स्वरा भास्कर का कहना सही है की वो मरने से बेहतर लड़ना पसंद करतीं , “she is more than her vagina ” क्योंकि आज देश में स्त्रियों को समान अधिकार प्राप्त हैं । आज कोई मुग़ल आक्रांताओं का शासन थोड़े ना है, जहाँ हिंदू राजाओं/सभासदों की स्त्रियों को ‘ सेक्स स्लेव ’ बनाकर रखा जाता था । 21 वी शताब्दी में बैठी हुई स्त्री मध्यकालीन स्त्रीयों को पढ़ें बिना, देश-काल-परिस्थिति देखे बिना कुछ भी कहने और लिखने बोलने के लिए स्वतंत्र हैं ।