पेपर लीक की वजह से आत्महत्या करने वाले बच्चों के लिए इसका कहना है कि वो बच्चे मास्टरबैशन करते थे इसीलिए आत्महत्या कर ली।
उन पीड़ित बच्चों पर इतनी ओछी टिप्पणी करने वाले इस हरामखोर की शक्ल देखें। सत्ता की चापलूसी में और कितना गिरेंगे ?
अभिजीत दिपके @abhijeet_dipke और #cjp पार्टी का भी सिर्फ धरना देने से कम नहीं चलेगा ऐसे लोगों पर #FIR भी दर्ज करवानी चाहिए।
पहले दाढ़ी वाले मुसलमान को दाढ़ी वाले हिंदू से लड़वाया...
फिर दाढ़ी वाले मुसलमान को दाढ़ी वाले मुसलमान से भिड़ाया...
जब उससे भी मन नहीं भरा, तो मीडिया वाले, दाढ़ी वाले हिंदू को दाढ़ी वाले हिंदू से ही लड़वा रहे हैं... और खुद तमाशा देख रहे हैं.
वाह! क्या शानदार कारोबार है।
दिल्ली में फ़िरोज़ को बेरहमी से पीटा गया, उसपर लड़की कि तस्वीर लेने का आरोप लगाया गया, जबकि फ़िरोज़ का कहना है कि उसे जानबूझ कर निशाना बनाया गया, कपिल नाम के युवक ने पहले से प्लान कर उसकी पिटाई कि, मतलब एक मुसलमान को निशाना बनाना अब कितना आसान हो गया है, सरेआम गुंडागर्दी चल रही।
तनुज उर्फ अनुज और उसके साथियों ने विशाल की बेरहमी से हत्या कर दी। चूंकि हत्यारे ‘दूसरे’ नहीं है इसलिए मजाल भला कि हिन्दू रक्षा दल टाइप झुंड विशाल की हत्या पर दुःख ज़ाहिर कर पाए। मजाल भला कि भाजपा सरकार हत्यारे का घर घिरा पाए। मजाल भला कि पुलिस हत्यारे का एनकाउंटर कर पाए।
"काश मैं मर गया होता!"
20 साल के शेमान खान अपनी बहन की शादी का निमंत्रण पत्र बांटकर लौट रहे थे, तभी यूपी के मेरठ में सादे कपड़ों में आए पुलिसकर्मियों ने उन पर कथित तौर पर हमला कर दिया। आरोप है कि खान की कमर में 3 गोलियां मारी गईं।
एक गोली ने उनकी पीठ के निचले हिस्से को बुरी तरह नुकसान पहुंचाया, जिससे उनकी कमर के नीचे का हिस्सा लकवाग्रस्त हो गया। पिछले 7 सालों से वे खाट पर बैठे जवाबों का इंतज़ार कर रहे हैं।
"Wish I had died"
Sheman Khan, 20, was returning after distributing his sister's wedding invite, when he was ambused by policemen in plain clothes in Meerut, UP. He was shot thrice in his waist. One of the bullets ruptured the lower back and left him paralyzed waist down. For the past 7 years he has been sitting on a cot, waiting for answers.
Reporting with @Sachingupta
मुहम्मद साहब के अपमान के बाद प्रधानमंत्री की जवाबदेही तय करने के लिए मैंने अनुरोध किया था कि 1000 लोग ट्वीट के नीचे #ArrestNaziaElahi लिखें।
मगर 500 से ज्यादा लोगों ने नहीं लिखा।
आज फिर PM @narendramodi को टैग कर रहा हूँ। इसके नीचे #ArrestNaziaElahi के साथ एक विचार सभ्य भाषा में कमेंट कर दें।
⚠️मैं वादा करता हूँ ये सरकार कम से कम इस मामले में जल्द कानूनी कार्यवाही करेगी।
Here are a few videos of @anjanaomkashyap and ABVP member Shreyansh. Even the audience are fixed to target the opposition.
The same guy is seen on Rubika Liyaquat, Amish Devgan and India TV debates too..
अगर Passport, Birth Certificate, Aadhaar Card और Voter ID Card भी नागरिकता के दस्तावेज़ नहीं हैं, तो फिर नागरिकता साबित करने के लिए कौन-सा दस्तावेज़ चाहिए?
बरेली में मोहर्रम जुलूस के दौरान 'पाकिस्तान ज़िन्दाबाद' के नारे लगाए जाने का दावा करते हुए एक वीडियो भारत समाचार समेत कई यूज़र्स ने शेयर किया. जबकि पुलिस की जांच में कुछ और ही सामने आया. देखिए क्या था पूरा मामला #AltNewsVideoReport#FactCheck
सोशल मीडिया पर आवाज़ उठाने की वजह से ही आज इसको माफी मांगनी पड़ रही है।
तेलंगाना के वायरल वीडियो में एक मुस्लिम परिवार को "पाकिस्तानी" कहकर अपमानित करने वाला व्यक्ति।
ट्रक ड्राइवर शेख लाला नजीर अहमद और शेख मुश्ताक के साथ मवेशियों को नंदरवाड़ा से महाराष्ट्र ले जा रहे थे। तभी सिवनी मालवा (मध्य प्रदेश) के बाराखाड़ गांव के पास उनकी गाड़ी को रोका गया। एक भीड़ ने ट्रक में सवार लोगों पर लाठियों और डंडों से हमला किया। बाद में नजीर अहमद की गंभीर चोटों की वजह से मौत हो गई। सबूतों की अच्छी तरह जांच करने के बाद कोर्ट ने पाया कि आरोपियों ने लाठियों और डंडों से लैस होकर गैरकानूनी भीड़ बनाई थी और एक ही मकसद को पूरा करने के लिए काम किया था। कोर्ट ने इस घटना को मॉब लिंचिंग का साबित मामला माना। अदालत ने कहा कि बेरहमी से किए गए हमले की वजह से नजीर को गंभीर चोटें आई थीं। कोर्ट ने मेडिकल सबूतों पर भरोसा किया, जिनसे पता चला कि मृतक के सिर और शरीर पर कई चोटें आई थीं। नजीर अहमद को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था और पोस्टमार्टम में खोपड़ी टूटने और शरीर पर कई जगह चोट लगने जैसी गंभीर चोटें पाई गई थीं। हालांकि, दोषियों को कोर्ट ने मौत की सजा देने से इनकार कर दिया. कहा कि मौत की सजा बहुत ही दुर्लभ मामलों के लिए ही दी जानी चाहिए।
जिस रोज़ अदालत ने मुजरिमों की सज़ा सुनाई, तो मुजरिमों के परिजनों ने पुलिस वाहन को घेरकर विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद सोशल मीडिया पर नफ़रती कुंठित एवं घृणित गैंग जज तबस्सुम खान की तस्वीर लगाकर भद्दे कमेंट कर रहा है। जज साहिबा के खिलाफ अशोभनीय टिप्पणी करते हुए उनकी धार्मिक पहचान को निशाना बनाया जा रहा है। मध्य प्रदेश में कुछ हिन्दुवादी संगठनों ने जज का पुतला फूंकते हुए उनके खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए हैं, उसके वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। सवाल यह है कि क्या सुप्रीम कोर्ट को इसका संज्ञान नहीं लेना चाहिए? क्या यह अदालत की तौहीन नहीं है?
जज के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले ये अराजक तत्व क्या चाहते हैं? पूरी दुनिया में ऐसी घटनाएँ कहीं नहीं होतीं, जहां जानवर के नाम पर इंसान को मार दिया जाए? इंसान को मारने वाले हत्यारों को सज़ाएँ हुईं तो उन्हें ‘योद्धा’ बताकर जज को बुरा-भला कहा जा रहा है। ज़रा पता करो कि कितने हिंदुओं ने उन हत्यारों से कहा था कि जाओ जाकर गाय के नाम पर इंसान को मार दो? वास्तविकता यह है कि जो गैंग जज को बुरा भला कह रहा है उसको भी सज़ा होनी चाहिए, क्योंकि यही गैंग आम हिंदुओं को अपराधी बना रहे हैं। ये इन घटनाओं के मास्टरमाइंड हैं। जिन मुजरिमों को सज़ा हुआ है उनके परिजनों का कहना था कि उनके बच्चे तो गौ सेवा और गौ रक्षा के लिए गए थे, लेकिन अब उन्हें इस घटना का नतीजा भुगतना पड़ रहा है।
सुनिये मुसलमानों को किस तरह फंसाया जाता है।
जिला बिजनौर में 4 दिन पहले खेत में गोकशी हुई। हिंदू संगठन पहुंचे, हंगामा किया। हसन, शमीम, शफीक पर गोकशी का आरोप लगाया।
पुलिस जांच में पता चला है कि मौजूदा प्रधान जगपाल ने अपने राजनीतिक प्रतिद्वंदी हसन को फंसाने के लिए ऐसा करवाया था। ब्रह्मपाल उर्फ संता गाय का बच्चा (बछड़ा) लेकर आया था, जिसे काटा गया।
इस मामले में प्रधान जगपाल, उसका भाई किरणपाल लाला, खेत मालिक रामअवतार, ब्रह्मपाल उर्फ संता और फैजान गिरफ्तार हैं। जुबैर, सलमान, फारुख फरार हैं।
उमर खालिद ने कभी हथियार नहीं उठाया पर अंधभक्त उसे आतंकवादी कहते है
भरत तिवारी अवैध हथियार रखता था पुलिस पर फायरिंग का दोषी है फिर भी अंधभक्त उसे राष्ट्रवादी औऱ समाज सेवी कह रहे है।
नाम देखकर ही आतंकवाद की परिभाषा तय करोगे ?
नंदू एकबार जूता पकड़ना मेरा।