प्रतिरोध सिर्फ इसलिए नहीं होता कि सत्ता बदल जाए। प्रतिरोध इसलिए होता है कि देश की आत्मा बची रहे।
ताकि संविधान कागज़ का दस्तावेज़ बनकर न रह जाए।
ताकि लोकतंत्र केवल चुनावों तक सीमित न हो जाए।
ताकि नागरिक, प्रजा में न बदल दिए जाएँ।
प्रतिरोध भारत का स्वभाव है। इसी का जिक्र राहुल जी ने अपने इस उद्बोधन में किया है।
इसे सुनने के बाद मैं कह सकता हूँ कि ये महज़ एक राजनैतिक भाषण नहीं है.
इसके एक-एक शब्द में आव्हान है- भारत की आत्मा को बचाने का
इसके हर एक शब्द में दृढ़ता है- लोकतंत्र पर आक्रमण के सामने प्रतिरोध की
सबको जरूर सुनना चाहिए और अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाना भी चाहिए.
आज की लड़ाई सामान्य राजनैतिक तरीक़ों से नहीं बल्कि "प्रतिरोध" से लड़ने की जरूरत है. हम सब मिलकर लड़ेंगे और कामयाब होंगे.
जय भारत.🇮🇳
आदिवासी मुख्यमंत्री होने के बावजूद प्रदेश में आदिवासियों की जल, जंगल, जमीन और वनाधिकारों पर संकट लगातार बढ़ रहा है। रायगढ़ के तमनार सहित कई क्षेत्रों में आदिवासियों को उनके संसाधनों और अधिकारों से वंचित किया जा रहा है।
इन आग की लपटों में हिंदुस्तान का लोकतंत्र जल के राख हो रहा है
बंगाल में 4,000 EVM जल कर स्वाहा हो गईं
अब आप यह सोचिए इससे फ़ायदा किसका होता है?
कौन सा सियाह सच जला दिया गया?
ना रहेगा बांस, ना बजेगी बाँसुरी
चुनाव आयोग को जवाब देना ही होगा- ज्ञानेश बाबू कुछ तो बोलिए
भारतीय जनता पार्टी और उससे जुड़े संगठन आदिवासियों को बांटने, उनके जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधनों पर कब्जा करने तथा उन्हें उनके अधिकारों से बेदखल करने का काम कर रहे हैं। वहीं कांग्रेस पार्टी आदिवासी समाज के बीच जाकर उनके अधिकारों,
Hon'ble Congress President has approved the proposal for the appointment of National Coordinators of the All India Adivasi Congress, AICC, as enclosed, with immediate effect.
यह सबसे शानदार कार्य हो गया , अब बस सूची देखनी है की ये कौन कौन है जिन्होंने एक लोकतंत्र के हत्यारे आयुक्त के बचाव में पत्र लिखा है,
ये सब अब एक्सपोज़ हो गए हैं, इन्होंने कांग्रेस पार्टी का काम आसान कर दिया है।
आपको याद होगा राहुल जी ने एक बार एक सभा में एक बात कही थी , उन्होंने अपना किस्सा सुनाया था जब वे ED के ऑफिस गए थे।
उन्होंने कहा कि जब मैं ED के कार्यालय में गया तब मैंने सभी को अच्छे से देखा और कहा
‘तुम्हें क्या लगता है की तुम मुझे लेकर आए हो इधर , या मैं तुम्हारे कारण यहाँ आया हूँ ?
ग़लतफ़हमी में हो,
मैं अपनी मर्ज़ी से यहाँ आया हूँ, ताकि अपनी आखों से उन लोगों को देख सकूँ कि वे लोग कौन है जो भारत के लोकतंत्र व संविधान को ख़त्म कर रहे हैं’ ….
और उसके कुछ दिनों बाद राहुल जी ने एक प्रेस वार्ता करी जिसमें उन्होंने साफ़ साफ़ दहाड़ते हुए कहा की जो लोग आज लोकतंत्र की हत्या में शामिल हैं वह कान खोल कर सुन लें
‘किसी न किसी दिन सत्ता बदलेगी , और उस दिन होगी कार्यवाही , और ऐसी कार्यवाही होगी , की मैं गारंटी देकर कह रहा हूँ की यह सब फिर कभी नहीं होगा।’
राहुल गांधी जी ने सारे सबूतों के साथ 3-3 प्रेस वार्ता कर देश को चुनाव आयोग के द्वारा वोट चोरी के बारे में बताया ,
बदले में चुनाव आयोग ने क्या किया ? नियम बदल CCTV फ़ुटेज डिलीट करवा दिए, मशीन रीडेबल मतदाता सूची हटा दी
और बिहार चुनाव में भी हर वह कार्य किया जिससे NDA जीत कर आए
चाहे फिर बीच चुनाव में 80 लाख से ज़्यादा महिलाओं के खाते में 10-10 हज़ार रुपये डाल देना हो , जो की सीधा सीधा टैक्स पेयर्स के पैसों से वोट ख़रीदना हुआ ,
या लाखों वोट काट देना हो , या फ़र्ज़ी नाम जोड़ देना हो।
और ऐसे आयोग के समर्थन में जिन लोगों ने लेटर लिखा है , वह भी इस पाप में उतने ही भागी हैं,
आपका कोटि कोटि धन्यवाद 💐💐
आपने कांग्रेस के कार्य को आसान किया है। @s_kanth
'20 साल-विनाशकाल'
आज बिहार के कांग्रेस कार्यालय (सदाकत आश्रम), पटना में '20 साल-विनाशकाल' चार्जशीट को वरिष्ठ नेताओं, वरिष्ठ पर्यवेक्षकों, बिहार प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में जारी किया.
इस दौरान आयोजित प्रेसवार्ता में अपने वक्तव्य को आप सभी के साथ साझा कर रहा हूँ.
बिहार है तैयार
होगा बदलाव इस बार
@ashokgehlot51@adhirrcinc@Jairam_Ramesh@INCBihar
हरियाणा के IPS अधिकारी वाई पूरन कुमार जी की आत्महत्या उस गहराते सामाजिक ज़हर का प्रतीक है, जो जाति के नाम पर इंसानियत को कुचल रहा है।
जब एक IPS अधिकारी को उसकी जाति के कारण अपमान और अत्याचार सहने पड़ें - तो सोचिए, आम दलित नागरिक किन हालात में जी रहा होगा।
रायबरेली में हरिओम वाल्मीकि की हत्या, सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश का अपमान और अब पूरन जी की मृत्यु - ये घटनाएँ बताती हैं कि वंचित वर्ग के ख़िलाफ़ अन्याय अपनी चरम सीमा पर है।
BJP-RSS की नफ़रत और मनुवादी सोच ने समाज को विष से भर दिया है।
दलित, आदिवासी, पिछड़े और मुस्लिम आज न्याय की उम्मीद खोते जा रहे हैं।
ये संघर्ष केवल पूरन जी का नहीं - हर उस भारतीय का है जो संविधान, समानता और न्याय में विश्वास रखता है।
ये वकील साहब हैं. सतीश गुप्ता जी. बिलासपुर हाईकोर्ट में सरकारी वकील हैं.
इनकी मानसिकता देखिए कि माननीय मुख्य न्यायाधीश पर जूता फेंके जाने न केवल ख़ुश हो रहे हैं बल्कि जूता फेंकने वाले और मुख्य न्यायाधीश की पढ़ाई लिखाई की तुलना कर रहे हैं.
जो घटना हुई है वह भारतीय समाज और देश के लिए शर्मनाक घटना है. यह अनुसूचित जाति के हर व्यक्ति का अपमान है.
सिर्फ़ प्रधानमंत्री @narendramodi जी के अफ़सोस जताने से काम नहीं चलेगा. अगर @BJP4India सचमुच गंभीर है तो मुख्यमंत्री @VishnudSai जी को निर्देशित करें कि इन वकील साहब को सरकारी वकील के पद से तत्काल मुक्त करें.
वरना माना जाएगा कि इस घटना से भाजपा भी ख़ुश है और मुख्य न्यायाधीश का अपमान करने वालों को उसका संरक्षण है.
जिसने देशहित में अपना जीवन समर्पित कर दिया , उस सोनम वांगचुक को केंद्र सरकार गिरफ्तार कर देशद्रोही क्यों साबित करना चाहती है ?क्या भारत में भी लोकतंत्र को खत्म कर तानाशाह राज करना चाहते हैं,क्या भारत के राजनेता भी किमजोंग की राह पर चल पड़े हैं ?सन्दर्भ - सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी
भारत के क़ानून में कोई अपराधी यदि सुईं भी चोरी करते पकड़ा जाए तो भी सज़ा का प्रावधान है ,
किंतु देखिए आज़ाद भारत की सबसे बड़ी चोरी ‘वोट -चोरी’ जिसके कारण देश का लोकतंत्र ही ख़तरे में आ गया हो , उसपर कुछ नहीं किया जा सकता।
सोचिए वोट चोरी कितनी प्री प्लानिंग और किस स्तर पर की है मोदी सरकार ने की पहले ही दिसंबर 2023 में एक नियम बना दिया की मुख्य चुनाव आयुक्त पर किसी तरह का कोई केस , कोई FIR नहीं दर्ज हो सकती।
ये कैसा नियम हुआ ? क्या आपको साफ़ साफ़ नहीं समझ आ रहा अब की यह क्यूँ लाया गया है नियम ?
इससे किसको बचाया जा रहा है ? अगर डर नहीं था की कुछ ग़लत नहीं किया है तो यह नियम लाने की क्या आवश्यकता आ गई थी ?
मैं गारंटी से कह रहा हूं- नरेंद्र मोदी 'वोट चोरी' कर चुनाव जीतते हैं।
इस वोट चोरी में मोदी, अमित शाह की मदद चुनाव आयोग करता है।
: 'वोटर अधिकार यात्रा' में नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi
📍 मुजफ्फरपुर, बिहार
मुस्कुराते हुए चट्टानों जैसे घमंड वालों के गुरूर को तोड़ना इन्हें बहुत अच्छे से आता है।
समय के पहिये ने अपनी चाल बदल ली है अब 🕰️
जल्द ही एक नया दौर देश में आने को है ✌🏻✋🏻
भारत के प्रिय मतदाताओं,
मैं आप सभी से एक सीधा सवाल पूछना चाहता हूं - जो सरकार वोट चोरी से बनी हो, क्या उसका इरादा कभी जनसेवा हो सकता है? नहीं ना!
उन्हें आपके वोट की ज़रूरत ही नहीं, इसलिए आपकी समस्याओं की परवाह भी नहीं।
आज की स्थिति आपके सामने है -
- रिकॉर्डतोड़ बेरोज़गारी के कारण युवाओं के भविष्य बर्बाद हो रहे हैं। सरकार पूंजीपतियों के खजाने भरती रही!
- NEET, SSC, Paper leak जैसे घोटालों ने लाखों छात्रों के करियर तबाह कर दिए। सरकार ने मुंह ही फेर लिया!
- महंगाई आसमान छू रही है, जिससे आम आदमी का जीना दूभर हो गया है। मगर, सरकार टैक्स बढ़ाती गई!
- रेल हादसों और सड़कों, पुलों जैसे बुनियादी ढांचों के टूटने में सैकड़ों निर्दोष लोगों की असमय मृत्यु हुई। मगर सरकार ने जवाबदेही तक नहीं तय की।
- पहलगाम से लेकर मणिपुर तक आतंक और हिंसा की घटनाएं हुईं - सैकड़ों लोग मरे। सरकार ने ज़िम्मेदारी तक नहीं ली!
- नोटबंदी, कोरोना और किसान आंदोलन में लाखों लोगों की जान गई। प्रधानमंत्री ने सहायता तो दूर, संवेदना तक नहीं दिखाई!
क्यों? क्योंकि यह सरकार आपकी चुनी नहीं, वोट चोरी से बनी है।
आप जिएं, मरें, तड़पते रहें - इन्हें कोई फ़र्क नहीं पड़ता। इन्हें भरोसा है कि जनता वोट दे या न दे, वो चोरी से फिर सत्ता में आ ही जाएंगे।
साफ-सुथरी वोटर लिस्ट स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की बुनियाद है। अपने मताधिकार को यूं जाने मत दीजिए - क्योंकि आपके सारे अधिकार इसी बुनियाद पर टिके हैं।
अपनी सरकार चुनिए - जो सचमुच आपकी हो, आपकी ज़िम्मेदारी उठाए और आपके प्रति जवाबदेह हो।
भारत माता और देश के संविधान की रक्षा अपने वोट से कीजिए।