@imonkeymagic @kunal492001 Monkey magic cylinder 350 ka aata tha ₹15 delivery boy ki to 365 ka parda tha lagta hai tum 2014 ke bad paida hua isliye tujhe jankari nahin hai
हरसिंगार साईटिका व जोड़ों के दर्द के लिए अमृत दवाई सफल चमत्कारी इलाज....
जब सभी दवाइयां काम करना बंद कर दे तब यह अमृत की तरह असर दिखाती है पूरी रात सुगंधी बिखेरता पारिजात,भोर होते ही अपने सभी फूल पृथ्वी पर बिखेर देता है अलौकिक सुगंध से सराबोर इ���का पुष्प केवल मन को ही प्रसन्न नहीं करता,अपितु तन को भी शक्ति देता है एक कप गर्म पानी में इसका फूल डालकर पियें,अद्भूत ताजगी मिलेगी...यह पश्चिम बंगाल का राजकीय पुष्प है स्वर्ग में इसको छूने से देव नर्तकी उर्वषी की थकान मिट जाती थी,पारिजात नाम के इस वृक्ष के फूलों को देव मुन�� नारद ने श्रीकृष्ण की पत्नी सत्यभामा को दिया था,इन अदभूत फूलों को पाकर सत्यभामा भगवान श्री कृष्ण से जिद कर बैठी कि पारिजात वृक्ष को स्वर्ग से लाकर उनकी वाटिका में रोपित किया जाए सत्यभामा की जिद पूरी करने के लिए जब श्री कृष्ण ने पारिजात वृक्ष लाने के लिए नारद मुनि को स्वर्ग लोक भेजा तो इन्द्र ने श्री कृष्ण के प्रस्ताव को ठुकरा दिया और पारिजात देने से मना कर दिया,जिस पर भगवान श्री कृष्ण ने गरूड पर सवार होकर स्वर्ग लोक पर आक्रमण कर दिया और परिजात को प्राप्त कर लिया,श्री कृष्ण ने यह पारिजात लाकर सत्यभामा की वाटिका में रोपित कर दिया भगवान श्री कृष्ण ने पारिजात को लगाया तो था सत्यभामा की वाटिका में,परन्तु उसके फूल उनकी दूसरी पत्नी रूकमणी की वाटिका में गिरते थे,एक मान्यता के अनुसार परिजात वृक्ष की उत्पत्ति समुन्द्र मंथन से हुई थी, जिसे इन्द्र ने अपनी वाटिका में रोप दिया था यह वृक्ष एक ��जार से पांच हजार वर्ष तक जीवित रह सकता है,पारिजात वृक्ष के वे ही फूल उपयोग में लाए जाते है,जो वृक्ष से टूटकर गिर जाते है,यानि वृक्ष से फूल तोड़ने की पूरी तरह मनाही है यह वृक्ष आसपास लगा हो खुशबू तो प्रदान करता ही है,साथ ही नकारात्मक उर्जा को भी भगाता है,इस उपयोगी वृक्ष को अवश्य ही घर के आसपास लगाना चाहिए पारिजात एक पुष्प देने वाला वृक्ष है, इसे हरसिंगार, शेफाली, शिउली आदि नामो से भी जाना जाता है इसका वृक्ष 10 से 15 फीट ऊँचा होता है पारिजात पर सुन्दर व सुगन्धित फूल लगते हैं....इसकी सबसे बड़ी पहचान है सफ़ेद फूल और केसरिया डंडी होती है...इसके फूल रात में खिलते है और सुबह सब झड जाते है..पारिजात अत्यंत लाभकारी ओषधि हैं.... जो अनेक रोगों को दूर करने में सहायक है
◾ साईटिका का सफल इलाज ◾
एक पैर मे पंजे से लेकर कमर तक दर्द होना साइटिका या रिंगण बाय कहलाता है..प्रायः पैर के पंजे से लेकर कूल्हे तक दर्द होता है जो लगातार होता रहता है... मुख्य लक्षण ��ह है कि दर्द केवल एक पैर मे होता है...दर्द इतना अधिक होता है कि रोगी सो भी नहीं पाता हारसिंगार के 10-15 कोमल पत्ते को कटे फटे न हों तोड़ लाएँ....पत्ते को धो कर थोड़ा सा कूट ले या पीस ले.....बहुत अधिक बारीक पीसने कि जरूरत नहीं है। लगभग 200-300 ग्राम पानी (2 कप) मे धीमी आंच पर उबालें.....तेज आग पर मत पकाए....चाय की तरह पकाए,चाय कि तरह छान कर गरम गरम पानी (काढ़ा) पी ले...पहली बार मे ही 10% फायदा होगा...प्रतिदिन 2 बार पिए ... इस हरसिं���ार के पत्तों के काढ़े से 15 मिनट पहले और 1 घंटा बाद तक ठंडा पानी न पीए,दही लस्सी और आचार न खाएं।
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सफ़ेद शक्कर (चीनी )ज़हर है चीनी से इतनी नफरत हो जायेगी की कभी नही खायेगे...
क्या आपको पता है आपके घर में रोजाना इस्तेमाल में आने वाली एक ऐसी चीज है। जिसके कारण 132 करोड की आबादी वाले इस देश में लगभग हर घर में किसी ना किसी को हार्टअटैक, कोलेस���ट्रॉल, हाई ब्लड प्रेशर, ब्रेंनहमरेज, डायबिटीस जैसी कई बीमारियां का सामना करना पड़ता है और उसे हर घर में किसी ना किसी रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है । यहां तक कि बाजार में में मिल��े वाली हर मीठी चीज बनाने में इसका इस्तेमाल होता ही है। उस वस्तु का नाम है चीनी। आपने बिल्कुल सही सुना सफेद चीनी। अभी हम चीनी के बारे में जो बताने वाले हैं फिर आप हैरान रह जाएंगे कि जो आप खा रहे हैं । उससे आपके स्वास्थ पर कितना बुरा प्रभाव पड़ता है । दोस्तों आज कल के इस दौर में खानपान को लेकर लोगों की सोच में काफी बदलाव आ चुका है । यह तो आपको पता है कि आज हर घर में मिठास के लिए लोग चीनी इस्तमाल अलग-अलग तरीके से करते हैं। पर आपको पता है भोजन में मिठास लाने के लिए हम जिस चीनी का इस्तेमाल करते हैं वह शरीर में जाने के बाद 103 बिमारियों का कारण बनती है
चीनी एक जहर है जो मौ T का अनेक रोगों का कारण है...जानिये कैसे....???
1- चीनी बनाने की प्रक्रिया में गंधक का सबसे अधिक प्रयोग होता है। गंधक माने पटाखों का मसाला होता है।
2- गंधक अत्यंत कठोर धातु है जो शरीर मेँ चला तो जाता है परंतु बाहर नहीँ निकलता।
3- चीनी कॉ��ेस्ट्रॉल बढ़ाती है जिसके कारण हृदयघात या हार्ट अटैक आता है।
4- चीनी शरीर के वजन को अनियन्त्रित कर देती है जिसके कारण मोटापा होता है।
5- चीनी रक्तचाप या ब्लड प्रैशर को बढ़ाती है।
6- चीनी ब्रेन अटैक का एक प्रमुख कारण है।
7- चीनी की मिठास को आधुनिक चिकित्सा मेँ सूक्रोज़ कहते हैँ जो इंसान और जानवर दोनो पचा नहीँ पाते।
8- चीनी बनाने की प्रक्रिया मेँ तेइस हानिकारक रसायनोँ का प्रयोग किया जाता है।
9- ���ीनी डाइबिटीज़ का एक प्रमुख कारण है।
10- चीनी पेट की जलन का एक प्रमुख कारण है।
11- चीनी शरीर मे ट्राइग्लिसराइड को बढ़ाती है।
12- चीनी पैरालिसिस अटैक या लकवा होने का एक प्रमुख कारण है।
13- चीनी बनाने की सबसे पहली मिल अंग्रेजो ने 1868 मेँ लगाई थी।
उसके पहले भारतवासी शुद्ध देशी गुड़ खाते थे और कभी बीमार नहीँ पड़ते थे।
14- कृपया जितनी जल्दी हो सके, चीनी से गुड़ पे आएँ।
हम सबका मिशन है कि इस देश में रोगों ��े मुक्त बनाना है चीनी का इस्तेमाल पूरी तरह बंद हो। जब लोग चीनी खरीदना ही बंद कर देंगे तो चीनी बनना भी बंद हो जाएगा और यह है कि हम चाहते हैं। इसलिए सभी मित्र रिट्वीट शेयर करें। हर व्यक्ति तक यह संदेश पहुंचाना होगा। ताकि वह चीनी के इस मीठे जाल से बाहर निकल सके। यह मिशन आप के बिना संभव नहीं होगा। इसलिए हर एक मित्र इस आर्टििकल को शेयर रिट्वीट करें और चीनी को हमेशा के लिए अलविदा करे...
जब वो उसे पप्पू कहते थे - मीडिया मौन ही नही था बल्कि साथ दिया।
जब वो उसे मं���बुद्धि कहते थे - मीडिया मौन ही नही था बल्कि साथ दिया।
जब उन्होंने उसे हाइब्रिड बछड़ा कहा - मीडिया मौन ही नही था बल्कि साथ दिया।
उसकी मां को जर्सी गाय कहा गया - मीडिया मौन ही नही था बल्कि साथ दिया
उन्होंने उसकी मां को बार डांसर कहा - फिर भी मीडिया साथ दिया।
लेकिन जब...
राहुल गांधी ने पनौती को पनौती कहा,
पूरा मीडिया उनकी आलोचना करने में लग गया उनसे माफी मांगने की मांग करने लगा।
बस इसी लिए भारतीय मीडिया को गोदी मीडिया कहा जाता है इनको साहब के तलवे चाटने रहते है।
#पनौती
#PanautiModi
#PanautiPM
#panauti
अफगानिस्तान में टाइम वेल में फंसा मि���ा महाभारत कालीन विमान....
महाभारत कल्पना नहीं, एक हकीकत लंबे समय से रामायण, महाभारत काल को केवल एक काल्पनिक गाथा के रुप में माना जा रहा था। परंतु यह सत्य नहीं है। जो लोग इस काल को काल्पनिक मान रहे हैं, उन्हें अब यह स्वीकार करना होगा कि महाभारत और रामायण काल भारत का गौरवमयी इतिहास था। जिसे कोरी कल्पना मानना एक भूल थी। अफगानिस्तान की विशाल गुफा में टाइम वेल में 5000 साल पुरान महाभारत कालीन विमान के फंसे होने की पुष्टि हुई है। इस विमान के मिलने का खुलासा वायर्ड डॉट कॉम की एक रिपोर्ट में किया गया है।
अफगानिस्तान में सदियों पहले था आर्यों का राज
मौजूदा अफगानिस्तानन में हिंदू कुश नाम का एक पहाड़ी क्षेत्र है ।जिसके उस पार कजाकिस्तान, रूस और चीन देश हैं। ईसा के 700 साल पूर्व तक यहां पर आर्यों का साम्राज्य था। इसके उत्तरी क्षेत्र में गांधार महाजनपद था। जिसके बारे में म��ाभारत के अलावा कई अन्य ग्रंथों में उल्लेख मिलता है। अफगानिस्तान की सबसे बड़ी होटलों की श्रृंखला का नाम आर्याना था। इतना ही नहीं हवाई कंपनी भी आर्याना के नाम से जानी जाती थी। इस्लाम धर्म से पहले मौजूदा अफगानिस्तान को आर्याना, आर्यानुम्र वीजू, पख्तिया, खुरासान, पश्तूनख्वाह और रोह नामों से पुकारा जाता था। वहीं पारसी मत के प्रवर्तक जरथ्रुष्ट द्वारा रचित ग्रंथ जिंदावेस्ता में इस ��ूखंड को ऐरीन-वीजो या आर्यानुम्र वीजो कहा गया है। सबसे खास बात यह है कि मौजूदा अफगानिस्तान के गांवों में बच्चों के नाम कनिष्क, आर्यन, वेद हैं। जो इस बात को प्रमाणित करता है कि यहां पर कभी आर्यों का राज था
अफगानिस्तान की गुफा में मौजूद है 5000 साल पुराना विमान मौजूदा अफगानिस्तान में 5000 साल पुराने महाभारत कालीन एक विमान मिला है। यह विमान महाभारत काल का माना जा रहा है। इसका खुलासा वायर्ड डॉट कॉम की ��क रिपोर्ट में किया गया है। अफगानिस्तान की एक प्राचीन गुफा में महाभारत काल का यह विमान टाइम वेल में फंसा हुआ है। इसी कारण यह आज तक सुरक्षित बना हुआ है। जो विमान मिला है, इसके आकार प्रकार का पूर्ण विवरण महाभारत व अन्य प्राचीन ग्रंथों में मौजूद है। वायर्ड डॉट कॉम की एक रिपोर्ट में किए गए खुलासे अनुसार प्राचीन भारत के पांच हजार वर्ष पुराने इस विमान को बाहर निकालने की सभी कोशिशें नकाम हो चुकी है। अमेरिका नेवी के आठ कमांडो इस विमान के पास पहुंचने में कामयाब भी हुए। परंतु टाइम वेल सक्रिय होने पर यह सभी गायब हो गए। अमेरिकी, रुस राष्ट्रपति सहित ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी के राष्ट्राध्यक्षों के साथ मिलकर इस साइट का अतिगो��नीय दौरा भी किया जा चुका है।
क्या होता है टाइम वेल -
टाइम वेल इलेक्ट्रोमैग्नेटिक शॉकवेव्स से सुरक्षित क्षेत्र होता है। इस कारण इस क्षेत्र में मौजूद सामान सुरक्षित रहता है। यही कारण है कि इस विमान के पास जाने की चेष्टा करने वाला कोई भी व्यक्ति इसके प्रभाव के कारण गायब या अदृश्य हो जाता ह
विमान की क्या है खासियत -
रशियन फॉरेन इंटेलिजेंस सर्विज की रिपोर्ट अनुसार इस 5000 साल पुराने विमान का जब इंजन शुरू होता है। जिसमें से बहुत तेज रोशनी निकलती है। इस विमान के चार पहिए है। इसमें कई तरह के हथियार भी लगे हुए हैं। यह सभी हथियार प्रज्जवलन शील है। इन्हें किसी लक्ष्य पर केन्द्रित किया जा सकता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह टाइम वेल सर्पाकार है। इसके संपर्क में आते ही सभी जीवित प्राणियों का अस्तित्व समाप्त हो जाता है। इस सर्पाकार टाइम वेल की थ्योरी समझने के लिए वैज्ञानित प्रयासरत है��। फिलहाल तक इस टाइम वेल का समाधान ��हीं निकाला जा सका है....
जय सनातन धर्म,जय श्रीराम,जय श्रीराधे गोविंदा
कैलाश विजयवर्गीय कोलकाता के एक बलात्कार केस में जमानत पर घूम रहे हैं। ये बात अलग है कि BJP के लोग बलात्कार के केस को "मेडल" की तरह सीने पे सज़ा के घूमते हैं।
खबर है कि MP विधानसभा चुनाव की उम्मीदवारी वाले हलफ़नामे मे विजयवर्गीय ने इस केस का ज़िक्र नहीं किया है।
अगर यह बात सच है तो कैलाश विजयवर्गीय की उम्मीदवारी फ़ौर��� रद्द की जानी चाहिए..बलात्कार के केस में सज़ा नहीं हुई पर केस अगर है तो हलफ़नामे में बताना चाहिए था ना?? क्यों छुपाया??
चुनावी हलफ़नामे में केस छुपाना क़ानूनी जुर्म है, चुनाव आयोग तो कुछ करेगा नहीं पर आप गूगल पर इस केस के बारे मे ज़रुर पढ़िए और इस ट्वीट को REPOST कीजिए।