"राहुल ये कपड़े उतार रहे हैं मेरे,,?
बहुत ही हैरान करने वाला है अगर सच है तो
प्रियंका गांधी अपने भाई राहुल गांधी से कह रही है
"राहुल ये कपड़े उतार रहे हैं मेरे "
प्रियंका गांधी को जब डिटेन किया जा रहा था
सोचिए एक बहन को अपने भाई से अगर
ये बात कहनी पड़ी तो उस पर किया बीती होगी
Dear Gen Z,
beware of the fake scam called the CJP, which is Kejri's second IAC, designed to defuse your genuine anger, and scoot immediately (exactly like in July).
Gen Z zindabad! Electoral transparency zindabad!
Down with Saboteurs CJP
कांग्रेस के प्रोटेस्ट में घुस कर एक भाजपा का गुंडा बस तोड़ रहा था ,
जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उसे पकड़ लिया तो दिल्ली पुलिस उसे तुरंत बचा कर ले गई।
इसी तरह शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट में भाजपा / दिल्ली पुलिस के गुंडे तोड़ फोड़ / हिंसा करते हैं जिससे कि आंदोलन और विपक्ष को बदनाम किया जाए ।
दिल्ली के छात्र आंदोलन में भी इसी तरह पत्थरों वाला ट्रक और भाजपा के गुंडे घुसाए गए थे ।
दिल्ली पुलिस का भाजपा की कठपुतली बनके काम करना बेहद शर्मनाक है ।
Looks like the Rahul Gandhi era has begun in India with a bang. The richest man on the planet and the most popular politician in India atm agreeing with each other openly in the middle of the biggest political crisis of PM Narendra Modi's career. Interesting times.
"राहुल ने मस्क को क्यों कहा - भारत आओ?"
प्रिय, एलन मस्क @elonmusk
"Welcome to India, Elon. Wait till you discover the other guy." यह ट्वीट है भारत के लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का, जो उन्होंने आपके ट्वीट को कोट करते हुए लिखा है।
वही राहुल गांधी, जिन्होंने इस देश को सबसे पहले Adani और अंबानी से चेताया था। वो राहुल गांधी जो अक्सर दावा करते हैं कि भाजपा सरकार ने देश को दो हिस्सों में बांट दिया है: एक पूंजीपतियों के लिए और दूसरा गरीब जनता के लिए। तुम पूंजीपति हो, लेकिन फिर भी आओ, इसलिए क्योंकि तुम यहां की राजनीति को तय नहीं करोगे, लेकिन यहां के पूंजीपति राजनीति तय कर रहे हैं।
तुम आओ ताकि देश के युवाओं को गुजरात से निकलने का मौका मिले और उनके हाथों में काम हो, गांवों में इंटरनेट हो। वो इंटरनेट जो गांवों में अभी भी एक खेत के नीचे ही 4G पकड़ता है। तुम आओ ताकि किसी खास जगह पे सिर्फ़ एयरटेल या जियो, दोनों में से किसी एक को चुनना ना पड़े।
तुम आओ ताकि दुनिया को पता चले कि विपक्ष का नेता इतना दूरदर्शी है कि 5 साल बाद आने वाली चीजों को पहले भांप लेता है। तुम आओ ताकि दुनिया ये समझ पाए कि भाजपा देश के लिए नहीं, उद्योगपतियों के लिए काम करती है।
तुम इसलिए भी स्टारलिंक लेके आओ ताकि यहां दो सबसे बड़े उद्योगपतियों के वर्चस्व को चुनौती दी जा सके और भारतीय लोकतंत्र सुरक्षित रहे। तुम आओ, इंटरनेट के जरिए ही सही, ताकि देश के बंदरगाह, रेलवे स्टेशन, सड़कों और बिजली स्टेशनों पे एक आदमी की मुहर का विकल्प देखा जाए; विकल्प इतना कि लोगों को समझ आए कि देश दो लोगों के हाथों में नहीं है और देश का प्रधानमंत्री कठपुतली नहीं है।
इस कठपुतली के मिथ्य को ख़त्म करने ही आओ, राहुल गांधी को गलत साबित करने ही आओ। क्योंकि ये गांधी, इंदिरा, संजय और राजीव से भी ख़तरनाक है। ख़तरनाक इतना कि गोली खा लेगा, लेकिन पीछे नहीं हटेगा।
तुम उसके नसीब में गोली लिखने ही आओ, लेकिन आओ।
ख़त लिखने वाला लड़का।
चाय, इश्क़ और राजनीति।
Vice President JD Vance breaks down the data:
"If you are working as an H-1B visa in the United States of America, you’re earning $20,000 less than an American citizen hired in the same position. If you were brought in by one of these foreign outsourcing firms, you’re making $48,000 less than an American citizen in a similar position. So I’m sure that everybody here understands the game that is being played. You bring in indentured servants from outside the country, you lay off American workers and, if you’re a corporation, you make a ton of money by under cutting the wages of American workers, replacing them with people who frankly shouldn’t be in the United States of America to begin with."
The exorbitant H-1B fees have already made American companies think twice about hiring Indian professionals.
Now, by suspending the PERM programme for major Indian IT companies, the Trump administration has made it harder for Indian companies operating in the US to sponsor Indian professionals for permanent residency.
Mr @RahulGandhi has repeatedly advised the Prime Minister to stand his ground when dealing with America and act as if he really has a 56-inch chest.
But Modi “Ji” would rather get bullied by his fraand, Dolaand Trump, than listen to Rahul Gandhi.
Anti-Rahul Gandhi and Opposition narrative started on Instagram.
Mass meme pages are sharing possibly out of context videos of RG manhandling women police officers.
Comments however are mostly exposing the paid nature of the posts.
The trick is too outdated now.
कितना मजेदार है कि BJP और AAP एक दूसरे की कमियां बता रहे हैं मगर कोई याद नहीं कर रहा कि इससे पहले कांग्रेस की सरकार ने किस तरह दिल्ली में फ्लाईओवरों जाल फैला दिया था और डिजाइन में तो कमी का सवाल ही नहीं।
यह बारापूला पर अकेले प्लानिंग और डिजाइन का सवाल नहीं इस डबल इंजन सरकार ने देशभर में ऐसे किसने फ्लाईओवर यहां तक की सड़कें तक बनाई है जो 90 डिग्री पर टर्न ले रही हैं और इससे भी भयंकर ऐसी कई खामियां हैं कि जिन पर जाया ही नहीं जा सकता।
अब आप पूछेंगे कि कारण।
इंजीनियर आर्किटेक्ट तो वही हैं।
जी बिल्कुल सही कहा लेकिन उनसे काम करवाने वाले वास्तविक कामों पर नहीं बातों पर ज्यादा यकीन करते हैं।
ये सोचते हैं की बातें करने से ही सब कुछ हो जाता है।
यूपी में चुनाव हैं।
जगह-जगह खुले नाले पड़े हुए हैं। अभी नोएडा और कई क्षेत्रों में लोगों के डूब कर करने की खूब खबरें आईं।
मगर कोई कार्रवाई नाले बंद करने का एक्शन प्लान देखा।
सड़कें टूटी पड़ी है शहरों के अंदर। बड़े-बड़े गड्ढे।
मगर कोई काम नहीं हां बातें बाबर, औरंगज़ेब शाहजहां सबकी करवा लो।
सोचते हैं उससे वोट मिल जाएगा फिर काम करवाने की क्या जरूरत?
🚨 भारत के खिलाफ अमेरिकी दबाव चरम पर पहुंच चुका है.
⚡ताजा घटनाक्रम में यूएस ने भारत के सबसे बड़े सेक्टर, IT सेक्टर को जोर का झटका दिया है जो पहले ही AI की मार झेल रहा है।
⚡अमेरिकी सरकार ने ग्रीन कार्ड स्पॉन्सरशिप से जुड़े Permanent Labor Certification (PERM) Program से कई बड़ी IT कंपनियों को निलंबित कर दिया है।
निलंबित कंपनियों में Tata, Infosys, Wipro, HCL, Cognizant और Capgemini शामिल हैं। इसके अलावा Microsoft और Adobe के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।
⚡अभी तक भारत अमेरिका ट्रेड डील अधर में लटका है, इस बीच ट्रंप ने भारत पर टैरिफ का दबाव अलग बना रखा है।
⚡इतना हीं नहीं ट्रंप सरकार के पूर्व मंत्री और अमेरिका के सबसे बड़े कारोबारी एलन मस्क भारतीय टेलकॉम मार्केट में एंट्री न पाने से अलग बेचैन नज़र आ रहे है, और सीधे हमला भारतीय कारोबारियों पर बोल रहे हैं।
🗣️इधर उपराष्ट्रपति जे डी वेंस अलग माहौल बनाए हुए हैं।
भारत का कौन सा प्रधानमंत्री रहा है जिसपर अमेरिका ने अनुचित दबाव नहीं डाले?
नेहरू इनको पहचान गए थे कि ये विध्वंस के व्यापारी हैं। उचित दूरी बना ली।
इसके बावजूद, हर प्रधानमंत्री ने अमेरिकी दबाव झेला। सबसे ज्यादा इंदिरा गांधी ने, जिन्हें हमला करने की धमकी दी गई। वे पीछे नहीं हटीं और पाकिस्तान को तोड़कर बांग्लादेश बना दिया।
भारत को पहली बार ऐसा प्रधानमंत्री मिला है जो अमेरिका के आगे स्थाई रूप से लेटा है। एकदम दंडवत!
सोचने वाली बात है - जो रेलवे एक्सीडेंट के 3 दिन तक मौत का सही आंकड़ा नहीं बता पाता.
वो प्रदर्शन के कुछ ही घंटों में ये बता रहा है कि 5 हजार यात्रियों की ट्रेन छूट गई.
• आखिर ये आंकड़ा आया कहां से?
• क्या इसे वेरिफाई किया गया?
• क्या कोई ऑफिसियल बयान है?
पहली नजर में ही ये फर्जी खबर मालूम देती है. अफसोस कि 'आज तक' में काम करने वाले पत्रकार इस फर्जी खबर को फैला रहे हैं.
राहुल पॉलिटिकल आदमी हैं।
इन लोगों की तरह विद्वेष से भरे हुए नहीं कि किसी को मिटा देने में ही लग जाएं।
ज्ञानेश कुमार को निपटा दिया।
अब निशाने पर पॉलीटिकल मोदी और अमित शाह हैं।
इसी तरह अडानी और अंबानी से कोई व्यक्तिगत झगड़ा थोड़ी है।
वे लोग मोदी को फायदा पहुंचाते हैं और देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान इसलिए राहुल उनके खिलाफ हैं।
लेकिन जब वे मोदी को फायदा पहुंचाने और देश को नुकसान पहुंचाने की स्थिति में नहीं होंगे तो राहुल को उन से क्या मतलब?
पिछले तीन दिन में भारत की राजनीति बहुत बदली है।
और ऐसे में एलन मस्क के ट्वीट पर राहुल के रेस्पॉन्ड को पॉलिटिकल एंगल से समझने की जरूरत है।
एलॉन मस्क का थैंक यू बताता है कि वे समझ गए।
Those who don’t want @Starlink services, forget rural India for a moment. Even in Electronic City Phase 1 in Banglore, @airtelindia and @reliancejio don’t provide broadband coverage, while mobile internet speeds are absolutely pathetic.
Stop defending poor services out of blind loyalty. Do that at home, not at the cost of the country’s progress. India needs faster, reliable internet, and real competition.