थोड़ा लंबा है, लेकिन पढ़ना ज़रूरी है! वरना फिर वही अधकचरा ज्ञान और गलत इतिहास दोहराते रहेंगे 🤦♀️🤦♀️
🚨 Alimony is a BASIC HUMAN RIGHT 🚨
It exists to ensure that no one, man or woman, walks away from a marriage financially destroyed while the other thrives. If that offends you, rethink the kind of partnerships you believe in.
@ShyamMeeraSingh & @KraantiKumar, your arguments are built on strawman logic and historical ignorance.
🥱 False Premise: "Alimony was only for women who sacrificed their careers."
➡️WRONG. Alimony was never about ‘rewarding’ sacrifices. It was about economic justice in a system where women were systematically denied financial autonomy.
🥱 Selective Outrage: "Rich women shouldn’t get alimony."
➡️ Courts already decide alimony case-by-case based on financial standing. Stop acting like it's an automatic punishment for men.
🥱 Misrepresentation of Divorce Settlements:
➡️ Alimony ≠ wealth transfer. It’s not compensation for heartbreak. It’s about mitigating financial disparity created by marriage.
🥱स्त्री-विरोधी धारणा: "धनश्री को शादी के बाद ही फेम मिला"
➡️ बिलकुल गलत! @DhanshreeVerma9 पहले से ही एक सफल कोरियोग्राफर और प्रभावशाली डिजिटल क्रिएटर (इन्फ्लुएंसर) थीं!!
✅ उनका खुद का यूट्यूब चैनल और इंस्टाग्राम पर बड़ी फैन
फॉलोइंग थी।
✅ बॉलीवुड कलाकारों के साथ उनके कोरियोग्राफी कोलैब्स थे।
✅ अपनी खुद की कमाई और ब्रांड वैल्यू थी।
असल में, युज़ी चहल को भी उनके डिजिटल ऑडियंस और रिच का फायदा मिला होगा। लेकिन यह बात आपको कभी दिखेगी नहीं।
आप हमेशा महिलाओं की सफलता को उनके पति से जोड़कर देखते हैं। यही पितृसत्तात्मक सोच है जो औरतों की उपलब्धियों को केवल पुरुषों के संदर्भ में ही मान्यता देती है।
तो साफ़ सुन लीजिए: धनश्री कोई अनजान लड़की नहीं थीं जिन्हें चहल ने "फेम" दिया।
महिलाओं को बदनाम करने के लिए आप लोग तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करते हैं। फिर उम्मीद करते हैं कि आपकी दलीलें गंभीरता से ली जाएंगी?
You cry about alimony, but never about:
❌ Wage gaps that leave women earning less.
❌ Unpaid labor that allows men to build their careers.
❌ Career interruptions due to childcare & domestic responsibilities.
You don’t want to pay alimony? Then don’t benefit from the economic privileges of marriage in the first place.
📖 READ: Bhuwan Mohan Singh v. Meena (2015) before spewing nonsense.
And honestly, MEN NEED TO SHUT UP about alimony. You don’t do the labour, but you cry about paying for it.
🚨🚨कल से हज़ारों की तादाद में "Cauliflower Dig" पोस्ट किए जा रहे हैं 🚨🚨
ये सिर्फ़ मीम नहीं, बल्कि भागलपुर नरसंहार की खुली याद दिलाने के लिए किए जा रहे हैं! वो मंज़र जब 1989 में सैकड़ों बेगुनाह मुसलमानों का क़त्ल किया गया और फूलगोभी के खेतों में उनको दफ़्न कर दिया गया।
लेकिन कांग्रेस? मुकम्मल ख़ामोश!!
ये वही कांग्रेस है जो बिहार में सेक्युलर होने का दावा करती है और मुसलमानों के वोटों पर नज़र गड़ाए बैठी है। ये वही कांग्रेस है जो कहती है कि वो RJD के मुस्लिम वोटरों को तोड़ लेगी।
मगर जब BJP के लोगों ने इस नंगे नाच की शुरुआत की, तब कांग्रेस के किसी रहनुमा की ज़ुबान तक नहीं खुली। ना ऑफिशियली, ना अनऑफिशियली - कांग्रेस का कोई भी आदमी इस सियासी गंदगी के ख़िलाफ़ एक लफ्ज़ तक बोलने की हिम्मत नहीं कर सका!!
जब मुसलमानों के ज़ख्मों को बार-बार कुरेदा जा रहा है, तब कांग्रेस अपनी ख़ामोशी से BJP को खुला फायदा पहुँचाने में लगी हुई है!!
हक़ीक़त ये है कि कांग्रेस इस चुनाव में पूरी तरह irrelevant हो चुकी है। महागठबंधन में कांग्रेस को 25 से ज़्यादा सीटें देना सरासर नाइंसाफ़ी होगी!
सभी मुसलमान भाइयों और बहनों, देख लीजिए यही कांग्रेस की असलियत है!! जो आपके मसाइल पर आपके साथ नहीं खड़े होते, क्या आप उन्हें अपना वोट देंगे? वैसे भी भागलपुर दंगों के समय बिहार में कांग्रेस कि ही सरकार थी!!
अब वक़्त आ गया है कि कांग्रेस के हर प्रोग्राम और हर रैली का पूरी तरह बायकॉट किया जाए!
#BoycottCongress
मैं फिलहाल किसी भी राजनैतिक पार्टी कि सदस्य नहीं हूँ। जो भी गलत करेगा वो मुझसे सुनेगा!
सभी लोगों से अपील है कि #BoycottCongressInBihar ट्रेंड करवाया जाए
https://t.co/KXLKTpfwJw
यह कोई साधारण इंटरनेट मीम नहीं है, बल्कि भारतीय मुसलमानों के नरसंहार की एक भयावह तस्वीर याद दिलाने की कोशिश है। 1989 भागलपुर दंगे में सैकड़ों निर्दोष मुसलमानों की हत्या हुई थी और उनके शव फूलगोभी के खेतों में दफना दिए गए थे।
आज, उन्हीं घटनाओं की विकृत व्याख्या कर यह संदेश दिया जा रहा है कि इस नरसंहार को दोहराया जाना चाहिए।
🚨 यह सिर्फ नफरत नहीं, बल्कि नरसंहार का खुला आह्वान है !!
इतनी बीमार मानसिकता खुलेआम फल-फूल रही है 💔
⚠️ देखिए यह असमानता! 🚨
मेरे पास 35.5K फ़ॉलोअर्स हैं, जबकि नफ़रत फैलाने वाले 140.6K लोगों तक अपनी जहरीली विचारधारा फैला रहे हैं!
यह सिर्फ़ दो व्यक्तियों की लड़ाई नहीं है! यह न्याय बनाम नफ़रत की जंग है। नफ़रत फैलाने वाले लोग संगठित नेटवर्क की ताक़त से हमें चुप कराना चाहते हैं। लेकिन हम चुप नहीं रहेंगे!
अगर आप चाहते हैं कि सच की आवाज़ मज़बूत हो, तो मुझे फ़ॉलो करें, इस पोस्ट को आगे बढ़ाएँ और नफ़रत के ख़िलाफ़ एकजुट हों 🔥🔥
यह लड़ाई हम सबकी है। सभी लोग नफ़रत के खिलाफ एकजुट हों!
मुझे ताक़त दीजियेगा तब न हम इन लोगों से लड़ पाएंगे और इनका मोटका बांस से इलाज कर सकेंगे!
#SmashBrahminicalPatriarchy
Hey @grok,
Which Railway Minister was best for India in terms of profits to the railways and service to the poor and middle class people of India so far?
Hey @grok,
Which Railway Minister was best for India in terms of profits to the railways and service to the poor and middle class people of India so far?
🚨 बिहार विरोधियों, अब तुम्हारी धूर्तता नहीं चलेगी! 🚨
हर बार बिहार के साथ सौतेला व्यवहार क्यों?
बजट में सिर्फ "बिहार" का नाम लिया गया और कुछ तथाकथित अभिजात्य वर्ग के लोगों को मरोड़ होने लगी!
उन्हें बिहार का नाम सुनकर ही जलन होती है! मगर इस बार हम चुप नहीं बैठेंगे!
🔴 बिहार के खिलाफ ऐतिहासिक साजिश – यह रहा प्रमाण!
📌 1947-1951: बिहार Good Governance और प्रति व्यक्ति आय में भारत में तीसरे स्थान पर था।
📌 1951 (पहली पंचवर्षीय योजना) – बिहार में प्रति व्यक्ति सिर्फ 25 रुपये का निवेश हुआ, जबकि राष्ट्रीय औसत 50 रुपये था। यही अन्याय की शुरुआत थी!
📌 1956 (दूसरी पंचवर्षीय योजना) – बिहार को प्रति व्यक्ति मात्र 40 रुपये मिले, जबकि बाकी राज्यों को 50 रुपये!
👉 यानी पहले ही बिहार को कम निवेश देकर पिछड़ने के लिए मजबूर किया गया!
📌 1961 (तीसरी पंचवर्षीय योजना) – बिहार को सिर्फ 67 रुपये, जबकि राष्ट्रीय औसत 90 रुपये था।
📌 1966-1969 (प्लान हॉलिडे) – यह वो समय था जब भारत सरकार ने आर्थिक अस्थिरता का बहाना बनाकर नए उद्योगों और परियोजनाओं को रोक दिया।
👉 मगर ध्यान दें – इस दौरान कुछ राज्यों में निवेश जारी रहा, मगर बिहार को लगभग पूरी तरह से अनदेखा किया गया!
👉 बिहार को प्रति व्यक्ति मात्र 41 रुपये मिले, जबकि बाकी राज्यों को औसतन 60 रुपये!
👉 यानी, जिन राज्यों में पहले से उद्योग थे, वे चलते रहे, मगर बिहार जैसे पिछड़े राज्यों को और पीछे धकेल दिया गया!
📌 1969 (चौथी पंचवर्षीय योजना) – बिहार को 81 रुपये, बाकी राज्यों को 141 रुपये।
📌 1974 (पांचवीं पंचवर्षीय योजना) – बिहार को 140 रुपये, बाकी राज्यों को 232 रुपये।
📢 और नतीजा क्या हुआ?
जिस बिहार ने आज़ादी के बाद भारत की अर्थव्यवस्था को संवारने में अग्रणी भूमिका निभाई थी, उसे योजनाबद्ध तरीके से पीछे धकेला गया!
➡ 1951 – बिहार तीसरे स्थान पर था।
➡ 1956 – नौवें स्थान पर गिरा।
➡ 1961 – तेरहवें स्थान पर फेंक दिया गया।
➡ 1966 – सोलहवें स्थान पर धकेला गया।
➡ 1974 – बाईसवें स्थान पर पटक दिया गया।
➡ 1979 से आज तक – बिहार को सबसे पीछे रखने की साजिश जारी है!
🔴 बिहार से सिर्फ लूट! बदले में कुछ नहीं!
🚨 Freight Equalization Policy (भाड़ा समानीकरण नीति) – बिहार को लूटने का सबसे बड़ा षड्यंत्र!
👉 इस नीति के तहत बिहार के कोयला, लौह अयस्क, अन्य खनिज और उद्योगों को खत्म कर दिया गया, ताकि बाकी राज्यों को फायदा मिले।
👉 टाटा, जामशेदपुर, बोकारो, दुर्गापुर जैसे औद्योगिक हब बने, मगर बिहार को कुछ नहीं मिला!
👉 उद्योगों की गैर-मौजूदगी ने बिहार से पलायन को मजबूरी बना दिया!
🚨 बाढ़ और सुखाड़ – हर साल की त्रासदी!
👉 बिहार हर साल बाढ़ और सुखाड़ झेलता है, मगर केंद्र से कोई स्थायी समाधान नहीं मिला!
👉 गंगा और कोसी के लिए कोई ठोस योजना क्यों नहीं बनी?
👉 उत्तर भारत का अनाज पैदा करने वाला राज्य खुद बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करता रहा!
🔴 सच्चाई यह भी है कि बिहार जब भी मौका मिला, उसने दिखाया कि वह देश को चला सकता है!
✅ रेलवे के लिए बिहार ने करिश्मा कर दिखाया!
👉 जब लालू जी रेल मंत्री बने, तो भारतीय रेलवे को मुनाफे में लाकर दिखाया!
👉 जब तक बिहारी नेतृत्व नहीं था, रेलवे घाटे में था, मगर बिहारी प्रबंधन ने इसे दुनिया की सबसे बड़ी Public Sector Success Story बना दिया!
✅ श्रमशक्ति का केंद्र – भारत की असली रीढ़!
👉 मुंबई, दिल्ली, पंजाब, बंगाल – बिहारी मजदूरों के बिना ये शहर ठप हो जाएंगे!
👉 फिर भी इन्हें ‘बाहरी’ कहकर अपमानित किया जाता है? यह स्वीकार नहीं किया जाएगा!
🔴 अब समाधान की बात – बिहार को उसका हक चाहिए!
🔥 1. विशेष राज्य का दर्जा – बिहार को विकसित करने के लिए स्पेशल पैकेज और विशेष राज्य का दर्जा मिलना चाहिए!
🔥 2. उद्योगों की पुनर्स्थापना – बंद हुए चीनी मिल, जूट मिल और अन्य उद्योगों को फिर से विकसित किया जाए।
🔥 3. बाढ़ और सुखाड़ का स्थायी समाधान – गंगा और कोसी नदी पर बेहतर जल प्रबंधन होना चाहिए।
🔥 4. निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर – बिहार को ज्यादा निवेश चाहिए, ताकि रोजगार के लिए बाहर जाने की मजबूरी खत्म हो!
🔥 5. बिहारी श्रमिकों और छात्रों का सम्मान – पूरे भारत में बिहारी लोगों के साथ भेदभाव खत्म होना चाहिए!
🔴 बिहार उठ खड़ा हुआ है – अब चुप नहीं रहेंगे! 🚨🚨🚨
बिहार के लोगों ने अपने श्रम से पूरे भारत को खड़ा किया है, मगर बदले में तिरस्कार और अपमान ही मिला!
अब बिहार अपने हक की लड़ाई लड़ेगा – और जीतेगा!
बिहार विरोधियों, तुम्हारा पाखंड अब नहीं चलेगा! 💥🔥
#बिहार_के_साथ_न्याय_करो
#BiharDeservesBetter
🚨 Anti-Bihar Sentiments Won't Be Tolerated Anymore!
Why is Bihar always treated unfairly?
Just the mere mention of "Bihar" in the budget has made some so-called elite class restless!
They hate even hearing Bihar’s name!
But this time, we won’t stay silent!
#बिहार_के_साथ_न्याय_करो #BiharDeservesBetter
🧵🧵
Hello @indiatvnews
आपकी एंकर मीनाक्षी जोशी का मन करता है गेस्ट @priyanka2bharti को कंटाप लगाएं।
वैसे कोशिश भी करेंगी तो प्रियंका इनका थोबड़ा सुजा देगी, मगर सवाल आपके चैनल से है।
गेस्ट को इस थ्रेट के साथ बुलाओगे?
@RajatSharmaLive की जगह अजीत भारती के कहने पर कोई कदम उठाओगे?
As they absolutely should! The biggest casualties of any religious hegemony are women, their rights are the first to be taken away. Women should resist all forms of religious hegemony.
Very STUDPID, IGNORANT and SHITTY thing to say @Nher_who
Do you have any data to say that it is THESE migrants who voted for BJP? Let me give you a data.
As per CSDS data, it is the UPPERED CASTE people who vote 96%+ to the BJP. Most of these people travel by flights. Most of these Migrants belong to SC Community which VOTED AGAINST the BJP in Lok Sabha 2024.
Exactly who defeated BJP in Ayodhya? It is these same "MIGRANTS" whom you are trying to SHAME for their voting choices. Who gave MASSIVE seats to INDIA block in UP? It is these SC/ST/OBC voters.
Go and CLEAN your OWN FILTH from your own houses who vote 96%+ FOR the BJP. THEN come and lecture the voters.
Lastly, Do you have ANY IDEA what goes on in a Village surrounded by Casteist goons with Riffles on the day of voting?
आज कल कोई भी बड़का politcial ज्ञानी बन जाता है। मोदी विरोध के नाम पर कुछ भी बक दो। अब ये @Nher_who को देखिए कैसे बिहार और उत्तर प्रदेश के गरीबों को गाली दे रहा है।
सुनो @Nher_who,
क्या तुम्हारे पास कोई डेटा है ये साबित करने के लिए कि ये प्रवासी बिहारी और उत्तर प्रदेश के लोग ही हैं जिन्होंने भाजपा को वोट दिया?
अब मैं एक डेटा देती हूँ।
📌CSDS के डेटा के अनुसार, ये विदेशी डीएनए वाली "उच्च कि गई" जाति के लोग हैं, जो भाजपा को 96%+ वोट देते हैं।
📌इनमें से ज़्यादातर लोग हवाई जहाज़ या 1 AC, 2 AC (HO कोटा वाले) से यात्रा करते हैं।
📌जबकि ज़्यादातर प्रवासी अनुसूचित जाति समुदाय से हैं जिन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के ख़िलाफ़ जमकर वोट दिया।
तुमको क्या लगता है ये आखिर अयोध्या में भाजपा को किसने हराया?
ये वही "प्रवासी" हैं जिन्हें तुम उनके मतदान के विकल्पों के लिए शर्मिंदा करने की कोशिश कर रहे हो। उत्तर प्रदेश में इंडिया ब्लॉक को इतनी भारी मात्रा में सीटें किसने दीं? ये एससी/एसटी/ओबीसी मतदाताओं ने ही दी!!
जाओ और अपने खुद के घरों से गंदगी साफ़ करो, जिन्होंने 96%+ भाजपा को वोट दिया।
फिर आओ और मतदाताओं को उपदेश दो!!
क्या तुमको कोई अंदाज़ा भी है कि मतदान के दिन राइफलों के साथ जातिवादी गुंडों से घिरे किसी भी दलित बस्ती में क्या होता है?
मैंने मुंगेर में देखा था कि कैसे राइफल ले कर दलित बस्तियों के सामने कुछ भूमिहार जाति के गुंडे चढ़ गए थे। कम से कम 30 हज़ार वोट प्रति विधानसभा होने ही नहीं दिया गया!! कही लाठीचार्ज हुआ तो कही डरा धमका दिया गया!
उसी तरह छपरा में एक राजद के योद्धा कि जान तक चली गई!!
इससे ज्यादा मुँह मत खुलवाओ, बहुत कुछ है बोलने को!!
इसलिए, अपने हवा महल से जमीन पर उतरो और चीजों को observe करो फिर पटर पटर बोला करो।