वायरल संदेश में शहीद भरत तिवारी की शहादत से आक्रोशित जनता मशाल जुलुश निकाल रही है, न्याय की मांग उग्रता और आक्रामकता की ओर अग्रसारित हो रही है जो नहीं होना चाहिए।किंतु आम जन उत्तर प्रदेश तथा बिहार में पुलिसिया आतंक की दुहाई दे कर भ्रष्टाचार के प्रति लामबंद हो हुंकार भर रहें हैं।
"केवल चुनाव जीत लेना किसी को मनमानी करने का अधिकार नहीं देता। लोकतंत्र का मूल उद्देश्य जनता की सेवा, सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करना है।
जब तक राजनीति में अपराधी मानसिकता के लोग प्रभावी बने रहेंगे, तब तक आम नागरिक हत्या, बलात्कार, लूट, भ्रष्टाचार और अन्याय जैसी समस्याओं से जूझता रहेगा। जो व्यक्ति स्वयं अपराध और अनैतिकता की पृष्ठभूमि से आया हो, उससे सुशासन की अपेक्षा करना कठिन है। स्वाभाविक है कि वह ऐसी पुलिस, ऐसी जांच एजेंसियां, ऐसे कानून और ऐसी न्याय व्यवस्था चाहता होगा जो उसके हितों की रक्षा करे, जनता के अधिकारों की नहीं।
आज आवश्यकता इस बात की है कि संसद, विधानसभाओं और सरकारों में बैठे आपराधिक छवि वाले तत्वों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से बाहर का रास्ता दिखाया जाए। जब तक राजनीति का अपराधीकरण समाप्त नहीं होगा, तब तक किसी न किसी 'भरत तिवारी' को अन्याय और अपराध का शिकार होकर बलिदान देना पड़ता रहेगा।
राष्ट्रहित में राजनीति का शुद्धिकरण और जवाबदेह शासन व्यवस्था समय की सबसे बड़ी मांग है।"
मेरा अनुभव और मेरी उम्र इस दावे के साथ कह रहे हैं कि यह शव-यात्रा किसी मनचले या विक्षिप्त इंसान की नहीं हो सकती। हाँ, यह क्रांतिकारी अपने लोगों के लिए, अपनी मिट्टी के लिए और सिस्टम से त्रस्त आम जनता के लिए 'पागल' था।हम बारंबार इस व्यक्तित्व को नमन करते हैं। अपने लिए तो सब जीते हैं, लेकिन जो दूसरों के लिए मर जाए, वह साधारण इंसान नहीं हो सकता।जो लोग भगत सिंह को असेंबली में बम फेंकने के लिए दोषी करार देते हैं (जिन्होंने सिर्फ बहरी सरकार के कान खोलने के लिए वह कार्य किया था), वही लोग इस 'भरत' को भी दोषी कह सकते हैं। वास्तव में, विक्षिप्त वे लोग खुद हैं।
नमन भरत!
यही हत्यारे हैं देशभक्त भारत तिवारी जी के
अबे नामर्द तुमने तो निहत्थे (आत्मसमर्पण) किए हुए एक देशभक्त की हत्या की है.. हमारे देश के न्यायपालिका तुम्हें छोड़ेगी नहीं
1. राज (SP भोजपुर)
2. संजय मालाकर (SHO, शाहपुर)
3. राजेश शर्मा (SDPO जगदीशपुर)
#BharatTiwari #JusticeForBharatTiwari
बिहार के भोजपुर में भरत भूषण तिवारी की हत्या से जुड़े घटनाक्रम ने अनेक गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं। लोकतंत्र में कानून का शासन सर्वोपरि है और प्रत्येक नागरिक को निष्पक्ष न्याय प्राप्त होना चाहिए।
यदि इस मामले में किसी प्रकार की चूक, अतिरेक अथवा अनियमितता हुई है, तो उसकी निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच होनी चाहिए और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
सत्य तथ्यों के आधार पर ही सामने आना चाहिए। न्याय केवल होना ही नहीं चाहिए, बल्कि होता हुआ दिखाई भी देना चाहिए।
#भरत_तिवारी
@cromaretail@Croma_Support_ 1/2
Worst service experience from Croma. Facing low cooling issue in my AC since last year. Around 4-5 technician visits have already happened, but still no permanent fix.
@CromaSupport Technician visits without proper checks—issue keeps recurring. No call or visit even after raising a request yesterday.
This is negligence. Expect urgent action or replacement.
#Croma#ConsumerRights
@CromaSupport Technician visits without proper checks—issue keeps recurring. No call or visit even after raising a request yesterday.
This is negligence. Expect urgent action or replacement.
#Croma#ConsumerRights
Facing poor service from @CromaSupport. My AC is under warranty but still not fixed after 3 visits. No verification, repeated failures. Raised request again—no response today.
Resolve ASAP or I’ll escalate to National Consumer Helpline.
#Croma#CustomerService#ConsumerRight
@sudhirchaudhary@dtptraffic In delhi, noida traffic control is on lowest level... in delhi only, some chapri type boy drive car, bike in wrkng side, niether they want to follow the traffic rule, nor they have fear of traffic police....
बरेली को बाबा ने बचा लिया, वरना बलवाइयों ने बरेली को जलाने की पूरी तैयारी की थी। बलवाई मौलाना तौकीर रजा की प्लानिंग थी कि बरेली की हर मस्जिद में बाहर से बुलाकर 100 लोगों को ठहराया जाए और शुक्रवार को इन सबको इकट्ठा किया जाए। बरेली में करीब 390 मस्जिदें हैं, अब सोचिए किस स्तर का षडयंत्र था। वीडियो बलवे वाले दिन बरेली की एक मस्जिद का है।
"हम तो चाहते हैं कि आरक्षण खत्म हो!
इसलिए जितने भी SC (दलित) हैं, उन सबको 100-100 बीघा जमीन देदो, पेट्रोल पंप देदो, एक कॉलेज देदो, एक स्कूल देदो ,गैस एजेंसी देदो! आरक्षण खत्म कर देंगे"
-दलित एक्टिविस्ट
बताओ, इतना कम मांग रहे बेचारे!
😂😂😂
सांसदों ने अपने लिए शीशमहल टाइप फ्लैट बनावा लिए कोई हंगामा नहीं , अपनी सैलरी बढ़ा ली कोई हंगामा नहीं , iphone मैकबुक ले लिए कोई हंगामा नहीं।
लेकिन अच्छा सड़क मांग लो , अच्छा स्कूल मांग लो , अच्छ अस्पताल मांग लो हंगामा और देशद्रोही ना बोल दिए जाओ तो कहना।