The amount of toxicity in current text books is, simply put, unbelievable.
This content is like the content that was being fed to students of Rwanda, before the civil war started there.
Our politicians are doing the same. Join me and @neha_laldas
https://t.co/phxTJe0oiF
पुलिस जबर्दस्ती लोगों को जंतर मंतर से हटा रही है!
लेकिन हमने दिखा तो दिया कि आंदोलन हम भी कर सकते हैं और वोट हमारे पास भी कम नहीं!
और ये तो बस शुरुआत है!!
#21AugReservationHataoAndolan
A large number of protesters have gathered at Jantar Mantar demanding reforms in the reservation system.
What are they demanding, and why has Delhi Police put up barricades?
@Keshavmalan93 is at Ground Zero. Full report coming soon across OpIndia’s platforms.
वाह @BJP4India सरकार! ये नए पैंतरे तिलचट्टों के लिए तो नहीं आज़माए थे! उनको तो दामाद बनाए घूम रहे थे! आज हमारे लिए बैरिकेड्स? याद रखना @DelhiPolice सारे बैरिकेड्स धरे रह जाएँगे, ये दोगलापन त्यागो, लोगों को स्टेज तक पहुँचने दो। मैं भी आ रहा हूँ!
आज आरक्षण में सुधार की मांग को लेकर हज़ारों लोग जंतर-मंतर पर जमा हुए हैं।
प्रदर्शनकारी आरक्षण और SC/ST एक्ट के गलत इस्तेमाल और उनके बढ़ते दायरे को लेकर चिंता जता रहे हैं।
अनिल बलूनी जी, शुतुरमुर्ग बालू में माथा डाल लेता है तो उसका अर्थ यह नहीं होता कि दुनिया समाप्त हो गई। मीडिया ब्लैकआउट करा लो, #% में जितना दम है लगा लो।
यही सवर्ण आपको और आपकी पूरी पार्टी को बताएगा कि तुम्हारी अम्बेडकर चालीसा का क्या होने वाला है। सात माह बाद यूजीसी पर थूक कर चाटा, सात महीने से पहले तुम आरक्षण पर चाटोगे।
#WATCH | Delhi: On the Jantar Mantar protest against caste-based reservation, YouTuber Ajeet Bharti says, "Our biggest demand is that the government should come up with a white paper stating that the reservations you've given to people for 80 years... I come from Bihar. Research how dire the situation of the Musahar community is. Their children aren't getting reservations. Why? Because those caste groups don't even have leaders... The second demand is quota within quota, on which the government has also said that we will not implement the creamy layer in it. Why will you not implement it? It is so absurd that the government is bowing down to those few Dalit leaders who only talk about their caste group... The third demand is minimum marks. You cannot sell the dream of a developed India by compromising on merit. If 50% of the deserving youth or boys and girls who are studying will not get admission in the IITs, IIMs, or higher education, your efficiency has reduced by 50% right there... Then the Economically Weaker Section (EWS) should be made a part of the Scheduled Castes (SC). The class whose definition says economically weaker, you are neither giving them a facility in buying the form, nor are you waiving their hostel fee, nor is their course fee being waived; what will you achieve by merely recognising it?... At least indicate that we are going to have a sit-down talk about this..."
संघ को समझना सबके बस की बात नहीं। मुर्ख जनता. नीट के करण कितने बच्चे मर गए, यूजीसी से फ्यूचर में कितने मरेंगे, अभी तो सरकार छोटे बच्चों की तरह सीख रही है बोलते कैसे हैं सोचा, क्यों ना मास्टरस्ट्रोक ही खेल ले। बहुत बोलते थे ये मुर्ख के योगी अगले पीएम हो सकते हैं, अब लो पीएम बनाओ
सरकार की सुनते नहीं फिर शिकायत करते हैं। एथेनॉल वाली पेट्रोल, रेसिंग कारों में इस्तेमाल होती है और एक्सेलेरेशन देती है। सरकार ने गड्ढे बनवाए ताकि 100 की स्पीड पर आप टेक ऑफ कर सकें, लेकिन जनता केवल रोती रहती है। यहाँ सरकार आपको सड़क से मंगल पर लॉन्च करने पर लगी है और आप। शर्मनाक!!
कंपनी को बचाने के लिए ‘ब्लैकलिस्ट’ क्लॉज हटाया गया?
आज @cbseindia29 की यह स्थिति इसलिए बनी है क्योंकि इसने एक ऐसी कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट दिया जिसने इस स्केल पर न तो काम किया था, न कोई पायलट प्रोजेक्ट। कंपनी तेलंगाना में जिस नाम से थी, और जो डायरेक्टर थे, उन्हें ही आगे कर के ये कॉन्ट्रैक्ट लिया गया।
टेंडर के नियम बदले गए, ढील दी गई, शिक्षकों ने मना किया फिर भी पैन इंडिया परीक्षा कराई गई। आज पता चला है कि @dpradhanbjp की प्रिय कंपनी को CBSE ब्लैकलिस्ट नहीं कर सकती।
अगस्त 2025 में जो नियम थे, उसमें यह संभावना थी कि कंपनी का पेमेंट रोक सकते हैं, पैनल्टी लगा सकते हैं, ब्लैकलिस्ट कर सकते हैं। परंतु, अगले महीने में नियमों से ‘ब्लैकलिस्ट’ शब्द हटा दिया गया।
प्रश्न यह है कि किसके कहने से ब्लैकलिस्ट शब्द हटाया गया? क्या CBSE या शिक्षा मंत्रालय/मंत्री को यह बात पता थी कि OSM हैंडल नहीं हो पाएगा? और अगर ऐसा हुआ भी तो कंपनी बची रहेगी?
और फाइन कितना है? यदि आपने बेसिक समस्याओं का निदान नहीं किया तो ₹5,000/घंटा; समस्या पता होने पर निदान न आने पर लाख रुपये प्रति पंद्रह मिनट; रूटकॉज एनालिसिस और उसे सही करने की योजना न जमा करने पर लाख रुपये/घंटा की पैनल्टी है।
अधिकांश समस्याएँ ₹5000/घंटा वाले में ही हैं: लॉगिन, हैंडहोल्डिंग डॉक्स, यूजर मैनुअल्स, ऑन साइट
सपोर्ट, ऑनबोर्डिंग असिस्टेंस या और कुछ जो CBSE के साइट को ठीक से चलाने के लिए आवश्यक है।
यह सड़ाँध अत्यंत गहरी है, इसकी जाँच होनी चाहिए कि जिस परीक्षा में पूरे देश के 18 लाख बच्चे बैठ रहे हों, उसे सुचारू रूप से न करा पाने की स्थिति में CBSE ने ‘ब्लैकलिस्ट’ का विकल्प क्यों नहीं हटाया?
PS: और हाँ मंत्री जी, ₹150/पोस्ट वाले ट्रोल को नियंत्रण में रखो, बेहतर रहेगा वरना डॉकूमेंट्स खोदना मुझे आता है। उसी AI से सब कुछ निकालने में बहुत कम समय लगेगा।
मैंने कल एक रोते हुए बच्चे की वीडियो देखी कि उसके पास पैसे नहीं हैं, वो पुनः जाँच क्यों करवाए पैसे दे कर? उसे ‘एसेंशियल रिपीट’ में डाल दिया @cbseindia29 इवैलुएटर ने।
ऐसा तो है नहीं कि कॉपी भेजनी है डाक से। जब हर परीक्षार्थी के हर कॉपी की स्कैन PDF उपलब्ध है, तो वह बच्चों को तो निःशुल्क मिलनी चाहिए। वो लॉगिन करे, उसकी हर कॉपी उसे दिखे, और जब उसे दोबारा जाँच में भिजवानी हो, तो CBSE एक रिफंडेबल अमाउंट ले।
पता नहीं क्यों ये बकलोली कि कॉपी देखने के भी पैसे लगेंगे। कोई तर्क नहीं, कोई अतिरिक्त खर्चा नहीं, बस बच्चों को सताओ। 98 लाख कॉपियाँ हैं, 18 लाख बच्चे हैं। हर बच्चे की एक प्रोफाइल और कॉपी के pdf लिंक क्यों नहीं डाल देते ये लोग साइट पर?
वहीं आप बगल में लगा दें री-इवैलुएशन का बटन। पेमेंट ले लो। यदि बात सही निकले तो पेमेंट रिटर्न कर दो।
पूरा दिन टाइमलाइन केवल ऐसे बच्चों के कॉपी के पन्नों से पटा पड़ा है जिसमें लगता है भाँग खा कर जाँच की गई है। फिजिक्स और कैमिस्ट्री के सबसे अधिक। कहीं पन्ने मिसिंग हैं, कहीं ब्लैंक पेज लिखा है, कहीं रॉन्ग क्वेश्चन नंबर लिखा है, कहीं स्टेप के नंबर नहीं दिए, कहीं उत्तर ही मिस कर दिया, कहीं MCQ को गलत कर दिया…
@EduMinOfIndia यदि थोड़ी भी लज्जा बाकी है, तो ढंग का काम कर दो। और हाँ @narendramodi@PMOIndia, @dpradhanbjp को निकालिए मत, उनको प्रमोट कर के रक्षा मंत्री टाइप कुछ बना दीजिए। किसी राज्य का राज्यपाल या विदेश में राजदूत टाइप का कुछ। रिवार्ड कीजिए, बहुत बढ़िया कार्य कर रहे हैं।
with course of time Indian govt has become consumer killer. websites like @amazonIN@amazon are just exploiting and denying the basic services but govt keep mum on everything. The whole world provide 30 days for returns while in India, its 7 days @DoC_GoI@PMOIndia