#waiting_list_in_upsssc
यूपी की ज्यादातर वेकेंसी पेंडिंग होने के कारण अभ्यर्थी कई भर्तियों में शामिल हुए जिसमें उनके अच्छे नंबर भी हैं। वह ज्वाइनिंग तो एक ही पोस्ट पर करेंगे बाकी सीटें खाली न रह जाएं इसके लिए वेटिंग लिस्ट बहुत जरूरी है।
@myogiadityanath@yadavakhilesh
@AcharyaPramodk जब संसद में गालियां दी जाती है तब तुम्हारी आत्मा कहा विचरण करने चली जाती है ? सब लोग संसद अपने चुने नेताओं से जवाब मांगने ही जा रहे थे न इसमें गलत क्या है? और कहा बैठकर गिना कि सिर्फ 20 गोले चले बिना पता किए मुंह उठाकर कुछ भी ?
#waiting_Iist_in_upexams
वेटिंग लिस्ट आपका अधिकार है।
और कोई अधिकार बिना लड़े नहीं मिलता । इसलिए आज आप आवाज उठाएंगे तो कल आधा या 1 नंबर का मलाल नहीं रहेगा।
#waiting_Iist_in_upexams
ताकि वेरिफिकेशन के बाद सीट खाली न जाए जिससे आयोग को भी बार- बार उसी पद के लिए एग्जाम कराने की जरूरत न हो। और अधिक से अधिक अभ्यर्थियों को मौका मिलेगा। सभी विभागों में कर्मचारियों की संख्या सही होगी तो संचालन अच्छा होगा।
@myogioffice@UPGovt@yadavakhilesh
#waiting_Iist_in_upexams@UPGovt
भर्तियां विलंब से होने के कारण एक अभ्यर्थी कई एग्जाम में शामिल होता है और वेरिफिकेशन भी हो जाता है। ज्वाइन एक करेगा और बाकी खाली न जय इसलिए हमारी उत्तर प्रदेश सरकार से निवेदन है कि यूपी के सभी भर्तियों में वेटिंग लिस्ट का प्रावधान किया जाए।
@MediaHarshVT भाजपा के कार्यकर्ता अमेरिका ने तीन भारतीय को मार दिया। उस पर आपके आका से भी एक सवाल पूछ लेते लेकिन नहीं पूछ पाओगे क्योंकि चाटुकारिता में वहां अपना ईमान जो गिरवी रख दिए हो। एक कोई कार्यकर्त्री खड़ी होकर फोटो क्लिक करा लिया तो उस पर तुम्हें अपनी घटिया सोच दिखानी है।
उपलब्धि के नाम पर सिर्फ कार्यकाल नहीं बल्कि देश की उन्नति और उनके कामों के बारे में चर्चा होनी चाहिए। वैसे तो चाहे 50 सालों तक भी रह लें लेकिन नेहरू का रिकॉर्ड कभी नहीं तोड़ पाएंगे। देश की जिस स्थिति में नेहरू जी को जिम्मेदारी मिली थी। उनकी जगह ये होते जो बचा था वो बेच देते।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सबसे लंबे समय तक देश की सेवा करने का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
पंडित नेहरू 13 मई 1952 से 27 मई 1964 तक, यानी करीब 12 साल और 14 दिनों तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहे थे। अब नरेंद्र मोदी इस रिकॉर्ड को पार कर चुके हैं।
ऐसे समय में, जब गठबंधन से लेकर तमाम तरह की राजनीतिक जटिलताएं पहले से कहीं ज्यादा हैं, यह अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।
आज इस मौके पर उनके समर्थकों के साथ-साथ उनके आलोचकों और राजनीतिक विरोधियों के मन में भी यह सवाल जरूर होगा कि क्या पीएम मोदी पंडित नेहरू के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बने रहने का रिकॉर्ड भी तोड़ पाएंगे।
ऐसा करने के लिए उन्हें अपना मौजूदा कार्यकाल पूरा करना होगा, जिसमें अभी लगभग 3 साल बाकी हैं। और अगर 2029 के चुनावों में जीतकर वह दोबारा प्रधानमंत्री बनते हैं, और कम-से-कम मार्च-अप्रैल 2031 तक इस पद पर बने रहते हैं, तब वह उस रिकॉर्ड को भी पार कर सकते हैं।