Urgent Rt
12 साल से गौ व्रती हूँ मतलब अन्न त्याग कर चुका हूँ
@Sanket15213 ने मुझे शराबी और ना जाने क्या क्या कहा रहा है एक्सपोज़ करेगा
संकेत अगर आपकी की बातें सच है तो मुझे अपना पता और फ़ोन नंबर भेज दो ताकि आप कोर्ट में सब सच बताओ और पूरे देश को भी पता चले
मैं कोर्ट में प्रतीक्षा करूँगा मेरी जाँच कराए मैंने जीवन में शराब का सेवन किया है या नहीं और जो ये एक्सपोज़ करेगा वो कोर्ट के सामने करें
जब तक गौहत्या होगी मैं अन्न ग्रहण नहीं करूँगा और केश नहीं कटवाऊँगा
ये भी बताना कोर्ट में मैंने कैसे हिंदुओं को डिवाइड किया.
सरकारी विज्ञापनों से लेकर 58 लाख दीयों तक, मोदी जी के Birthday का ऐसा celebration कि अब बस यही समझना बाकी है कि मोदी जी को राम से ऊपर कब स्थापित कर दिया गया।
राम को लाने वाले का Birthday है, इसलिए दिया जलाइए, ढोल बजाइए, और AI से गाना भी बनवाइए!
जिस #जियोनिज्म को खत्म करना दुनिया भर के मुसलमानों एकमात्र मकसद है? यहूदियों के कब्जे से जिस #अल_अक्सा_मस्जिद को दुबारा हासिल करना हर मुसलमान का एकमात्र ख्वाब है।
आज उन्हीं मुसलमानों की सबसे मकद्दस जमीं #सऊदी_अरब ने अपना अस्तित्व बचाने के लिए यहूदियों के एकमात्र देश #इसराइल से मदद की गुहार लगाई है। #मक्का_पैक्ट से वजूद पर मंडराते खतरे को राहत नहीं मिली। क्योंकि सुन्नी मुल्क पाकिस्तान और तुर्किए अपने हम मजहब के खिलाफ दगाबाज साबित हुए।
सऊदी ने मदद क्यों मांगी? क्योंकि शिया लड़ाकों की फौज #अंसार_अल्लाह ने #सुन्नी_सऊदी को विनाश के कगार पर पहुंचा दिया है। वैसे भी संभवतः हदीस में कहा गया है, अल्लाह से मांगे #आधे_दिन का समय सन 2026 में खत्म हो रहा है। अल्लाह का कहा गलत कैसे हो सकता है?
आखिर, #ब्याजखोर_मुसलमान की हिफाजत अल्लाह क्यों करेगा? कुरान में अल्लाह ने आठ जगह कहा है, "...सूदखोरों से मेरी सीधी जंग होगी।" बाकी किसी गुनाह में अल्लाह ने खुद से सीधी जंग की बात नहीं कही।
हालांकि सऊदी ने यह मदद बजरिए #अमेरिकी_सेंट्रल_कमांड मांगी है। सीधे नहीं। वैश्विक हालात बहुत तेजी के साथ बदल रहे हैं।
पर एक बात फिर कह रहा हूं। बार-बार कहता हूं, पूरी दुनिया में जंग #आस्थाओं के बीच है, जो समाज अपनी आस्था पर जितना दृढ़, उसकी जीत उतनी तय।
स्वतंत्र भारद्वाज के केस में पटियाला हाउस कोर्ट गए उनके समर्थकों पर कथित तौर पर भीम आर्मी के गुंडों ने लाठी-डंडों से आक्रमण किया। कुछ लड़कों को गंभीर चोटें आई हैं। यह वीडियो मुझे वहाँ उपस्थित किसी व्यक्ति ने भेजा है।
यदि यही सब होता रहा, तो समाज को @BJP4India एक आंतरिक जातिगत संघर्ष में झोंक देगी क्योंकि भाजपा के मोदी एक्ट का बवासीर केवल झूठे केस बनाने तक सीमित नहीं रह गया है, अब इस तरह से सरेआम गुंडागर्दी होगी और सवर्ण पिटते रहेंगे।
हरियाणा में SC/ST एक्ट के कथित दुरुपयोग का मामला, परिवार पर 1.80 करोड़ रुपये की संपत्ति जुटाने का आरोप
हरियाणा से एक गंभीर मामला सामने आने का दावा किया जा रहा है, जिसमें एक परिवार पर बार-बार कथित रूप से झूठे SC/ST एक्ट के मुकदमे दर्ज कराकर आर्थिक लाभ लेने और करीब 1 करोड़ 80 लाख रुपये की संपत्ति अर्जित करने के आरोप लगाए गए हैं।
मामले को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठ रहे हैं कि यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो ऐसे मुकदमों के कारण कितने निर्दोष लोगों को कानूनी, सामाजिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा होगा।
हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी आवश्यक है।
जयंत चौधरी की पत्नी के भाषण पर योगी आदित्यनाथ ने सिर हिलाकर जताई सहमति, अपील ने खींचा ध्यान
राष्ट्रीय लोकदल प्रमुख जयंत चौधरी की पत्नी चारू चौधरी का भाषण चर्चा में है। स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह के परिवार की बहू चारू चौधरी ने अपने संबोधन में प्रभावशाली और भावुक अपील की।
भाषण के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उनकी बातों पर सहमति में सिर हिलाते नजर आए। चारू चौधरी के संबोधन को मौजूद लोगों ने खूब सराहा और यह क्षण सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया।
श्री @iChiragPaswan ने संजय आज़ाद की वीडियो नहीं देखी, क्योंकि वह उसकी राजनीति को सूट नहीं करती है। वहाँ इसको नहीं दिखा कि उसने स्वतंत्र को मारने की बात की थी और अपनी नाबालिग बेटी के सामने वो अपनी वीरता का प्रदर्शन कर रहा था।
तिलक और कलावा देख कर जिन्हें लगता है कि ये हिंदुओं के नेता हैं, वो जान लें कि ऐसे लोग लक्ष्य के साथ केवल और केवल जातिवादी राजनीति करने आए हैं।
इसने खड़गे प्रकरण में जातिवाद का रंग दिया, जो झूठ है। इसने राम नाथ कोविंद की बात की, जो झूठ थी। इसने द्रौपदी मुर्मू की बात की, जो झूठ थी। ऐसे नेता किसी के नहीं होते। अपनी राजनीति के लिए ये किसी भी विचारधारा को लील जाएँगे।
जब A for Apple की जगह A for Atrocity पढ़ने लगें, तो अस्पताल में भी फोटो वाला चार्ट देखकर ‘प्राउड शिक्षा केंद्र’ जैसा फील होने लगता है।
सिटी स्कैन को भी रंगीन-नेगेटिव समझने वाले नेता जी की ये समझदारी देखिए।
पता नहीं क्यों, पर आजकल एट्रोसिटी एक्ट बहुत चर्चा में हैं। अजीत जी, इंटरसिटी एक्ट? अरे, इंटरसिटी नहीं, आरक्षण से पढ़े हो क्या? कैसे भीम आर्मी वालों की तरह गाली भी लिखते हो तो स्पेलिंग मिस्टेक कर देते हो!
एससी एसटी एक्ट है ना, जिसको मोदी जी ने और भी कठोर बनाया ताकि हिसाब चुकता किया जा सके। वही एक्ट चर्चा में है। कोई अजीत भारती है, उसको लगा कि कोई उसकी बहन को कुछ कह देगा तो मोदी जी के राज में, वो उसका उत्तर दे कर बच जाएगा। नहीं बचा, लग गया एक्ट!
देखो भाई, देश में अंबेडकरवादियों का जलवा होना चाहिए।
कितनी ही वीडियोस में हमने देखा है कि ब्राह्मणों की बेटियों के साथ दुष्कर्म को मंच से बढ़ावा दिया जा रहा है और मजाल है मोदी जी इनको दिल या दिमाग़ कहीं से भी ना माफ़ कर पाएँ! कोई बहन माँग रहा है, किसी को आईएएस बनने के बाद भी इतनी कुंठा है कि वो ये बोल रहा है! सोचिए कि संतोष वर्मा को अपने बेटे के साथ ब्राह्मण की बेटी संबंध बनाने के लिए चाहिए, तब जातिवाद समाप्त होगा।
अंबेडकर जी का तो विवाह एक ब्राह्मण से ही हुआ था, पर उनके पोते आज भी प्राइवेट में आरक्षण माँग रहे हैं। तो कैसे होगा ब्रो? रावण भाई इस प्राणी को डिफेंड कर रहे थे, पर जो नारा लगाया वो आरक्षण से ही पास हुआ था।
बताइए कि आतंकवादियों के लिए लगाए नारे को रावण भाई ने उठाया, उसको रीफ्रेज़ करने में जो दिमाग़ चाहिए, वो तो है नहीं, वो शायद किसी के वीडियो कॉल में दोनों अँगूठे के बीच से फिसल कर निकल गया। अजीत जी, फिसलता तो दिल है ना?
नहीं, इनका दिमाग़ फिसल गया इसलिए तुम कितने अफ़ज़ल मरोगे कि पैरोडी में -40 के स्तर का नारा चिपका दिए! अजीत जी, वो सांसद हैं, अब कहाँ नारा-वारा इतना पता चलता है, वो बात तो सही है, सांसदों को तो पुलिस से झगड़ा, उसको एससी एसटी एक्ट की धमकी, ये सब शोभा देता है, नारे का क्या काम।
हर्ष भाई को हर्षित करने में लगी सरकार की परेशानी अब बढ़ने ही वाली है। जैसे कि OBC आरक्षण में कितनी अच्छी सुविधाएँ हमारे पुराने और लेटेस्ट सत्ताधीशों ने दे रखी है, वो सुन कर आपको आनंद हो जाएगा।
आप सोचिए कि आप उत्तर प्रदेश के यादव हैं या जाट हैं, आपके बाबूजी कलेक्टर हैं, और आपके पास 8 ट्रेक्टर, 110 बीघा भूमि है, कुल आय 10 करोड़ प्रतिवर्ष है, पर आप जब फॉर्म भरेंगे तो न केवल आपको OBC का आरक्षण मिलेगा, बल्कि आप क्रीमी लेयर में भी नहीं आएँगे!
ओ-BC! सच में?
बिल्कुल! क्यों?
क्योंकि कृषि की आय और बाप की सैलरी चाहे जितनी भी, अगर आप सही जाति में उत्पन्न हुए हैं, या पटरी उखाड़ सकते हैं, तो आप गरीब अभ्यर्थी बन सकते हैं। और देखिए सत्य भी तो है कि बाप कलेक्टर या डॉक्टर है, भूमि भी उसकी है, तो बच्चा तो गरीब ही हुआ ना, वो तो बेचारा बैकवर्ड ही रह गया।
हाँ, कलेक्टर साहेब कहीं गुपचुप का ठेला लगाते, लिट्टी बेचते, या पान की दुकान होती तो उसकी आय से पता चलता कि आप क्रीमी लेयर में हैं या नहीं!
आप सोचिए कि देश में कैसे-कैसे नियम हैं कि OBC समाज के बैकवर्ड कलेक्टर साहेब को एक साइड बिज़नेस भी खोलना पड़ता है, तब जा कर सरकारी फ़ाइलों में उसे परिवार की आय मानी जाएगी।
अब यदि आप ये सब बातें पब्लिक में ले आएँगे तो आपको क्या लगता है कि अखिलेश जी साज़िश और षड्यंत्र वाला ट्वीट नहीं लिखेंगे तो क्या लिखेंगे। वस्तुतः क्रीमी लेयर में कोई आता ही नहीं, जो आता है वो अपना क्रीम खा लेता है और कहता है कि देखो बस छाछ ही बची है जी, हम तो स्किम्ड मिल्क हैं!
लेकिन अजीत जी, कृषि की आय पर तो टैक्स नहीं लगता ना! हाँ, टैक्स नहीं लगता तो क्या वो इनकम ही नहीं है? उस से बच्चे की फीस नहीं जाती? उसे बच्चे खाते नहीं? वो क्या गंगा जी में ओबीसी समाज के कृषक बहा देते हैं?
वैसे OBC पर आजकल IT सेल वाले भी हमें यह बताने में लगे हुए हैं कि हमने मुसलमानों और ईसाइयों को OBC से हटाने की बात क्यों नहीं की;
वैसे महाराष्ट्र, असम, बिहार, यूपी, एमपी, राजस्थान हर जगह भाजपा सरकार में भी मुस्लिम जातियाँ ओबीसी में हैं। सुनो ब्रो, अब अधिक सर्च भी नहीं करना पड़ता और सब बात हम ही कर देंगे, तो तुम लोग क्या कांग्रेस की पाद सूँघ कर उसके टेम्पलेट पर AI से फोटो बनवाने के लिए प्रति ट्वीट ढाई रुपया पाते हो?
अजीत जी दो रुपया नहीं होना चाहिए? नहीं, नए वालों ने आठ आना बढ़ा दिया है, क्योंकि अब काम बढ़ गया है।
‘गूंज’ लेकर निकले नेता प्रतिपक्ष की रैलियों में रॉक स्टार, कंफेटी, म्यूजिक और डांस तो खूब दिख रहा है, लेकिन गूंज कहीं सुनाई नहीं दे रही।
चार रैलियों के 40 दावों में 29 झूठे और 11 misleading पाए गए; झूठ की गूंज ज़रूर खूब है।
“मुझे बचा लीजिए…”, रीवा अस्पताल में प्रसव से पहले मदद मांगती रही कल्पना, कुछ घंटे बाद जच्चा-बच्चा दोनों की मौत
रीवा: मध्य प्रदेश के रीवा स्थित गांधी मेमोरियल अस्पताल से एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। पहली डिलीवरी के लिए अस्पताल में भर्ती 25 वर्षीय कल्पना मिश्रा का एक वीडियो उनकी मौत से पहले सामने आया, जिसमें वह रोते हुए अपने परिजनों से मदद की गुहार लगाती दिखाई देती हैं।
वीडियो में कल्पना अपनी हालत को लेकर डर जाहिर करती हैं और कहती हैं कि अगर इसी तरह इलाज चलता रहा तो उनकी जान चली जाएगी। परिजनों के मुताबिक, इस वीडियो के कुछ ही घंटे बाद प्रसव के दौरान कल्पना और उनके नवजात बच्चे, दोनों की मौत हो गई।
कल्पना अपने पिता की इकलौती बेटी थीं। परिवार ने अस्पताल पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक जांच अभी जारी है। मामले में कार्रवाई करते हुए दो नर्सिंग अधिकारियों को निलंबित किया गया है और जांच समिति गठित की गई है।
यह मामला सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि सरकारी अस्पतालों में प्रसूता महिलाओं की सुरक्षा और जवाबदेही पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
मेरे ऊपर SC/ST एक्ट में FIR पर कुछ बातें सवर्ण समाज से
कोई मेरी माँ या बहन पर सीधे बलात्कारी मानसिकता के साथ यह कहे कि उसका विवाह मैं चंद्रशेखर के साथ करा दूँ, और मैं चुप रह जाऊँ तो आप बताइए कि मैं कैसा पुत्र या भाई हूँ?
इतने पर भी चंद्रशेखर को ले कर मैंने कोई जातिसूचक शब्द नहीं बोला, जो उक्त वीडियो में है। जब स्टेज से ब्राह्मणों की बेटियों को खींचने की बातें होती हैं और किसी SC नेता का चेला सोच-समझ कर उकसाने के लिए ऐसी बात करेगा, तो मैं चुप कैसे रहूँगा?
आज व्यक्ति अपने मौलिक अधिकारों को समझे या न समझे, वह यह अवश्य जानता है कि SC/ST एक्ट क्या है। तो मैं जब बोलता हूँ तो मुझे अपनी सीमाएँ (चाहे वह कितनी ही अनुचित क्यों न हों) पता हैं कि क्या बोलना है, क्या नहीं।
मैं जानता हूँ कि दिल्ली पुलिस के नॉर्थ अवेन्यू स्टेशन में आजाद समाज पार्टी वालों ने कितना दवाब दे कर रात के बारह बजे यह FIR लिखवाया है जो कोर्ट में दो मिनट नहीं टिकेगा। एक भी धारा ऐसी नहीं है जो होल्ड करेगी।
मैं सैनिक स्कूल का छात्र हूँ और इतनी रैगिंग झेल चुका हूँ कि मेरा मनोबल तोड़ने के लिए दिल्ली पुलिस को कस्टडी में मेरी हत्या करनी पड़ेगी, दो-चार डंडों से मेरा मनोबल नहीं टूटने वाला। और यदि मैं जीवित बच गया तो इसी स्थिति में जंतर मंतर जाऊँगा और अपने समाज से कहूँगा कि बताओ, तुम्हारी बहन और माँ को ले कर कोई ऐसी टिप्पणी करे तो क्या करोगे?
यदि ऐसा कमेंट फिर मेरे वीडियो पर आया तो मैं पुनः उसी तरीके से उत्तर दूँगा जो मैंने दिया। कानून जब तक है, संशोधन नहीं होता, मैं उसका सम्मान करूँगा और दिल्ली पुलिस के साथ पूर्ण सहयोग करूँगा। 92% ऐसे केस केवल प्रताड़ित करने के लिए होते हैं।
अंत में, सवर्ण समाज से यह पूछना चाहता हूँ कि क्या इस तरह की टिप्पणी पर मुझे सह लेनी चाहिए थी क्योंकि किसी पार्टी के लोग नाराज हो जाएँगे? क्या ब्राह्मणों की माँ और बहनें इन रेप मैंटिलिटी से संचालित गुंडों के शाब्दिक बलात्कार के लिए जन्म लेती हैं?
कोई भी चाटुकार इन तीखे सवालों का जवाब नहीं दे पाएगा।
यह भारत के असल में प्रतिभाशाली और पढ़े-लिखे वर्ग का एकमात्र विरोध-प्रदर्शन है।
यहाँ तक कि 100 दिलीप मंडल भी उनका मुकाबला नहीं कर सकते।
Dinesh Thakur कहते हैं “Funding legal है और सब कुछ public है.” ठीक है, तो public records को ही देख लेते हैं।
दिलचस्प बात ये है कि Thakur की post को amplify करने वाले कुछ नाम खुद Thakur Family Foundation के grant records में दिखाई देते हैं। Prashant Bhushan, Mohammed Zubair, Pratik Sinha, Saurav Das, Manisha Pande, Dhanya Rajendran, Nitin Sethi और कई अन्य नाम।
किसे कितना मिला? किस purpose के लिए मिला? और क्या इन connections के बीच कोई broader pattern दिखाई देता है?Funding legal हो सकती है लेकिन funding, platforms और amplification के बीच ये connections सिर्फ coincidence हैं या कोई documented network?
@shreya_arora22 | @himanshi__bisht | @SinghRanu18
Hello @AzmiShabana Ji
Please be ready with all the documents of Action Aid.
We will soon scrutinize your NGO's foreign funding and the actual work you have done.
In the last 20 years, ActionAid has received more than ₹ 1,000 crore.
#NGOThikKaro