आरक्षण का विरोध करने वाले कहते हैं, "योग्य उम्मीदवार नहीं मिलते।"
लेकिन जब योग्य उम्मीदवार मौजूद हों और फिर भी आरक्षित सीटों को "Not Found Suitable (NFS)" बताकर खाली छोड़ दिया जाए, तो सवाल मेरिट पर नहीं, सिस्टम पर उठता है।
क्या NFS प्रतिनिधित्व रोकने का नया संस्थागत हथियार बनता जा रहा है? सवाल पूछना जरूरी है।
#Reservation #NFS #SocialJustice #HigherEducation #PhD #Representation
श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के लिए जीवन समर्पित करने वाले चंपत राय जी पर बिना प्रमाण आरोप लगाना गलत है। मंदिर में चोरी अनिल मिश्रा और गोपाल ने मिलकर की है और चंपत जी के साथ विश्वासघात किया है। दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो, लेकिन चंपत जी के त्याग का अपमान न हो।
#RamMandir#Truth
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने प्रो. बुद्ध रश्मि मणि को पुरातत्व के क्षेत्र में पद्म श्री से सम्मानित किया। प्रो. बुद्ध रश्मि मणि नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय संग्रहालय के पूर्व महानिदेशक और भारत सरकार के भारतीय विरासत संस्थान के कुलपति हैं। उन्हें बेहतरीन उत्खननकर्ताओं, कला समीक्षकों, पुरालेखविदों और मुद्राशास्त्रियों में से एक के रूप में व्यापक रूप से मान्यता प्राप्त है। पुरातत्व के क्षेत्र में उनकी बहुआयामी विशेषज्ञता ने भारत के अतीत को समझने के दृष्टिकोण में एक युगांतकारी बदलाव ला दिया है। उन्होंने अयोध्या (श्री राम जन्मभूमि), कपिलवस्तु, राजघाट, सारनाथ, सिसवानिया, संकिसा, लाल कोट, कनिष्कपुर और अंबारन सहित कई उत्खनन कार्यों का निर्देशन किया।
हम भारतवासी भी गजब हैं, ऐसा प्रधानमंत्री चुना है जो अपने किये वादों पे कभी बात नही करता क्योंकि इनका कोई भी वादा आजतक पूरा नही हुआ-
सांसद ग्राम योजना?
स्मार्ट सिटी?
रोजगार?
स्वच्छ भारत?
महंगाई कंट्रोल?
कालाधन? सब फेल।
और ये आदमी कहता है हम विश्वगुरु बनेंगे।
@narendramodi संबोधन हुआ है एक झूठ को सच बनाने के लिए। संबोधन हुआ है यह बताने के लिए जो महिला आरक्षण बिल 2023 में पास हो चुका है, उसे 2026 में विपक्ष ने रोक दिया है। बस ये नहीं बोला कि नेहरू की वजह से हम 30 महीने से लागू नहीं कर पाए और दबा के बैठे हैं। यह भी बोल देते तो बात पूरी हो जाती।
एक दिन ऐसा डंकापति प्रधानमंत्री आएगा जो विपक्ष को गाली देने के लिए राष्ट्र के नाम संबोधन करेगा।
और एलपीजी सिलेंडर की कमी पर बिल में छुप जाएगा।
बलात्कारियों के लिए घूम-घूमकर चुनाव प्रचार करेगा।
मणिपुर में अशांति हो तो विदेश भाग जाएगा।
देश को भगवान ही बचाएं।
खुद पत्नी छोड़कर भागा, अब दूसरों की बहू-बेटी को न्याय दिलाने का नाटक।
महिला आरक्षण बिल पास हो चुका, फिर स्पेशल सेशन क्यों? सिर्फ नौटंकी, रील और टैक्स का पैसा फूंकने के लिए।
असली मंशा महिलाओं के नाम पर वोट और सीट चोरी है।
देशवासियों, इन नौटंकीबाजों से देश और लोकतंत्र बचाओ 🙏🏿
मोदी जी का अभी दूरदर्शन पर देश के नाम संबोधन देखा। ये केवल कांग्रेस के विरोध में बोल रहे थे।
एक भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा दूरदर्शन पर बतौर प्रधानमंत्री आकर किसी राजनैतिक पार्टी को टारगेट करना पहली बार देखा।
क्या निर्वाचन आयोग इसे चुनाव प्रचार मानेगा?
मतलब अब तो हद ही हो रखी।
@wb_IndianOil@IndianOilcl Non-Delivery of Gas Refill – Consumer No: 7062850022
My payment of ₹913 (Order ID: 406-6229243-4396336) was successful on 04 April 2026. Despite Ref No: 2-005591675542 promising delivery within a week, 8 days have passed without delivery.@PetroleumMin@PMOIndia#NriproGasAgency
@DelhiIocl Non-Delivery of Gas Refill– Consumer No: 7062850022
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भारत के चुनावी इतिहास में पहली बार बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश पर होगी EVM की जांच
भारत के चुनावी इतिहास में पहली बार बॉम्बे हाई कोर्ट ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की जांच और निरीक्षण की अनुमति दी है। यह आदेश जस्टिस सोमशेखर सुंदरेसन द्वारा जारी किया गया।
इस मामले में याचिकाकर्ता कांग्रेस वर्किंग कमेटी के आमंत्रित सदस्य और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री नसीम खान हैं, जबकि प्रतिवादी शिवसेना विधायक दिलीप लांडे हैं। 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में दिलीप लांडे (एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना) ने मुंबई उपनगर की चांदीवली सीट से नसीम खान को मात दी थी।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि जैसे ही आवेदक की ओर से EVM जांच की अनुमति का निर्देश लागू होगा, भारतीय चुनाव आयोग को दो महीने के भीतर मशीनों का निरीक्षण पूरा करना होगा। नसीम खान ने कहा कि अब तक भारत में चुनाव के बाद उम्मीदवारों और अधिकारियों की मौजूदगी में EVM की जांच नहीं की गई है। उन्होंने इसे “ऐतिहासिक फैसला और जरूरी न्यायिक हस्तक्षेप” करार दिया।
#EVM #BombayHighCourt #Democracy #ElectionCommission #MaharashtraPolitics #TCNLive
सरकार कहती है कि गैस की कोई कमी नहीं है, फिर भी 4 अप्रैल को बुक किया गया LPG सिलिंडर आज तक डिलीवर नहीं हुआ। पेमेंट भी पहले ही हो चुका है, फिर ऐसी देरी क्यों?
क्या सप्लाई में दिक्कत है या फिर एजेंसी स्तर पर कोई गड़बड़ी हो रही है? @PetroleumMin#indane#NriproGasAgency#GasIssue
अगर कहीं ब्लैक में सिलिंडर बेचे जा रहे हैं तो इस पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
कृपया संबंधित अधिकारी इस मामले को देखें और जल्द समाधान करें।
#hardeepsinghpuri#ConsumerRights
नेताओं और VIP को खुश करने के लिए 14 साल की लड़कियां सप्लाई कर रहा बिहार का नेता; भास्कर इन्वेस्टीगेशन में देखिए कैसे 17 साल से चल रहा था JDU नेता का रात का खेल...
पूरा वीडियो देखने के लिए लिंक पर क्लिक करें-
https://t.co/gv2WZwf2nL
#BiharNews#HindiNews#JBU#Scandal
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री मल्लिकार्जुन खरगे जी के प्रति जिस तरह की अभद्र और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया है, वह अत्यंत शर्मनाक और अस्वीकार्य है।
खरगे जी देश के वरिष्ठतम नेताओं में से एक हैं। वे न सिर्फ कांग्रेस पार्टी के, बल्कि देश के दलितों व वंचितों के प्रबुद्ध प्रतिनिधि हैं। उनका अपमान करके भाजपा के मुख्यमंत्री ने देश के करोड़ों लोगों का अपमान किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी देश के सामने स्पष्ट करें, क्या वे करोड़ों भारतीयों के इस अपमान से सहमत हैं?
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी के विरुद्ध इस्तेमाल की गई अभद्र और घटिया भाषा पूरी तरह निंदनीय, शर्मनाक और अस्वीकार्य है।
खरगे जी देश के एक वरिष्ठ और लोकप्रिय दलित और जननेता हैं - उनका अनुभव, कद और प्रतिष्ठा अतुलनीय है। उनका अपमान किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि इस देश के SC-ST समाज के करोड़ों लोगों का भी अपमान है।
लेकिन यह कोई नई बात नहीं है - यह BJP-RSS की पुरानी और सुनियोजित मानसिकता है।
बाबासाहेब अंबेडकर का अपमान हो, दलित नेताओं को नीचा दिखाना हो, या SC-ST समाज के प्रतिनिधियों पर व्यक्तिगत हमले हों - भाजपा और RSS का इतिहास गवाह है कि जब-जब कोई दलित नेता सच बोलता है, तब-तब ये उसे अपमानित करने पर उतर आते हैं।
यही इनकी विचारधारा है, यही इनका असली चरित्र और चेहरा है।
और, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से सीधा सवाल है - क्या आप हिमंता सरमा की इस भाषा का समर्थन करते हैं? आपकी चुप्पी मजबूरी नहीं, सहमति है।
प्रधानमंत्री अगर देश के करोड़ों दलितों के सम्मान पर हमला होते देख मुँह न खोलें - वो न सिर्फ अपनी ज़िम्मेदारी से भाग रहे हैं, बल्कि उस अपमान के हिस्सेदार भी हैं।
बाबा खड़गे का इकबाल हमेशा बुलंद रहता है। गुवाहाटी के प्रेस कांफ्रेंस में हिमांता को नंबर एक भ्रष्टाचारी तो कह ही दिया साथ में जब पत्रकार ने पूछा कि पवन खेड़ा के घर पुलिस पहुंची है तो बाबाजी ने कहा "गिरफ्तार! ऐसे तो बहुत देखे हैं"
जब सुप्रीमो का हौसला इस कदर बढ़ा हुआ हो तो खेड़ा जी के हौसले का अंदाजा लगाइए।
असम के मुख्यमंत्री लोगों में सांप्रदायिकता का ज़हर रोज भर रहे हैं। सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है और प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और यहां के मुख्यमंत्री जनता को बताते हैं कि असम में सब कुछ ठीक है। पर यह असलियत नहीं है।
📍नीलमबाज़ार, असम