ये है पिछले 10 सालों का UPSC डेटा👇
मीणा जी 48% ST सीट को कब्ज़ा कर बैठे हैं! (मीणा आबादी कुल ST की 4.5% है)!
माने अपनी संख्या से 10 गुना ज्यादा सीट ली है!
ST में 744 जनजातियां हैं लेकिन सिर्फ एक 48% सीट ले रही है?
तो मीणा जी,
कितना भी ड्रामा करो, तुम्हारा आरक्षण छिनना तय है😂
आरक्षण पर चर्चा किसी भी पार्टी को असहज करेगी, और अब वही करना पड़ेगा। पटरी उखाड़ कर आरक्षित हो जाना, सामाजिक न्याय नहीं, राजनैतिक गिरोहबाज़ी है। अब जबकि प्रताड़ित वर्ग इस पर लामबंद हो रहा है, तो सत्ता के चाटुकारों को समस्या होने लगी है कि ये 'मूर्खता' है।
UGC, NEET, CBSE पर बोलना भी सबको मूर्खता और षड्यंत्र ही लग रहा था, फिर एक भीड़ आई, आप पर थूका और आपको चाटना पड़ा। अंततः, हुआ वही जो हम आपको बता रहे थे।
अब आरक्षण पर भी एक संगठित, सघन और गंभीर चर्चा होगी। इसके चक्कर में चुनावों पर असर पड़ना चाहिए कि कौन इन विषयों पर चर्चा से भाग रहे हैं, कौन इसे नकार रहे हैं, और कौन एक ही श्वास में 'विकसित भारत' और निजी क्षेत्र में आरक्षण ढूँढ रहे हैं।
अब मुझे यह मैटर नहीं करता कि कौन सत्ता में है और किसको होना चाहिए, मैंने पिछले 7 महीनों में जो देखा और फिर गत शनिवार को जो हुआ, उस से में आश्वस्त हूँ कि बिखरा हुआ, बिका हुआ नैरेटिव काम नहीं आता। सत्ता में रहने या निकाले जाने की चिंता राजनैतिक दलों को होनी चाहिए, आम नागरिक को नहीं।
आरक्षण की पूर्ण समाप्ति लक्ष्य है, जो की संविधान का भी लक्ष्य है, तो हम तो वही कर रहे हैं जो संविधान निर्माताओं ने सोचा था। ठीक है, समय सीमा नहीं थी, पर OBC आरक्षण भी तो नहीं था? उस समय के वंचित-पीड़ित-शोषित यदि आज भी वंचित-पीड़ित-शोषित ही हैं, तो इस पर सर्वेक्षण होना चाहिए कि तथाकथित सामाजिक न्याय तक पहुँचने के लिए कोई और मार्ग है क्या?
मेरा उद्देश्य प्रथम चरण में चर्चा का है, सरकार से इस पर संसद में आँकड़े रखवाने का है कि किस जाति समूह कि किन जातियों में कितनों को आरक्षण मिला, उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति क्या है, उन्हीं जाति समूहों में कौन ऐसे लोग हैं जो अभी तक घिसट कर जीने को विवश हैं?
सामान्य वर्ग के लोगों में कितने लोग आर्थिक रूप से विपन्न हैं, उनके लिए सरकार की क्या नीतियाँ हैं, उन्हें फॉर्म भरने से ले कर हॉस्टल और कोर्स की फीस में छूट क्यों नहीं है? यदि आरक्षण EWS से दिया है तो यह इतना घटिया रूप में क्यों है कि निर्धन सामान्य वर्ग का विद्यार्थी लोन चुकाने में ही जवानी खपा देता है?
इसके बाद, हर राजनैतिक व्यक्ति को, दल को हम चुनावों के समय पूछेंगे कि उन्हें सामान्य वर्ग वोट क्यों दे? उनका मेरिट को ले कर क्या स्टैंड है, विकसित भारत में मेरिट की कितनी जगह है और शिक्षा व्यवस्था में आरक्षण के कारण राष्ट्र को कब तक नकारात्मक दिशा में ले जाया जाता रहेगा?
यही आरम्भ है, और यदि आवश्यकता पड़ी तो हम और भी विकल्प देखेंगे। हमें इस से अब मतलब नहीं है कि कौन आ जाएगा तो क्या हो जाएगा, उसका लोड वो लें जिनकी विधायकी और सांसदी जाएगी। हमें अपने बच्चों और इस समाज की चिंता हैं। हम बस अपने हिस्से की चिंता कर रहे हैं।
neet students ki awaaz ya politicians ka stage | reservation pr baat kyu nhi
I discuss full topic in detail on my yt channel harshdubey2024
https://t.co/v9gbHjFPVs
"ये लोग कहते हैं कि नीट पर 18 घंटे चर्चा करेंगे, लेकिन क्या ये नीट की असली समस्याओं पर 18 मिनट भी बोल पाएंगे?"
"चर्चा किनसे करेंगे जो चांदी की चम्मच लेकर पैदा हुए हैं? उन्हें मेरी समस्या पता है क्या? उन्हें पता है कि एक नीट छात्र और उसका परिवार किन मुश्किलों से गुजरता है?"#neet
Aditi Mishra missed an IIT seat despite scoring 90% because she was from the general category.
Others got seats with 50% due to reservation.
Because of this, she committed suic!d€.
Countless GC students suffer because of reservation.
But no one protests for them. 💔
देश में #बेरोजगारी मुद्दा है...
देश में #पेपरलीक मुद्दा है...
देश में व्यवस्थाओं की #निष्क्रियता मुद्दा है..
देश में #जाति मुद्दा है...
देश में पेट्रोल डीजल मुद्दा है... फिर
देश में बढ़ता #आरक्षण ... और गिरता #मेरिट मुद्दा क्यों नहीं है??
क्या आरक्षण पर #पुनर्विचार नहीं होना चाहिए??
क्या देश में #जातिगत आरक्षण की जरुरत अब भी है??
#ReservationNotAright
#आरक्षण_अभिशाप_है
If you're talking about a "fair education system" but conveniently ignore 70% Reservations & negative NEET-PG cut-offs - then you have no idea what "fair" actually means.
"We didn't get the permission for protest but those terrorists got the permission within 1 day. Nobody listened to us in a peaceful protest but the same govt is meeting with their leaders. Even nobody talks about reservation"
Harsh Dubey spitting proper facts man.🫡🔥
Thank you @ShivAroor for this genuine conversation with the students who are going through the pain of India’s broken education system. Both general category students and speaking on an aspect which rarely is EVER discussed in politics.
आरक्षण पर कोई पार्टी बात क्यों नहीं करती?
आरक्षण के खिलाफ़ आंदोलन क्यों नहीं होते।
जाति-धर्म और राज्य के नाम पर कितना आरक्षण दिया जाएगा? सामान्य वर्ग का दर्द कौन समझेगा?
~ Harsh Dubey, NEET Aspirant