एक भीषण अग्निकांड में 22 लोग जान गंवाते हैं, जांच में पता चलता है कि रसोईए केशव नेगी ने इंडक्शन चूल्हे पर आग लगते ही स्वीच ऑफ कर बिना किसी को सूचित किए भाग गया। लिहाजा इलेक्ट्रॉनिक दरवाजे बंद हो गये। पुलिस कार्रवाई थी जिसमें होटल मालिक को गंभीर धाराओं में गिरफ्तार किया गया और केशव नेगी को पूछताछ के बाद। तंत्र में गड़बड़ी है पर सिर्फ पहाड़ी होने से केशव नेगी पाक साफ साबित नहीं हो जाता। यह अजीब सा ट्रैंड बनता जा रहा है कि पहाड़ी है तो विशेष इम्युनिटी मिले। केशव नेगी को जांच में सहयोग करना चाहिए। तंत्र को भी सौ लानत कि इतना बड़ा अवैध होटल बन गया पर तंत्र होता रहा
🚁 🚁 जब दूसरे हेलीकॉप्टर उड़ रहे थे, तो राहुल जी का हेलीकॉप्टर क्यों नहीं उड़ पाया? जवाब दे कौन—#DGCA, #UCADA या हेली कंपनी?
आज राहुल गांधी जी को अल्मोड़ा पधारना था। पूरा अल्मोड़ा ही नहीं, सारा कुमाऊँ मंडल हजारों-हजार की संख्या में एक विशाल जमवाड़े के रूप में श्री राहुल गांधी जी को सुनने के लिए उनका इंतजार कर रहा था। उन्हें पौड़ी भी पहुंचना था, वहां सुबह से हमारे पूर्व सैनिकगण एकत्रित हुए थे, कांग्रेस कार्यकर्ता भी पहुंचे हुए थे। कल देहरादून में कार्यकर्ताओं की बैठक थी, उसके लिए भी बहुत उत्साहपूर्ण तैयारियां थीं।
लेकिन अचानक सूचना आई कि श्री राहुल गांधी जी का हेलीकॉप्टर मौसम खराब होने के कारण लैंड नहीं हो पाएगा। श्री राहुल जी को पंतनगर वापस जाना पड़ा और फिर वहां से उन्होंने अल्मोड़ा में एकत्रित सभी कांग्रेसजनों, भाई-बहनों को टेलीफोन के माध्यम से संबोधित किया। लेकिन इसके बाद बहुत सारे सवाल उठ गए हैं। यह सवाल इसलिए ज्यादा उठे हैं क्योंकि सरकार द्वारा संचालित सर्विसेज वाले हेलीकॉप्टर, जिनकी एजेंसी यूकाडा और डीजीसीए द्वारा मॉनिटरिंग की जाती है, वे यथावत चले हैं। अल्मोड़ा से हल्द्वानी हेलीकॉप्टर पहुंचे हैं और हवाई रास्ता वही है, जिस रास्ते से श्री राहुल गांधी जी के हेलीकॉप्टर को पंतनगर से अल्मोड़ा आना था।
जिस वायु मार्ग से सिंगल इंजन हेलीकॉप्टर आए हैं, तो हमारा डबल इंजन हेलीकॉप्टर कैसे नहीं आ सका? कहीं न कहीं या तो हेली कंपनी, या डीजीसीए, या यूकाडा में से किसी को जवाब देना चाहिए। देश के प्रतिपक्ष के नेता अल्मोड़ा क्यों नहीं पहुंच पाए? उनका हेलीकॉप्टर क्यों नहीं उड़ पाया? जबकि दूसरे हेलीकॉप्टर उसी वायु मार्ग से उड़ान भर पाए हैं और संचालित हुए हैं। यह बड़ा सवाल है। पायलट और हेली सर्विसेज इन्हीं संस्थाओं के द्वारा संचालित होती हैं। यह गंभीर प्रश्न आम लोगों के दिमाग में उठ रहा है।
मैं उसी को अभिव्यक्ति दे रहा हूं क्योंकि हजारों-हजार पुरुष और महिलाएं जिस व्यक्ति को सुनने और देखने के लिए यहां उपस्थित हुए थे, उनके मन में यह प्रश्न स्वाभाविक रूप से उठ रहा है कि कहीं ऐसा तो नहीं है कि मौसम के अलावा कुछ और कारक हों? संभावनाएं हो सकती हैं। हम सामान्य तौर पर राहुल जी की सुरक्षा को लेकर हमेशा चिंतित रहते हैं। हम कभी भी नहीं चाहते हैं कि यदि मौसम खराब हो तो राहुल जी का हेलीकॉप्टर उड़े। मगर जब दूसरे हेलीकॉप्टर इस वायु मार्ग पर उड़ रहे हैं, तो फिर डबल इंजन वाला श्री राहुल गांधी जी का हेलीकॉप्टर क्यों नहीं उड़ पाया? इसका जवाब डीजीसीए, यूकाडा या हेली कंपनी को देना चाहिए।
#RahulGandhi #Almora #Uttarakhand #Congress #Kumaon
@RahulGandhi का आज अल्मोड़ा दौरा है। सुनने में आया है कि सरकार की पूरी कोशिश है कि वे क्वारब न जाएँ।
लेकिन हम @RahulGandhi जी और @UKGaneshGodiyal जी से निवेदन करेंगे कि वे वहाँ अवश्य जाएँ, क्योंकि इंजीनियरिंग और भ्रष्टाचार की ऐसी मिसाल आपको पूरी दुनिया में देखने को नहीं मिलेगी।
@RahulGandhi का आज अल्मोड़ा दौरा है। सुनने में आया है कि सरकार की पूरी कोशिश है कि वे क्वारब न जाएँ।
लेकिन हम @RahulGandhi जी और @UKGaneshGodiyal जी से निवेदन करेंगे कि वे वहाँ अवश्य जाएँ, क्योंकि इंजीनियरिंग और भ्रष्टाचार की ऐसी मिसाल आपको पूरी दुनिया में देखने को नहीं मिलेगी।
@RahulGandhi का आज अल्मोड़ा दौरा है। सुनने में आया है कि सरकार की पूरी कोशिश है कि वे क्वारब न जाएँ।
लेकिन हम @RahulGandhi जी और @UKGaneshGodiyal जी से निवेदन करेंगे कि वे वहाँ अवश्य जाएँ, क्योंकि इंजीनियरिंग और भ्रष्टाचार की ऐसी मिसाल आपको पूरी दुनिया में देखने को नहीं मिलेगी।
मूल निवासियों के लिए न पानी है, न सड़क है और न ही बिजली की व्यवस्था। वहीं दूसरी ओर बाहरी लोगों को बसाकर उन्हें सभी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। साफ दिखाई देता है कि प्रशासन इसमें मिला हुआ है, जिस तरह से सारी सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं।
पहाड़ियों जाग जाओ! अभी भी वक्त है।"
मूल निवासियों के लिए न पानी है, न सड़क है और न ही बिजली की व्यवस्था। वहीं दूसरी ओर बाहरी लोगों को बसाकर उन्हें सभी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। साफ दिखाई देता है कि प्रशासन इसमें मिला हुआ है, जिस तरह से सारी सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं।
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