#मीडिया_का_काम_अफवायें_फैलाना नहीं सच्चाई बताना है
Why is the media linking the name of Sant Rampal Ji Maharaj with fake and hypocritical babas?
STOP SHOWING FAKE NEWS On Sant RampalJi.
Only Sant Rampal Ji Maharaj is the complete sant on this earth and is completely innocent.
📡 LIVE HINDI #satsang
अवश्य देखिए जगत गुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के अमृत वचन, सर्व पवित्र धर्मों के पवित्र शास्त्रों के आधार पर, अब प्रतिदिन शाम 07:30 से 08:30 बजे तक; सुप्रसिद्ध TV Channel Sadhna Channel पर।
Episode - 3663
https://t.co/o8orAxkwZ4
#परमात्मा_पर_किये_गए_जुल्म
कुएं में दबाने का प्रयास भी विफल रहा। कबीर साहेब हर बार अपने विरोधियों को अपनी दिव्य शक्ति का परिचय देते रहे।
📖 अधिक जानकारी के लिए पढ़ें पुस्तक ज्ञान गंगा तथा देखें साधना TV पर संत रामपाल जी महाराज के सत्संग।
6Days Left Kabir Prakat Diwas
#परमात्मा_पर_किये_गए_जुल्म
⤵️⤵️
सम्राट सिकंदर लोधी ने एक गर्भवती गाय के चार टुकड़े कर दिए और कबीर साहेब को धमकी दी कि यदि गाय जिंदा नहीं की तो मारे जाओगे। कबीर साहेब ने पलक झपकते ही मृत गाय व उसके बछड़े को जीवित कर दिया।🖥️🪩
6Days Left Kabir Prakat Diwas
@anitada23854181
#परमात्मा_पर_किये_गए_जुल्म
"उबलते तेल की कढ़ाई में डालना"
शेखतकी ने हजारों लोगों के सामने कबीर साहेब को खौलते हुए तेल के कड़ाहे में डाल दिया। लेकिन परमात्मा कबीर जी उसमें ऐसे आराम से बैठे रहे जैसे ठंडे जल में बैठे हों; उन्हें खरोंच तक नहीं आई।।।
6Days Left Kabir Prakat Diwas
#परमात्मा_पर_किये_गए_जुल्म एक बार सत्संग के दौरान शेखतकी ने सैनिकों द्वारा कबीर साहेब को कोड़े (चाबुक) मरवाए। सर्वशक्तिमान और अमर शरीर होने के कारण कबीर साहेब पर इसका कोई असर या निशान नहीं पड़ा।
6Days Left Kabir Prakat Diwas
#परमात्मा_पर_किये_गए_जुल्म
6Days Left Kabir Prakat Diwas
तलवारों से वार करना
शेखतकी ने रात के समय कुटिया में सो रहे कबीर साहेब की हत्या के लिए गुंडों से बेतहाशा तलवारें चलवाईं। लेकिन कबीर जी का शरीर अविनाशी और नूरी होने के कारण तलवारें उनके शरीर के आर-पार निकल गईं।
#परमात्मा_पर_किये_गए_जुल्म
कुएं में धकेल कर ऊपर से मिट्टी-पत्थर डालना
कबीर साहेब को एक गहरे झेरे कुएं में धकेल दिया गया और ऊपर से मिट्टी तथा भारी पत्थर डाल दिए गए ताकि वे दबकर मर जाएं। लेकिन वे कुएं से सुरक्षित बाहर आ गए।
6Days Left Kabir Prakat Diwas
#परमात्मा_पर_किये_गए_जुल्म
तोप से गोले दागना
शेखतकी ने कबीर साहेब पर लगातार 12 घंटे (4 पहर) तक तोप से गोले चलवाए। लेकिन एक भी गोला उनके पास तक नहीं पहुंचा। अंत में कबीर साहेब वहां से अंतर्ध्यान होकर संत रविदास जी की कुटिया में प्रकट हो गए।
6Days Left Kabir Prakat Diwas
#परमात्मा_पर_किये_गए_जुल्म
6Days Left Kabir Prakat Diwas
झोपड़ी में आग लगाकर जलाने का प्रयास
विरोधियों ने रात के समय कबीर साहेब की झोपड़ी (कुटिया) को चारों तरफ से बंद करके उसमें आग लगा दी ताकि वे जलकर भस्म हो जाएं, लेकिन आग बुझने के बाद वे सुरक्षित बैठे मिले।
#परमात्मा_पर_किये_गए_जुल्म
Kabir Sahib Ji jab satsang kar rahe the tab Sekhtaki ke aadesh se ek sipahi Ne Kabir ji ke gale mein Khatarnak jahreela saanp Dal Diya, lekin gale mein jaate hi Sundar phoolon ki Mala ke roop mein badal gaya.
6Days Left Kabir Prakat Diwas
#परमात्मा_पर_किये_गए_जुल्म
Venomous Snake
During a Satsang, a poisonous snake was placed around Kabir Sahib's neck. Instantly, it transformed into a beautiful flower garland.
6Days Left Kabir Prakat Diwas
#परमात्मा_पर_किये_गए_जुल्म
तोप से गोले दागना
शेखतकी ने कबीर साहेब पर लगातार 12 घंटे (4 पहर) तक तोप से गोले चलवाए। लेकिन एक भी गोला उनके पास तक नहीं पहुंचा। अंत में कबीर साहेब वहां से अंतर्ध्यान होकर संत रविदास जी की कुटिया में प्रकट हो गए।
#परमात्मा_पर_किये_गए_जुल्म
💐💮💐💮💐💮💐💮💐💮💐
शेखतकी ने रात के समय कुटिया में सो रहे कबीर साहेब की हत्या के लिए गुंडों से बेतहाशा तलवारें चलवाई। लेकिन कबीर जी का शरीर अविनाशी और नूरी होने के कारण तलवारें उनके शरीर के आर-पार निकल गईं।🎋🌾🎋🌾🎋
6Days Left Kabir Prakat Diwas
#परमात्मा_पर_किये_गए_जुल्म
शेखतकी ने जान से मारने के लिए कबीर जी पर तांत्रिक विद्या (मूठ) छोड़ी। कबीर साहेब पर इसका कोई असर नहीं हुआ; उल्टा वह मूठ शेखतकी को ही लगी, इससे शेखतकी की मौत हो गई और उसे भी कबीर जी ने पुनः जीवित किया।
6Days Left Kabir Prakat Diwas
#परमात्मा_पर_किये_गए_जुल्म
कबीर परमेश्वर को एक गहरे झेरे कुएं में धकेल दिया गया और ऊपर से मिट्टी तथा भारी पत्थर डाल दिए गए ताकि वे दबकर मर जाएं। लेकिन वे कुएं से सुरक्षित बाहर आ गए।
6Days Left Kabir Prakat Diwas
#काशी_वाला_कबीर_ही_भगवान_है
✨संत गरीबदास जी ने अमरग्रन्थ साहिब में स्पष्ट किया है कि काशी वाला कबीर भगवान है।
गरीब, परमेश्वर एक कबीर है, दूजा नहीं आधार।
दास गरीब सकल सृष्टि का, यो ही सिरजन हार।।