यह बड़े दुख व चिन्ता की बात है कि पिछले कुछ समय से अकेले यू.पी. में ही नहीं बल्कि अब तो फिल्मों में भी ’पंडत’ को घूसखोर आदि बताकर पूरे देश में जो इनका अपमान व अनादर किया जा रहा है तथा जिससे समूचे ब्राह्मण समाज में इस समय ज़बरदस्त रोष व्याप्त है, इसकी हमारी पार्टी भी कड़े शब्दों में निन्दा करती है। ऐसी इस जातिसूचक फिल्म (वेब सीरीज) ’घूसखोर पंडत’ पर केन्द्र सरकार को तुरन्त प्रतिबन्ध लगाना चाहिये, बी.एस.पी. की यह माँग। साथ ही, इसको लेकर लखनऊ पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज करना उचित कदम।
10 कुर्सी डाल कर क़ब्ज़ा ली
10 हज़ार करोड़ की सरकारी ज़मीन
4 लाख 59 हज़ार Sq.f. ज़मीन पर क़ब्ज़ा
डीडीए ग्रीन पर बना है ईदगाह ज़ाफ़राबाद
8 जुलाई 1966 और मार्च 1971 के कागजों ने सब स्पष्ट कर दिया
नेता अधिकारी शासन प्रशासन भले तेरे साथ हो
लेकिन गिरेगी 😂 गुंडागर्दी खत्म
हाहाहा! 'सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली' वाली कहावत आज साक्षात चरितार्थ हो रही है।
अखिलेश जी 'मन-विधान' की बात कर रहे हैं? अरे, 'मन-विधान' तो वो था जब सैफई से ट्रांसफर-पोस्टिंग की लिस्ट आती थी, और गुंडे थानों में दरोगा की कुर्सी पर बैठकर हुक्म चलाते थे। तब संविधान नहीं, 'सपा-विधान' चलता था!
और 'पीडीए' (PDA) की रक्षा की बात?
ये बात तब याद नहीं आई थी जब 'गेस्ट हाउस कांड' हुआ था? तब संविधान छुट्टी पर था क्या?
जब संसद में 'पदोन्नति में आरक्षण' का बिल इनके ही सांसदों ने फाड़ा था, तब 'दलित प्रेम' और 'संविधान' कहाँ गया था?
सच्चाई ये है कि जब ये सत्ता में होते हैं तो इन्हें 'तमंचे और मनोरंजन' याद आते हैं, और जब विपक्ष में होते हैं तो 'संविधान और आरक्षण' याद आता है।
ये 'करो या मरो' का नारा संविधान बचाने के लिए नहीं, बल्कि अपनी डूबती हुई 'पारिवारिक विरासत' बचाने के लिए है। जनता अब इन 'जुमलों' और 'ड्रामे' को अच्छे से डिकोड कर चुकी है!
@VishalMaurya34@Mayawati कल कश्मीर में राष्ट्रीय चिन्ह अशोक स्तम्भ को तोड़ दिया संविधान की धज्जियां उड़ाई फिर भी आप ओर आपके सहयोगी मौन है लड़ सिर्फ भाजपा रही हैं।
कल शाम All India News की रिपोर्टर सुप्रिया पाठक एवं कैमरामैन श्याम को अवैध अतिक्रमणकारियों ने घेर लिया और उनके साथ हिंसा की। दोनों सीमापुरी बंगाली बस्ती, 200 फुटा रोड के निकट अवैध अतिक्रमण की रिपोर्टिंग करने गए थे।
सुप्रिया के पैर में फ्रैक्चर हो गया है। दंगाई भीड़ कैमरा-माइक भी लेकर भाग गई। @DelhiPolice विशेष सक्रियता नहीं दिखा पा रही क्योंकि ये सब संभवतः बड़ी बात है नहीं।
दिल्ली सरकार को कुछ नहीं कहूँगा क्योंकि… रहने देते हैं।
इसने नूपुर शर्मा का जीवन जी ते जी नर्क बनाया |
अब मौका है नूपुर शर्मा के आंसुओं का बदला लेने का |
साथ आओ और इसको जेल भिजवाने के लिए अभियान चलाओ |
#ArrestZubair