प्रदेश में बढ़ती ठंड और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोरोना को लेकर जताई जा रही आशंकाओं के बीच यह बहुत जरूरी है कि संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की बात सुनी जाए और मध्य प्रदेश की जनता को स्वास्थ्य सुविधाओं की अव्यवस्था से बचाया जाए।
प्रदेश के 32000 संविदा स्वास्थ्य कर्मी 15 दिसंबर से हड़ताल पर हैं। प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का हाल पहले से ही खराब है, लेकिन सरकार ने अब तक इस हड़ताल को समाप्त कराने के लिए कोई न्याय प्रिय कदम नहीं उठाया है।
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@Nitinreporter5
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एनएचएम संविदा कर्मचारियों के लिए साल तो बदल गया काश कोई उनके हालात बदल पाता। अभी तक तो आपने भी कुछ नहीं किया है लेकिन उम्मीद भी आपसे हैं नए साल में हमें नियमितीकरण का तोहफ़ा दे दीजिए।
नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं 🙏🙏
@ChouhanShivraj@OfficeofSSC#Happy_new_year_with_nhm_employee
👉 इसे कहते है जब तक तोड़ेंगे नही तब तक छोड़ेंगे नही #spirit💪 कल रात्रि में शहडोल संविदाकर्मियों की हड़ताल में लगे टेंट को नगरपालिका द्वारा बिना बताए ले जाया गया है। पर कर्मचारियों का जोश👊जिंदा है।
हम वो है जहाँ मुश्किले भी शर्मिंदा है
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