समाजवादी पार्टी, उत्तर प्रदेश
19, विक्रमादित्य मार्ग, लखनऊ
प्रकाशन/प्रसारण हेतु- दिनांकः 18.09.2026
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने यूपीएसएसएससी अभ्यर्थियों से कहा कि नौकरी के लिए इंतजार करते-करते थक गये आप सब बेरोजगारों की ये माँग जायज है कि यूपीएसएसएससी की सभी भर्तियों में वेटिंग लिस्ट की व्यवस्था की जानी चाहिए, जिससे अगर कोई चयनित अभ्यर्थी अपनी सीट छोड़ दे तो उसके बाद किसी अन्य को वो सीट मिल सके। इस फैसले से लाखों अभ्यर्थियों को फायदा मिल सकेगा और भाजपा पर लगा ‘महा-बेरोजगारी’ फैलाने का दाग भी थोड़ा कम होगा लेकिन भाजपा सरकार ये काम कभी नहीं करेगी क्योंकि नौकरी भाजपा के एजेंडे में है ही नहीं।
श्री अखिलेश यादव ने कहा कि ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि आप सब युवक-युवतियों की असीम ऊर्जा राष्ट्र-निर्माण के काम में न लगकर, अपने लिए काम-रोजगार-नौकरी पाने की गुहार-पुकार में व्यर्थ हो रही है।
उन्होंने कहा कि हम यूपीएसएसएससी के आप सभी अभ्यर्थियों की आवाज में अपनी आवाज मिलाकर आपकी हर माँग के समर्थन में हर हाल, हर हालात में साथ खड़े हैं और हमेशा खड़े रहेंगे।
हम नई सरकार बनाने पर इस माँग की पूर्ति करने के लिए वचनबद्ध हैं। आप सबने इतने साल संघर्ष करके देख लिया है कि असंवेदनशील-हृदयहीन भाजपाइयों से ‘पीड़ा’ के अलावा और कुछ भी हासिल नहीं होगा। अब आप भी पीड़ितों की श्रेणी में गिने जा रहे हैं, इसीलिए आप भी पीडीए ही हुए क्योंकि हम हमेशा कहते हैं और आज फिर कह रहे हैं। जो पीड़ित, वो पीडीए।
श्री अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा जाएगी तभी नौकरी आएगी। अभ्यर्थी कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा।
(राजेन्द्र चौधरी)
मुख्य प्रवक्ता
#upsssc को इन छात्रों का दर्द समझना चाहिए. बीते दिनों जब लल्लनटॉप की आयोग के सचिव से बात हुई तो हमने उनसे वेटिंग लिस्ट के बारे में पूछा था. उन्होंने जवाब दिया कि वेटिंग लिस्ट पर फैसला ना आयोग ले सकता है ना विभाग. ये फैसला सरकार ही ले सकती है. माने मुख्यमंत्री @myogiadityanath के दखल के बाद ही इस पर कुछ फैसला आ सकता है.
#UPSSSC
Candidates of Village Panchayat Officer (VPO) examination who are waiting for the final merit list, announced on Friday (August 14, 2026) of organising an indefinite protest outside Uttar Pradesh Subordinate Service Selection Commission (UPSSSC) from August 17, if the merit list is not released and questioned the commission for the delay.
✍️Mayank Kumar
https://t.co/z3ZtG9E96l
UPSSSC की तमाम वैकेंसी हैं जो सालों से लटकी हैं. ग्राम विकास अधिकारी का नोटिफिकेशन आया 2023 में, एग्जाम हुआ 2025 में और फाइनल रिजल्ट अभी तक नहीं आया.
कुछ ऐसा ही हाल जूनियर असिस्टेंट का भी है. UPSSSC दफ्तर पर मिले छात्रों ने लल्लनटॉप से बात की. छात्र परेशान हैं.
Full Report: https://t.co/ULpp5YZUOh
@RajatpandeyJF@editor_yogeshy
#BREAKING BCI Chairperson Manan Kumar Mishra says that no student who graduated from NALSAR University of Law will be enrolled until further orders from Bar Council of India.
BCI Chairman seeks report from NALSAR on students who mobilised a campaign to not invite CJI Surya Kant for convocation.
#UPSSSC
कल उत्तर प्रदेश के सभी प्रतियोगी छात्र डिजिटल रूप से UPSSSC आयोग के प्रति आंदोलित रहेंगे। उनकी ये 5 प्रमुख माँग है। इसे जल्द ही सरकार को मान लेनी चाहिए, नहीं तो यही एक बड़े आंदोलन का रूप ले लेगा।
@CMOfficeUP@UPGovt@myogioffice#UPSSSC_REFORM_MOVEMENT
उत्तर प्रदेश की भर्ती प्रक्रियाएँ रोज़गार का माध्यम नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ का प्रतीक बन चुकी हैं।
ग्राम पंचायत अधिकारी (VPO) भर्ती इसका स्पष्ट उदाहरण है। 28 जून 2022 को विज्ञापन जारी हुआ, अक्तूबर 2022 में PET हुई, अप्रैल 2025 में मुख्य परीक्षा आयोजित हुई और अब मुख्य परीक्षा को भी एक वर्ष से अधिक बीत चुका है, लेकिन अंतिम परिणाम आज तक घोषित नहीं किया गया।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, आखिर आपकी सरकार किस बात का इंतज़ार कर रही है? क्या यही भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए की डबल इंजन सरकार की रफ़्तार है, जहाँ भर्तियाँ वर्षों तक फाइलों में अटकी रहती हैं और युवा अपने भविष्य के लिए दर-दर भटकते हैं?
It is painful to see young students from different parts of the country assembled for days on the streets of New Delhi. Their anxieties and concerns regarding the examination system are genuine and must be handled with empathy and a desire to find a lasting solution. I fervently hope that this is not treated merely as a law-and-order issue to be tackled through the use of force. It is very painful to see that even young girls were brutally mishandled.
Such use of force shall alienate large sections of Indian society from the national goal of Viksit Bharat.
यह देखना अत्यन्त पीड़ादायक है कि देश के विभिन्न भागों से आए युवा छात्र कई दिनों से नई दिल्ली की सड़कों पर एकत्रित हैं। उनकी चिंताएँ और सरोकार वास्तविक हैं। इन्हें सहानुभूति तथा दूरगामी समाधान की दृष्टि से हल किया जाना चाहिए। मुझे पूरी आशा है कि इसे केवल कानूनी और व्यवस्था की समस्या के रूप में नहीं देखा जाएगा जिससे बलपूर्वक निपटा जाये। मुझे य़ह देखकर अत्यन्त पीड़ा हुई है कि महिलाओं और युवतियों पर निर्मम बल प्रयोग किया गया।
ऐसे बल के उपयोग से भारतीय समाज का बड़ा हिस्सा विकसित भारत के लक्ष्य से बहुत दूर चला जाएगा।
प्रयागराज यू पी में तानाशाही चरम पर है बंद कमरे में भी लाखों छात्रों के भविष्य पर बात करने तक की इजाजत नहीं पेपर लीक पर बात करने पर प्रशासन रोकने पहुंच गया है।
मोदी योगी की डबल इंजन सरकार पूरी तरह फेल हो चुकी है विपक्ष को कुचलना चाहती है।