के आरती श्रृंगार दर्शन। #VIDEO
सनातन धर्म में ब्राह्मण का कोई विकल्प नहीं हो सकता, क्षत्रिय का कोई विकल्प नहीं हो सकता, वैश्य का कोई विकल्प नहीं हो सकता, शूद्र का कोई विकल्प हीं हो सकता। आप निकालेंगे उसी से विस्फोट हो जायेगा।
Bappa Rawal ☀️
They called him "The Greatest Enemy of Islam"
Muhammad Bin Kasim attacked in 712 AD.
Ghori reached Delhi in 1192.
Who defended Hindus in those 500 years?
Bappa Rawal played a crucial role in resisting Arab invaders, defeating them, and driving them to Turkey.
Very interesting backstory about the Madurantakam Rama temple.
From wiki entry page.
Wall mural seen in temple precincts.
Temple inner wall inscription in Telugu and Tamil stating the same.
https://t.co/aMyiOytp6X
Within a few days the tank was full to the brim and a breach seemed imminent. That night a worried Collector camped near the tank hoping against hope that the bunds would hold. As he was inspecting, Colonel Blaze saw a miraculous sight. He saw two warriors bearing bow and quiver guarding the bunds. The British officer went on his knees and prayed, for he knew it was none other than Lord Rama and his divine brother Lakshmana. It was indeed strange that nobody else who was a part of the Collector's retinue saw the Lord. After a while the vision evanesced and the rain stopped. The grateful Collector undertook the building of the shrine for Janakavalli thayar and Lord Rama in the temple came to be known as the Erikatha Ramar (Rama who saved the tank (Eri)). The edict with the Collector's name citing him as a benefactor can be seen even today in the Madurantakam temple