उत्तर प्रदेश में एक मंत्री जी है�� जिनको पंचायत विभाग मिला है पर इनको अपने विभाग से कोई मतलब ही नहीं है,
उनके विभाग के ही कर्मचारी पिछले लगभग दो हफ्तों से धरना दे रहे हैं पर उनकी सुनने वाला कोई नहीं,
उनसे सिर्फ ₹6000 में बधुआ मजदूर ��ी तरह पूरे महीने भर काम कराया जाता है,
आखिरकार ₹200 दिन में कौन काम करता है,
उनकी मांग है कि उनकी सैलरी बढ़ाई जानी चाहिए जो की जायज है।
उत्तर प्रदेश में लगातार धरनारद पंचायत सहायकों की मांग जायज है,
आप ऐसे बधुआ मजदूर की तरह उन्हें नहीं रख सकते हैं,
पंचायत सहायकों के सम्मान में उनकी सैलरी में तत्काल वृद्धि की जानी चाहिए,
सरकार को जल्द यह सुनिश्चित करना चाहिए।
उत्तर प्रदेश में लगातार धरनारद पंचायत सहायकों की मांग जायज है,
आप ऐसे बधुआ मजदूर की तरह उन्हें नहीं रख सकते हैं,
पंचायत सहायकों के सम्मान में उनकी सैलरी में तत्काल वृद्धि की जानी चाहिए,
सरकार को जल्द यह सुनिश्चित करना चाहिए।
लखनऊ के ईको गार्डन में पंचा���त सहायकों की जायज़ माँगों के समर्थन में माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष @BhimArmyChief एवं नगीना से लोकप्रिय सांसद भाई चन्द्रशेखर आजाद जी ने ईको गार्डन से अंबेडकर पार्क तक कैंडल मार्च निकाला और परम पू��्य बाबा साहेब को नमन किया।
#पंचायत_सहायक_संघर्ष
लखनऊ के ईको गार्डन में पूरे प्रदेश से आए पंचायत सहायक 7 सितंबर से अपनी जायज़ मांगों को लेकर लगातार आंदोलनरत हैं। आज अपने वायदे के अनुसार उनके बीच पहुँचा।
भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) उनके हक़ और संघर्ष में मजबूती से उनके साथ खड़ी है।
जय भीम! जय भारत! जय मंडल! जय संविधान!
#पंचायत_सहायक_का_मानदेय_बढ़ाओ
#पंचायत_सहायक_नियमित_करो
ये पंचायत सहायक है हम पर रहम करो हम भी आपके बच्चे ही है । अल्प मानदेय 6000 घर नहीं चलता साहब @myogiadityanath जी कृपया हम पंचायत सहायक का शांति पूर्ण धरना प्रदर्शन लखनऊ इको गार्डन में हो रहा है । हम लोग अल्प मानदेय 6000 में कैसे घर चलाएंगे ।
#पंचायत_सहायक_संघर्ष
डबल इंजन सरकार यही होती हैक्या, ऐसे ही ��िकसित राष्ट्र बनेगा 2047 में, प्रति व्यक्ति आय कितनी होनी चाहिए जिससे विकसित राष्ट्र बन सके? हमारा 6000 में क्वेश्चन नहीं हो रहा बाबा जी हमें भी कुशल मजदूर के बराबर ही पेमेंट दे दीजिए।
#पंचायत_सहायक_संघर्ष
#पंचायत_सहायक_संघर्ष
अपनी कड़ी मेहनत से ग्राम पंचायतों को संभालने वाले पंचायत सहायक आज सड़कों प�� उतरने को मजबूर हैं, और बेपरवाह बनी भाजपा सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही। स्थिति यह है कि अपने हक की लड़ाई लड़ रहे साथी कर्मचारियों का पेट भरने के लिए पंचायत सहायकों को आपस में चंदा इकट्ठा करके भोजन का इंतजाम करना पड़ रहा है।
जो पंचायत सहायक गांव-गांव जाकर व्यवस्था की रीढ़ बनते हैं, उन्हें मानदेय और अधिकारों के नाम पर सिर्फ अनदेखी मिली है। योगी जी, गांव-देहात की नींव संभालने वाले इन युव��ओं की अनदेखी करना ��ाजपा को भारी पड़ने वाला है; क्योंकि जब 'ग्राम पंचायत की रीढ़' ही आपकी तानाशाही के खिलाफ खड़ी हो जाएगी, तो सत्ता का धराशायी होना तय है।
ईको गार्डन में धरनारत पंचायत सहायकों के समर्थन में पहुंचा आप का प्रतिनिधिमंडल, सरकार से नियमितीकरण व मानदेय वृद्धि की उठाई मांग‼️
लखनऊ के ईको गार्डन में अपनी विभिन्न जायज मांगों (नियमितीकरण, मानदेय वृद्धि आदि) को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे 'पंचायत सहायक कर्मचा��ियों' को खुला समर्थन देने प्रदेश प्रभारी व राज्यसभा सांसद @SanjayAzadSln जी के निर्देश पर आम आदमी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल धरना स्थल पर पहुंचा।
अयोध्या प्रांत अध्यक्ष @VinayPatelAAP जी के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने धरनारत कर्मचारियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके आंदोलन को पार्टी का पूर्ण समर्थन देने का ऐलान किया।
पंचायत सहायकों की आवाज को मजबूती देने और उनके आंदोलन में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने के लिए आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता ए��ं राज्यसभा सांसद संजय सिंह जी आगामी 14 सितंबर को इको गार्डन धरना स्थल पहुंचेंगे।
इस दौरान वे आंदोलनरत पंचायत सहायकों से मुलाकात कर उनके हक और अधिकारों की इस लड़ाई को सड़क से लेकर संसद तक पूरी मजबूती के साथ उठाने का संकल्प दोहराएंगे।
प्रतिनिधिमंडल में निवर्तमान प्रदेश महासचिव दिनेश पटेल जी, प्रांत महासचिव अतुल सिंह जी, व्यापार प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष मनोज मिश्रा जी, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ प्रदेश महासचिव नूर सिद्दीकी जी, प्रांत महासचिव अभिषेक सिंह जी, सुधीर पटेल जी, सुरभि जी, प्रेरणा जी सहित पार्टी के प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे।
उत्तर प्रदेश के पंचायत सहायक साथियों को इस कदर मजबूर कर दिया गया है।
उनके आंखों से आंसू निकल रहे हैं उनको अपना दर्द बयां करने के लिए अधिकारियों और मंत्रियों तक से मिलने नहीं दिया जा रहा है।
इतना अहम किसी के अंदर पद और कुर्सी को लेकर नहीं होना चाहिए कि वे अपने लोगों के दर्द को भी नजर अंदाज कर दे।
आज लखनऊ स्थित मान्यवर कांशीराम ईको गार्डन में धरना दे रहे पंचायत सहायको से मुलाकात कर उनके धरना को समर्थन दिया। मांगों को गंभीरता से उठाते हुए ₹30,000 प्रतिमाह मानदेय देने तथा उन्हें स्थायी किए जाने की मांग की।