दिल्ली के लिए हमने जो संकल्प लिया है, उसे पूरा करने के लिए हमारे पास नीति भी है, नियत भी है, बजट भी है और संकल्प भी है।
हमने जो विजन तैयार किया है, उसे जमीन पर उतारने के लिए इस ��िशन को पूरा करने के लिए हम दृढ़ संकल्पित हैं।
#ViksitDelhi
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री @NitinNabin ने बारामती, महाराष्ट्र में राज्य के दिवंगत उप-मुख्यमंत्री श्री अजित पवार के पार्थिव शरीर पर अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की।
गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर ने कहा था कि आजादी तब तक अधूरी है, जब तक आत्मनिर्भरता का जीवन न जिया जाए। मेरी सरकार, भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर और ठोस प्रयास कर रही है।
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का संसद के समक्ष अभिभाषण
तुम्हारे 11 साल के PAAP को साफ करने में कुछ वक्त जरुर लग रहा है, मगर याद रखिए AAP तो दिल्ली से साफ हो गई, अब दिल्ली स्वक्छ व सुंदर ज़रूर बनेगी क्योंकि अब दिल्ली में काम करने वाली सरकार है !
आम आदमी पार्टी के लोगों की नीचता का स्तर यह है कि सिख गुरुओं के अपमान के बाद भी AAP बेशर्मी से हँस रही है।
न इन्हें आस्था की मर्यादा का सम्मान है, न इतिहास की गरिमा की समझ।
देश की सर्वोच्च अ��ालत ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवाद केवल बम-धमाके, हत्या या हथियारबंद हिंसा तक सीमित नहीं है।
समाज को अस्थिर करना, जरूरी सेवाओं और सप्लाई चेन को बाधित करना, देश की आर्थिक सुरक्षा पर प्रहार करना और नागरिक जीवन को अराजकता की ओर धकेलना भी उतना ही गंभीर अपराध है और यह सब आतंकवाद की श्रेणी में आता है।
यूएपीए (UAPA) की व्याख्या करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने जो कहा, वह न सिर्फ अप्रत्याशित है बल्��ि भविष्य के ��िए एक मजबूत न्यायिक मानक भी तय करता है। अदालत ने साफ कहा कि समाज में Chaos फैलाना भी बम धमाके जितना ही खतरनाक है, और इसे भी आतंकवाद ही कहा जाएगा।
इसी ऐतिहासिक सुनवाई में शरजील इमाम और उमर खालिद को जमानत देने से इनकार कर दिया गया। कोर्ट ने माना कि अभियोजन के सबूत प्रथम दृष्टया मजबूत हैं और दोनों साजिश की केंद्रीय भूमिका में थे। इतना ही नहीं, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि ये दोनों 2027 से पहले जमानत के लिए आवेदन भी नहीं कर सकते।
जहां कुछ आरोपियों को सशर्त जमानत मिली, वहीं उन पर सार्वजनिक भाषण और बयानबाज़ी पर सख्त रोक लगा दी गई—यानी माइक, कैमरा और उकसाऊ भाषणों की राजनीति पर ब्रेक।
देश के भीतर राजनीतिक समर्थन और विदेशों से आए दबाव के बीच भी अदालत ने केवल संविधान, कानून और राष्ट्रीय सुरक्षा ��ो आधार बनाया।
संदेश बिल्कुल साफ है—
👉 देश को ठप करने की साजिश
👉 समाज को बांटने की रणनीति
👉 अराजकता को आंदोलन का नाम देने की कोशिश
अब ये सब “अभिव्यक्ति की आज़ादी” नहीं, बल्कि आतंकवाद है।
न्यायपालिका ने बता दिया है कि राष्ट्र के खिलाफ साजिश को विचारधारा का मुखौटा अब नहीं मिलेगा।
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State President Shri @Virend_Sachdeva’s reaction to the Leader of the Opposition in the Delhi Assembly flying off to Goa in the middle of the Assembly session.
आपियों ने 10 साल तक दिल्ली को प्रदूषण के दलदल में झोंके रखा और प्रदूषण नियंत्रण के नाम पर AAP ने समाधान करने के बजाय दिल्ली की जनता की गाढ़ी कमाई सिर्फ प्रचार पर उड़ाई।
अब जब दिल्ली की 10 महीने की भाजपा सरकार खुद कह रही है कि प्रदूषण जैसे गंभीर मु���्दे पर खुली और गंभीर चर्चा होनी चाहिए, तो AAP चर्चा से क्यों भाग रही है?
आख़िर किस बात का डर सता रहा है AAP को? क्या सच सामने आने का डर है, या फिर 11 साल की नाकामी का जवाब देने से बचने की कोशिश?
दिल्ली शहर को हमने एक तरह से मिनी इंडिया का रूप दिया है। हमारी सरकार के प्रयासों में दिल्ली हर त्यौहार को केवल मनाती नहीं है, उस त्यौहार को जीती है। एक भारत, श्रेष्ठ भारत की सजीव तस्वीर है दिल्ली।
सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण की खबरें, जब पाकिस्तान में चलने लगी, तो नेहरू घबरा गए।
नेहरू को अपनी सेक्युलर छवि की इतनी चिंता थी कि उन्होंने 21 अप्रैल, 1951 को पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री लियाकत अली खान को चिट्ठी तक लिख दी।
नेहरू इतने परेशान थे कि अगले ही दिन ��ानी 22 अप्रैल, 1951 को उन्होंने सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष और सौराष्ट्र के गवर्नर जाम साहब दिग्विजय सिंह को भी चिट्ठी लिख दी, इस पत्र में नेहरू ने लिखा कि सोमनाथ मंदिर का जो उद्घाटन कार्यक्रम होने वाला है, उससे मैं बहुत परेशान हूं।
मुझे सबसे ज्यादा परेशानी इस बात से है कि राष्ट्रपति इस कार्यक्रम में जा रहे हैं।
सोमनाथ मंदिर के निर्माण के दौरान बहुत सी ऐसी घटनाएं हुई, जिनसे नेहरू खुश नहीं थ���।
देखिए, ये विस्तृत रिपोर्ट...⬇️
अपनी जड़ों से जुड़कर भविष्य गढ़ रहा है नया भारत!
यह वही भारत है, जो अपनी सभ्यता, संस्कृति और आस्था पर गर्व करते हुए आत्मविश्वास के साथ भविष्य की ओर बढ़ रहा है।
यही है नया भारत।
यही है भारत की चेतना।
जय श्री सोमनाथ! 🛕🚩
हजार साल की धूल झाड़कर, आज भी सीना तान खड़ा,
काल के क्रूर प्रहारों से, सोमनाथ और आगे बढ़ा,
सोमनाथ अमर था, अमर है, अमर रहेगा...
भैरव के उस महाद्वार पर, प्रलय ��ी झुका सिर-माथा,
वही सहस्त्र वर्ष पुराना सोमनाथ, आज खड़ा है साथ,
सोमनाथ अमर था, अमर है, अमर रहेगा...
ये मंदिर नहीं, चेतना है, सनातन का विस्तार,
सभ्यता का जीवित स्वर है, भारत का आधार,
सोमनाथ अमर था, अमर है, अमर रहेगा...
#SomnathSwabhimanParv