@UPPCLLKO@PVVNLNOIDA
सूत्रों से-चोटपुर में ट्रांसफार्मर की मामूली कमी ठीक कराने में ₹500–₹1,000 का खर्च है,फिर बिजली विभाग के लाइनमैन देव यादव और पाठक ने ₹8–₹10 हजार क्यों इकट्ठा किए? जनता हिसाब मांग रही है।पाठक के पानी के प्लांट को लेकर बिजली चोरी की सूचना है,जांच हो
नोएडा। डूब क्षेत्र में बिजली कनेक्शन काटे जाने और कटौती के विरोध मे निवासियों ने मंगलवार शाम कैंडल मार्च निकाला। लोगों ने बिजली विभाग की कार्रवाई के खि��ाफ नारेबाजी की। नियमित आपूर्ति और कनेक्शन बहाल करने की मांग की। @CMYogiAdityaNat @UPPCLLKO
#चोटपुर #छिजारसी कॉलोनी में बिजली माफियाओं और बिजली आपूर्ति की समस्या को लेकर कॉलोनीवासियों ने कैंडल मार्च निकाला। लोगों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से चल रहे कथित बिजली सिंडिकेट और भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत के विरोध में यह प्रदर्शन किया गया है।
कॉलोनीवासियों ने माननीय मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी से जल्द से जल्द पक्की बिजली और वैध पक्के कनेक्शन उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि मांग पूरी नहीं हुई तो 6 सितंबर 2026 को महापंचायत आयोजित क��� जाएगी।
भारतीय किसान परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखवीर खलीफा जी ने भी मांग की कि भ्रष्टाचार और बिजली माफियाओं के खिलाफ आवाज उठाने वाले अभियानकर्ताओं को झूठे मुकदमों में न फंसाया जाए। जो वास्तव में दोषी हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो और किसी भी दोषी को संरक्षण न दिया जाए।
सूत्रों के हवाले से आरोप है कि अधिकारियों तक करीब 1.5 करोड़ रुपये पहुंचाए गए हैं और कथित तौर पर 5 करोड़ रुपये की अतिरि��्त मांग की गई है। इन गंभीर आरोपों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
अभियानकर्ताओं का कहना है कि वर्ष 2010 से अब तक बिजली विभाग के अधिकारियों और कथित बिजली माफियाओं के बीच मिलीभगत के आरोपों की जांच की मांग लगातार की जाती रही है। इसके बावजूद आज तक निष्पक्ष जांच नहीं हुई। उल्टा, आरोप लगाने और आवाज उठाने वाले लोगों को ही फंसाने की कोशिश किए जाने का आरोप है।
माननीय योगी जी से मांग है कि पूर�� मामले क��� SIT अथवा CBI/ED जैसी स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराई जाए।
अब देखना यह है कि इस कथित घोटाले में निर्दोष लोग बलि का बकरा बनते हैं या वास्तव में दोषी बिजली माफियाओं और भ्रष्ट अधिकारियों पर सरकार का चाबुक चलता है।
#Noida #Chijarsi #Chotpur #BijliMafia #ElectricityCrisis #Corruption #SIT #CBI #ED @Uppolice @dmgbnagar @noidapolice @myogiadityanath @UPPCLLKO @aajtak @ZeeNews @dired
#Chotpur #Noida
बिजली माफियाओं के खिलाफ आवाज उठाने वालों को ही माफिया बनाने का आरोप, भ्रष्ट तंत्र पर गंभीर सवाल
नोएडा सेक्टर-63 में बिजली व्यवस्था और कथित बिजली माफियाओं के खिलाफ लंबे समय से संघर्ष कर रहे अभियानकर्ताओं ने जेई/एसडीओ अभियंता औ�� अन्य अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जो लोग पिछले कम से कम दो वर्षों से अपनी जान की परवाह किए बिना कॉलोनी की जनता के हित और विद्युत विभाग के राजस्व को बचाने के लिए लगातार आवाज उठा रहे हैं, आज उन्हीं लोगों को कथित तौर पर माफिया घोषित करने और फर्जी मुकदमों में फंसाने का प्रयास किया जा रहा है।
अभियानकर्ताओं के अनुसार, पिछले दो वर्षों के दौरान बिजली माफियाओं और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभिन्न माध्यमों से 11,000 से अधिक शिकायतें ट्विटर के माध्यम से की गई हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री, पुलिस कमिश्नर, जिलाधिकारी, मुख्य अभियंता, अधिशासी अभियंता सहित संबंधित अधिकारियों और विभागों को ई-मेल एवं लिखित शिकायतें भेजी गई हैं।
शिकायतों और कार्रवाई का दावा
SIT और ED जांच की मांग को लेकर कई बार शिकायतें की गईं।
लगभग 7 ���ार लखनऊ में जनता दर्शन के दौरान ज्ञापन और शिकायतें प्रस्तुत की गईं।
शक्ति भवन, लखनऊ स्थित विद्युत विभाग के मुख्यालय में भी शिकायतें दी गईं।
100 से अधिक RTI दाखिल कर विद्युत विभाग से जानकारी मांगी गई।
113 जनहित शिकायतें CPGRAMS और जनसुनवाई/IGRS के माध्यम से दर्ज कराई गईं।
लगभग 14 ज्ञापन जिलाधिकारी महोदय को सौंपे गए।
बिजली संबंधी अनियमितताओं के विरोध में कई धरना-प्रदर्शन भी किए गए।
बिजली माफियाओं औ��� अधिकारियों के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका लंबित होने का भी दावा किया गया है।
अभियानकर्ताओं का कहना है कि मामले को लेकर @PMOIndia मुख्य सचिव उत्तर प���रदेश, सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया @yadavakhilesh और आयकर विभाग सहित विभिन्न स्तरों पर शिकायतें भेजी गई हैं।
इसके साथ ही कथित बिजली माफियाओं और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच के लिए ED सहित अन्य जांच एजेंसियों से जांच की मांग भी की गई है।
अभियानकर्ताओं का आरोप है कि शिकायतों में अवर अभियंता/जूनियर इंजीनियर, एसडीओ, अधिशासी अभियंता तथा बिजली माफियाओं से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच की मांग लगातार उठाई गई है।
अभियानकर्ताओं का कहना है कि यदि उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप सही हैं तो निष्पक्ष जांच कराई जाए, लेकिन यदि वे जनता और सरकारी राजस्व के हित में आवाज उठाने के कारण निशाने पर हैं, तो पूरे मामले की स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। उनका दावा है कि उनके पास शिकायतों, RTI, ज्ञापनों और अन्य दस्तावेजों के रूप में बड़ी संख्या में साक्ष्य मौजूद हैं।
सवाल यही है—बिजली माफियाओं के खिलाफ लगातार आवाज उठाने वाले लोग आरोपी कैसे बन गए? और जिनके खिलाफ हजारों शिकायतें की गईं, उनकी भूमिका की निष्पक्ष जांच कब होगी?
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यह जो @AmarUjalaNews द्वारा छप गया है @htTweets में छप गया है वह बिल्कुल गलत है यह लोग निखिल शर्मा आदित्य सिंह निरंतर इस आवाज ���ो उठाते रहे हैं कि यहां पर कितने बड़े सिंडिकेट चल रहा है और अवैघिउगाही हो रही है अब इन्हीं को आरोपी बना दिया गया है @UPPCLLKO @Uppolice
कॉलोनी के नायक को बना दिया खलनायक! बिजली माफिया के खिलाफ आवाज उठाने वाले पर ही कार्रवाई क्यों?
नोएडा। कॉलोनी की गरीब जनता और सरकार के राजस्व की चोरी के खिलाफ लगातार आवाज उठाने वाले व्यक्ति को आज खलनायक बनाने की कोशिश की जा रही है। जिस व्यक्ति ने कॉलोनी की समस्याओं और बिजली विभाग में कथित अनियमितताओं क�� लेकर एक-दो नहीं, बल्कि हजारों शिकायतें कीं, उसे ही अब माफिया बताया जा रहा है। यह पूरा मामला गंभीर है और इस पर तत्काल संज्ञान लिया जाना चाहिए।
जनहित से जुड़े इस मामले में निखिल शर्मा और आदित्य सिंह द्वारा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है। इसके अलावा सैकड़ों RTI दाखिल की गईं, सैकड़ों IGRS शिकायतें की गईं और 11,000 से अधिक शिकायतें ट्विटर के माध्यम से दर्ज कराई गईं। लखनऊ में जनता दर्शन के माध्य��� से माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष भी सीधे शिकायतें पहुंचाई गईं।
इसके साथ ही अवर अभियंता, अभियंता और जिलाधिकारी गौतमबुद्ध नगर को कई बार ज्ञापन सौंपे गए। यानी इस पूरे मामले को लेकर लगातार शिकायतें, दस्तावेज और सबूत संबंधित अधिकारियों के सामने रखे जाते रहे हैं।
ऐसे तमाम शिकायतों और सबूतों के साथ उपरोक्त लोग कॉलोनी के हित और सरकार के राजस्व की कथित चोरी के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। सवाल यह है कि जो लोग जनता के अधिकारों और सरकारी राजस्व की सुरक्षा के लिए लगातार आवाज उठा रहे हैं, उन्हें खलनायक क्यों बनाया जा रहा है?
ये लोग खलनायक नहीं, बल्कि नायक हैं। अगर बिजली विभाग में वास्तव में कोई बड़ा खेल या भ्रष्टाचार है, तो जांच उन लोगों की होनी चाहिए जिन पर गंभीर आरोप और सबूत सामने आए हैं। सवाल यह भी है कि जिन लोगों को मुख्य बिजली माफिया बताया जा रहा है, उनका नामोनिशान तक कार्रवाई में क्यों नजर नहीं आता?
अब बिजली विभाग के भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे अधिकारियों को यह सोचना पड़ेगा कि इतने सारे दस्तावेज, RTI, IGRS शिकायतें, ज्ञापन और अन्य सबूत आखिर कहां लेकर जाएंगे?
मामला अब केवल किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि जनहित, सरकारी राजस्व और जवाबदेही का सवाल बन चुका है। इसलिए शासन और प्रशासन को चाहिए कि पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और यदि शिकायतों में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। @aksharmaBharat @Uppolice @DCPCentralNoida @UPPCLLKO @PVVNLHQ @PVVNLNOIDA
कॉलोनी के नायक को बना दिया खलनायक! बिजली माफिया के खिलाफ आवाज उठाने वाले पर ही कार्रवाई क्यों?
नोएडा। कॉलोनी की गरीब जनता और सरकार के राजस्व की चोरी के खिलाफ लगातार आवाज उठाने वाले व्यक्ति को आज खलनायक बनाने की कोशिश की जा रही है। जिस व्यक्ति ने कॉलोनी की समस्याओं और बिजली विभाग में कथित अनियमितताओं को लेकर एक-दो नहीं, बल्कि हजारों शिकायतें कीं, उसे ही अब माफिया बताया जा रहा है। यह पूरा मामला गंभीर है और इस पर तत्काल संज्ञान लिया जाना चाहिए।
जनहित से जुड़े इस मामले में निखिल शर्मा और आदित्य सिंह द्वारा हाईकोर्ट में ज��हित याचिका दाखिल की गई है। इसके अलावा सैकड़ों RTI दाखिल की गईं, सैकड़ों IGRS शिकायतें की गईं और 11,000 से अधिक शिकायतें ट्विटर के माध्यम से दर्ज कराई गईं। लखनऊ में जनता दर्शन के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष भी सीधे शिकायतें पहुंचाई गईं।
इसके साथ ही अवर अभियंता, अभियंता और जिलाधिकारी गौतमबुद्ध नगर को कई बार ज्ञापन सौंपे गए। यानी इस पूरे मामले को लेकर लगातार शिकायतें, दस्ता��ेज और सबूत संबंधित अधिकारियों के सामने रखे जाते रहे हैं।
ऐसे तमाम शिकायतों और सबूतों के साथ उपरोक्त लोग कॉलोनी के हित और सरकार के राजस्व की कथित चोरी के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। सवाल यह है कि जो लोग जनता के अधिकारों और सरकारी राजस्व की सुरक्षा के लिए लगातार आवाज उठा रहे हैं, उन्हें खलनायक क्यों बनाया जा रहा है?
ये लोग खलनायक नहीं, बल्कि नायक हैं। अगर बिजली विभाग में वास्तव में कोई बड़ा खेल य��� भ्रष्टाचार है, तो जांच उन लोगों की होनी चाहिए जिन पर गंभीर आरोप और सबूत सामने आए हैं। सवाल यह भी है कि जिन लोगों को मुख्य बिजली माफिया बताया जा रहा है, उनका नामोनिशान तक कार्रवाई में क्यों नजर नहीं आता?
अब बिजली विभाग के भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे अधिकारियों को यह सोचना पड़ेगा कि इतने सारे दस्तावेज, RTI, IGRS शिकायतें, ज्ञापन और अन्य सबूत आखिर कहां लेकर जाएंगे?
मामला अब केवल किसी एक व्यक्ति का ��हीं, बल्कि जनहित, सरकारी राजस्व और जवाबदेही का सवाल बन चुका है। इसलिए शासन और प्रशासन को चाहिए कि पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और यदि शिकायतों में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। @aksharmaBharat @Uppolice @DCPCentralNoida @UPPCLLKO @PVVNLHQ @PVVNLNOIDA
@bstvlive विभाग को इसके मुख्य सरगना को पर करना चाहिए जिसने कॉल��नी में लाइट के नाम पर लोगों से ₹10000,15000 पर कनेक्शन लिए हैं इसमें कुछ समितियां के लोग भी है समिति के द्वारा अवैधूली का काम करते थेका काम करते थे
@maheshbjpup@nawabsnagar@BJP4UP@BJP4India@dr_maheshsharma@PankajSinghBJP
भारतीय जनता पार्टी नोएडा महानगर के आदरणीय जिला अध्यक्ष जी, अब आप एक काम जरूर करो।
ये जो चोटपुर छजारसी कॉलोनी में बिहार से आकर बसे हुए आपके अनमोल रतन हैं—जैसे मनोज उपाध्याय, हरीकिशोर, रो��ित ठाकुर, टकला पतलकार , बबन सिंह और अन्य—ये जितने भी आपके बिहार से आए हुए लाल और नवरत्न हैं, इन्हें अब देर मत करो, जल्दी से पूर्वांचल मोर्चे का नोएडा महानगर का जिला अध्यक्ष बना दो।
क्योंकि अभी तक तो ये केवल चोटपुर छजारसी कॉलोनी के लोगों को ही लूटते रहे हैं, लेकिन अगर आपने इन्हें पूर्वांचल मोर्चे का जिला अध्यक्ष बना दिया या पार्टी में कोई बड़ा पद दे दिया, तो ये पूरे नोएडा महानगर को लुटकर भाजपा औ��� आपको मालामाल करने की पूरी क्षमता रखते हैं।
और यह जरूरी भी है, क्योंकि आने वाले समय में पार्टी को इलेक्शन लड़ना है—उस समय पार्टी को वोट से ज्यादा पैसे की जरूरत पड़ सकती है।
और जो इनके खिलाफ यह वीडियो वायरल हो रही है, उसका भी जरूर संज्ञान ले लीजिए—किस तरह की इनकी नीति है और किस तरह की इनकी नियत है, सब कुछ साफ दिखाई दे रहा है।
इस वीडियो में जिस स्तर की अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया है, वह खुद इनक�� मानसिकता का आईना है। पुलिस प्रशासन क�� लिए जिस तरह की गंदी भाषा इस्तेमाल की गई है, वह साफ दिखाता है कि कानून व्यवस्था के प्रति इनके मन में कितना सम्मान है। और मातृशक्ति के लिए जिस तरह की गंदी और घटिया मानसिकता वाली सोच सामने आई है, वह समाज के लिए बेहद चिंताजनक है।
यह सब षड्यंत्रकारी लोग हैं, इनसे आपको सावधान रहने की जरूरत है।
क्योंकि शायद अभी 2 दिन पहले ही आप इन्हें जन्मदिन की बधाई के साथ पूर्वांचल मोर्चे का अध्यक्ष बनने की विधि द��� चुके हैं, तभी तो ये सुबह-सुबह मिठाई बांट रहे थे कि अब तो मनोज उपाध्याय जी पूर्वांचल मोर्चे के जिला अध्यक्ष बनने ही वाले हैं क्या समझो बन गए।
बाकी आप खुद समझदार हैं… ऐसे “अनमोल रतन” बार-बार नहीं मिलते।
@CMOfficeUP@dr_maheshsharma@BJP4UP@BJP4India@BJP4NoidaMN@DCPCentralNoida@CP_Noida@noidapolice@63_sho
विश्वसनीय और गुप्त सूत्रों के अनुसार, चोटपुर कॉलोनी के पुस्ता रोड स्थित मनोज उपाध्याय की दुकान “उपाध्याय ट्रेडर्स” पर सभी गालीबाज इकट्ठा हुए हैं, जबकि मुख्य आरोपी फरार है। अब ये लोग राजनीतिक दबाव बनाकर, स्थानीय लोगों के माध्यम से और अलग-अलग जगहों से दबाव डलवाकर मोंटी ��ाघव से ट्वीट डिलीट करवाने या जबरन समझौता कराने की कोशिश कर रहे हैं।
वीडियो में केवल मोंटी राघव की मां-बहन को गाली नहीं दी गई, बल्कि थाने और चौकी के पुलिसकर्मियों तक को खुलेआम अपमानित किया गया है। एसीपी, डीसीपी स्तर के अधिकारियों और यहां तक कि एडिशनल ज्वाइंट सीपी जैसे उच्च अधिकारियों को भी गालियां दी गईं। गालीबाज खुलेआम यह तक कह रहा है कि “2 स्टार और 3 स्टार की क्या औकात है”, और धमकी भरे अंदाज़ में बोल रहा है कि जो उसकी बात काटेगा या उसके सामने खड़ा होगा, उसे वह नहीं छोड़ेगा।
यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं है—यह पूरे समाज, पुलिस व्यवस्था और देश की मातृ शक्ति के सम्मान का सवाल है। अगर कोई यह सोच रहा है कि दबाव बनाकर या समझौता कराकर मामला दबा दिया जाएगा, तो यह बहुत बड़ी भूल है।
नोएडा पुलिस और जिम्मेदार अधिकारियों से अपील है कि किसी भी प्रकार के राजनीतिक दबाव में आए बिना, कानून और अपनी ग��िमा को ध्यान में रखते हुए सख्त से सख्त कार्रवाई करें। ऐसे लोगों को संरक्षण देना ��ंद किया जाए और न्याय को निष्पक्ष रूप से होने दिया जाए।
चोटपुर–छजारसी कॉलोनी से जुड़ा एक वीडियो आज़ तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने स्थानीय सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में कथित तौर पर कुछ स्वयंभू समाजसेवी देर रात लगभग 3 बजे एकत्रित दिखाई दे रहे हैं, जहां पुलिस अधिकारियों के प्रति अत्यंत आपत्तिजनक और अमर्यादित भाषा का प्रयोग साफ सुनाई देता है।
वीडियो में जिन नामों का उल्लेख सामने आ रहा है, उनमें रोहित ठाकुर, मनोज उपाध्याय, हरीकिशोर सहित उनक��� सहयोगी शामिल बताए जा रहे हैं। विशेष रूप से एक युवक, जिसकी पहचान रोहित ठाकुर के रूप ��ें की जा रही है, वीडियो में जिस प्रकार की भाषा और तेवर अपनाते दिखाई दे रहे हैं , उसने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि यह युवक रोहित ठाकुर जो की मूल रूप से बिहार का रहने वाला है, मात्र अपने राजनीतिक चाटुकारिता व निकटता के बल पर खुद को अत्यधिक प्रभावशाली मानते हुए पुलिस व्यवस्था तक को खुलेआम चुनौती देता नजर आ रहा है।
वीडियो में “डॉक्टर से फोन कराने” की बात कही जा रही है, जिसे स्थानीय लोग ���्षेत्रीय सांसद जी से जोड़कर देख रहे हैं। इससे यह आशंका और गहरी हो जाती है कि कहीं राजनीतिक संरक्षण का नाम लेकर प्रशासनिक तंत्र पर दबाव बनाने का प्रयास तो नहीं किया जा रहा।
सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि वीडियो में पुलिसकर्मियों—यहां तक कि दो और तीन स्टार अधिकारियों—के लिए भी अत्यंत आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया गया है। एक महिला एसीपी के संदर्भ में भी अभद्र टिप्पणी किए जाने के आरोप सामने �� रहे हैं, जो न केवल कानून व्यवस्था बल्कि सामाजिक मर्यादा पर भी सीधा प्रश्नचिह्न लगाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समूह अक्सर थानों और चौकियों पर सामूहिक दबाव बनाकर मामलों में दखल देता है। आरोप यह भी है कि राजनीतिक पहचान और फोटोबाजी के जरिए प्रशासन पर अप्रत्यक्ष दबाव बनाया जाता है, जिससे निष्पक्ष कार्रवाई प्रभावित होती है। पूर्व में कॉलोनी के एक लाइनमैन के साथ मारपीट और उसके बाद उसी पर मुकदमा दर्ज होने की घटना को भी इसी संदर्भ में देखा जा रहा है। थाने चौकी में आए दिन इनकी दलाली की शिकायतें आती रहती हैं। अगर उनके मन माफीक काम नहीं होता है तो यह अपने राजनीतिक रसूख का उपयोग कर पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों पर दबाव बनाकर अपना काम करवाते हैं अन्यथा गाली देते हैं।
इस पूरे प्रकरण ने पुरे नोएडा में यह बहस तेज कर दी है कि क्या कुछ लोग राजनीतिक नाम और प्रभाव का इस्तेमाल कर स्वयं को कानून से ऊपर समझने लगे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि ऐसे व्यवहार से कॉलोनी का सामाजिक ताना-बाना प्रभावित हो रहा है और आम नागरिकों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।
इस मामले में दो प्रमुख ���ांगें सामने आई हैं—पहली, राजनीतिक नेतृत्व से अपेक्षा की जा रही है कि वह ऐसे विवादित तत्वों से दूरी बनाए और संगठन की साख को बनाए रख��े के लिए स्पष्ट रुख अपनाए। दूसरी, पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की जा रही है।
फिलहाल, यह मामला जांच और आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहा है, लेकिन वायरल वीडियो ने निश्चित रूप से स्थानीय व्यवस्था, राजनीतिक संरक्षण और कानून के दायरे को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
@Uppolice @DCPCentralNoida @63_sho @dgpup @CJP_for_India @CJP_2029 @PankajSinghBJP @DrKumarVishwas
@CP_Noida@DCPCentralNoida@63_sho@CMOfficeUP@India_NHRC@DainikBhaskar
नोएडा थाना सेक्टर-63 अंतर्गत यादराम मार्ग, चोटपुर कॉलोनी में साफ पानी की टंकी का लगातार ओवरफ्लो होकर सड़क पर बहना गंभीर लापरवाही एवं जल की खुली बर्बादी है। इससे न केवल जलस्तर प्रभावित हो रहा है बल्कि आम जनता का आवागमन भी बाधित हो रहा है।
स्थिति और गंभीर तब हो जाती है जब विरोध करने पर संबंधित व्यक्ति एवं उसका बेटा (जो मनी ट्रांसफर का कार्य करता है) राहगीरों के साथ गाली-गलौज करते हैं तथा उन्हें मारपीट की धमकी देते हैं, जो कि स्पष्ट रूप से दंडनीय अपराध है। साथ ही, उक्त मनी ट्रांसफर कार्य में कथित अनियमितताओं की भी चर्चा है, जिसकी निष्पक्ष जांच अत्यंत आवश्यक है।
@नोएडा_पुलिस से निवेदन है कि इस मामले में तत्का��� संज्ञान लेते हुए दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। सार्वजनिक समस्या उठाने वाले नागरिकों को गाली देना और धमकाना गंभीर अपराध है। समय रहते कार्रवाई न होने पर भविष्य में कोई बड़ी घटना घट सकती है।
चोटपुर कॉलोनी न जी से स्कूल के पास से देव नाम का लाइनमैन रोज रात को 11:00 से लाइन को हटा देता है जिससे स्थानीय लोगों ��ो लगातार रात में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हम लोगों के पास मीटर लगा हुआ है समस्या का शीघ्र समाधान कराने का कष्ट करें। @UPPCLLKO @aksharmaBharat @PMOIndia
माननीय जिलाधिकारी महोदय, नोएडा के ग्राम चोटपुर में कुछ जगह क्षेत्र 7 दिन मे से बिजली आपूर्ति बाधित है। भीषण गर्मी में लोगों को काफी प��ेशानी हो रही है। कृपया समस्या का संज्ञान लेकर शीघ्र समाधान कराने की कृपा करें।
@DM_GautamBuddhNagar
@thevoicenm एक तरफ कुमार भाई जैसे समाजसेवी पुलिस प्रशासन की मदद से रास्ते साफ करवा रहे हैं,गंदगी हटवा रहे हैं…
��र दूसरी तरफ कुछ लोग अपनी गली ऊंची करवा कर सरकारी बनी बनाई गलियों को डुबो रहे हैं।
इस पर बीजेपी का क्या रुख है?