ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः! 🙏
समस्त देशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान श्रीकृष्ण की कृपा से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास हो। 🦚
🦚 “શાંત રહો, કર્મ કરતા રહો…
જવાબ સમય આપશે.”
— શ્રી કૃષ્ણના કર્મયોગના સંદેશથી પ્રેરિત
યશોદાનંદન શ્રી કૃષ્ણ ભગવાનના જન્મદિવસ એવાં જન્માષ્ટમી દિવસની સૌને ખૂબ ખૂબ શુભેચ્છાઓ.
જય શ્રી કૃષ્ણ 🙏🙏🙏
#jaydwarkadhish🚩👑
Rahul Gandhi declared the Indian economy “DEAD” in July 2025.
𝐎𝐧𝐞 𝐲𝐞𝐚𝐫 𝐥𝐚𝐭𝐞𝐫, 𝐭𝐚𝐤𝐞 𝐚 𝐥𝐨𝐨𝐤 𝐚𝐭 𝐭𝐡𝐞 𝐧𝐮𝐦𝐛𝐞𝐫𝐬 📊
• Q1 FY27 Real GDP Growth: 7.8%
• Real GVA Growth: 8.2%
• Nominal GDP Growth: 10.3%
• Manufacturing Growth: 9.2%
• Services Growth: 10%
• Financial, Real Estate & Professional Services: 12.1%
This came amid a challenging global environment marked by geopolitical tensions, oil shocks and economic uncertainty. Yet India continues to power ahead as the world’s fastest-growing major economy. Clearly, our economy is not dead.
𝐈𝐧𝐝𝐢𝐚 𝐢𝐬 𝐠𝐫𝐨𝐰𝐢𝐧𝐠, 𝐞𝐱𝐩𝐚𝐧𝐝𝐢𝐧𝐠 𝐚𝐧𝐝 𝐦𝐨𝐯𝐢𝐧𝐠 𝐟𝐨𝐫𝐰𝐚𝐫𝐝 𝐚𝐭 𝐚𝐧 𝐮𝐧𝐩𝐫𝐞𝐜𝐞𝐝𝐞𝐧𝐭𝐞𝐝 𝐬𝐩𝐞𝐞𝐝. 📈
Keep hating, Rahul. New India will keep winning. 🇮🇳
ગુજરાત વિધાનસભામાં સમાન નાગરિક સંહિતા (UCC) વિધેયક બહુમતીથી પસાર થવા બદલ રાજ્યના સૌ જનપ્રતિનિધિઓ અને સૌ નાગરિકોને અભિનંદન પાઠવું છું. ગુજરાત અને દેશ માટે આ એક ઐતિહાસિક ક્ષણ છે.
આ સાથે જ ગુજરાત UCC લાગુ કરનારૂ દેશનું બીજું રાજ્ય બન્યું છે.
સમાન નાગરિક સંહિતાના અમલના લીધે રાજ્યમાં લગ્ન, છૂટાછેડા, વારસાગત મિલકત અને દત્તક લેવા જેવા મુદ્દાઓ પર તમામ ધર્મો અને સમુદાયો માટે સમાન કાયદાકીય માળખું અમલમાં આવશે.
તમામ ધર્મ અને જ્ઞાતિની મહિલાઓને સમાન અધિકારો મળે તે સુનિશ્ચિત થશે, જેથી તેમના સન્માન અને સુરક્ષાની સ્થિતિ વધુ સુદૃઢ બનશે.
સાથે જ, ગુજરાતની ભૌગોલિક અને સાંસ્કૃતિક વિવિધતાને પણ ધ્યાનમાં રાખવામાં આવી હોવાથી કોઈ સમુદાયને અન્યાય ન થાય તેનું પણ વિશેષ ધ્યાન રાખવામાં આવ્યું છે.
સુપ્રીમ કોર્ટના નિવૃત્ત ન્યાયાધીશ જસ્ટિસ રંજના પ્રકાશ દેસાઈની અધ્યક્ષતામાં રચાયેલી ઉચ્ચસ્તરીય સમિતિએ UCC અંગે પોતાનો આખરી અહેવાલ રાજ્ય સરકારને સોંપ્યો હતો.
જેમાં તમામ જરૂરી મુદ્દાઓનો ઝીણવટભર્યો અભ્યાસ કરવામાં આવ્યો છે, અને રાજ્યના જિલ્લાઓની મુલાકાત લઇને લોક અભિપ્રાયો મેળવીને તથા ઘનિષ્ઠ જનસંપર્ક આ વિધેયકનો મુસદ્દો તૈયાર કરવામાં આવ્યો છે.
મને વિશ્વાસ છે કે, UCC લાગુ થવાના લીધે રાજ્યનો સામાજિક ઢાંચો વધુ મજબૂત થશે. તમામ સમાજ અને સમુદાયના લોકો માટે વિકાસનો વધુ ઉત્સાહવર્ધક માહોલ તૈયાર થશે.
માનનીય વડાપ્રધાન શ્રી નરેન્દ્રભાઈ મોદીએ આપેલા વિકસિત ભારતના વિઝનને વિકસિત ગુજરાતના નિર્માણ દ્વારા સાકાર કરવા માટે આપણે વધુ ઝડપથી આગળ વધી શકીશું.
જય જય ગરવી ગુજરાત.
#UCCinGujarat
આજનો દિવસ ગુજરાતના ઈતિહાસમાં સોનેરી અક્ષરોમાં યાદ રખાશે; આજે માન. મુખ્યમંત્રી શ્રી ભૂપેન્દ્રભાઈ પટેલ ગુજરાતની સૌ બહેન, દીકરી, માતાઓ માટે રાજ્યમાં સમાન નાગરિક સંહિતા (UCC) ગુજરાત વિધાનસભા ગૃહમાં રજૂ કરવા જઈ રહ્યા છે : નાયબ મુખ્યમંત્રી શ્રી હર્ષભાઈ સંઘવી
#UCC#Gujarat@CMOGuj@Bhupendrapbjp@sanghaviharsh
देश में राजनीतिक भ्रष्टाचार के विरुद्ध मोदी सरकार की प्रतिबद्धता और जनता के आक्रोश को देख कर आज मैंने संसद में लोकसभा अध्यक्ष जी की सहमति से संवैधानिक संशोधन बिल पेश किया, जिससे महत्त्वपूर्ण संवैधानिक पद, जैसे प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, केंद्र और राज्य सरकार के मंत्री जेल में रहते हुए सरकार न चला पाएँ।
इस बिल का उद्देश्य सार्वजनिक जीवन में गिरते जा रहे नैतिकता के स्तर को ऊपर उठाना और राजनीति में शुचिता लाना है । इन तीनों बिल से जो कानून अस्तित्व में आएगा, वह यह है कि:
(1) कोई भी व्यक्ति गिरफ्तार होकर जेल से प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री , केन्द्र या राज्य सरकार के मंत्री के रूप में शासन नहीं चला सकता है।
(2) संविधान जब बना, तब हमारे संविधान निर्माताओं ने यह कल्पना भी नहीं की थी कि भविष्य में ऐसे राजनीतिक व्यक्ति भी आएँगे, जो अरेस्ट होने से पहले नैतिक मूल्यों पर इस्तीफा नहीं देंगे। विगत कुछ वर्षों में, देश में ऐसी आश्चर्यजनक स्थिति उत्पन्न हुई कि मुख्यमंत्री या मंत्री बिना इस्तीफा दिए जेल से अनैतिक रूप से सरकार चलाते रहे।
(3) इस बिल में आरोपित राजनेता को गिरफ़्तारी के 30 दिन के अंदर अदालत से जमानत लेने का प्रावधान भी दिया गया है। अगर वे 30 दिन में जमानत प्राप्त नहीं कर पाते हैं, तो 31वें दिन या तो केंद्र में प्रधानमंत्री और राज्यों में मुख्यमंत्री उन्हें पदों से हटाएँगे, अन्यथा वे स्वयं ही कानूनी रूप से कार्य करने के लिए अयोग्य हो जाएँगे। क़ानूनी प्रक्रिया के बाद ऐसे नेता को यदि जमानत मिलेगी, तब वे अपने पद पर पुनः आसीन हो सकते हैं।
अब देश की जनता को यह तय करना पड़ेगा कि क्या जेल में रहकर किसी मंत्री, मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री द्वारा सरकार चलाना उचित है?
एक ओर प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी ने अपने आप को कानून के दायरे में लाने का संविधान संशोधन पेश किया है और दूसरी ओर कानून के दायरे से बाहर रहने, जेल से सरकारें चलाने और कुर्सी का मोह न छोड़ने के लिए काँग्रेस के नेतृत्व में पूरे विपक्ष ने इसका विरोध किया है।
देश को वह समय भी याद है, जब इसी महान सदन में तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी जी ने संविधान संशोधन संख्या-39 से प्रधानमंत्री को ऐसा विशेषाधिकार दिया कि प्रधानमंत्री के विरुद्ध कोई भी कानूनी कार्यवाही नहीं हो सकती थी।
एक तरफ यह काँग्रेस की कार्य संस्कृति और उनकी नीति है कि वे प्रधानमंत्री को संविधान संशोधन करके कानून से ऊपर करते हैं। जबकि, दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी की नीति है कि हम हमारी सरकार के प्रधानमंत्री, मंत्री, मुख्यमंत्रियों को ही कानून के दायरे में ला रहे हैं।
आज सदन में काँग्रेस के एक नेता ने मेरे बारे में व्यक्तिगत टिप्पणी भी की, कि जब काँग्रेस ने मुझे पूरी तरह से फर्जी केस में फँसाया और गिरफ़्तार कराया, तब मैंने इस्तीफा नहीं दिया।
मैं काँग्रेस को याद दिलाना चाहता हूँ कि मैंने अरेस्ट होने से पहले ही इस्तीफा दे दिया था और बेल पर बाहर आने के बाद भी, जब तक मैं अदालत से पूरी तरह निर्दोष साबित नहीं हुआ, तब तक मैंने कोई संवैधानिक पद नहीं लिया था। मेरे ऊपर लगाए गए फर्जी केस को अदालत ने यह कहते हुए ख़ारिज किया कि केस political vendetta से प्रेरित है।
भारतीय जनता पार्टी और NDA हमेशा नैतिक मूल्यों के पक्षधर रहे हैं। श्री लाल कृष्ण आडवाणी जी ने भी सिर्फ आरोप लगने पर ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। दूसरी ओर श्रीमती इंदिरा गांधी जी द्वारा शुरू की गई अनैतिक परंपरा को काँग्रेस पार्टी आज भी आगे बढ़ा रही है।
जिस श्री लालू प्रसाद यादव जी को बचाने के लिए काँग्रेस पार्टी अध्यादेश लाई थी, जिसका श्री राहुल गांधी ने विरोध किया था, आज वही राहुल गांधी पटना के गांधी मैदान में लालू जी को गले लगा रहे हैं। विपक्ष का यह दोहरा चरित्र जनता भली-भांति समझ चुकी है।
पहले से स्पष्ट था कि यह बिल पार्लियामेंट की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के समक्ष रखा जाएगा, जहाँ इस पर गहन चर्चा होगी, फिर भी सभी प्रकार की शर्म और हया छोड़कर, भ्रष्टाचारियों को बचाने के लिए, काँग्रेस के नेतृत्व में पूरा INDI गठबंधन एकत्रित होकर इसका भद्दे व्यवहार से विरोध कर रहा था।
आज विपक्ष जनता के बीच पूरी तरह से expose हुआ है।