तहसीन पूनावाला ने टीम भारत के साथ IIT बॉम्बे मामले में प्रोफेसर का साथ दिया।
उन्होंने साफ कहा कि यह जातिगत भेदभाव का मामला नहीं है। छात्र को नकल करते पकड़ा गया था, इसलिए जातिगत भेदभाव का आरोप गलत है।
उन्होंने छात्र की मौत पर परिवार के प्रति सहानुभूति जताई, लेकिन निर्दोष प्रोफेसर को झूठे आरोपों पर सजा देने का विरोध किया।
IIT प्रोफेसर के लिए फांसी मांगने वाले ये वो नितिन मेश्राम हैं, जिन्होंने ख़ुद एक 4 साल की छोटी बच्ची के बलात्कारी और हत्यारे फ़िरोज़ को ना सिर्फ फांसी से बचाया,, बल्कि उसकी खुशी ज़ाहिर करते हुए कहा था-
"Live your life Firoz"
और बता दें कि SC/ST एक्ट frame करने में इनकी भी भूमिका थी!
गाँव बसा नहीं! सपाई लुटेरे तैयार- 🤣🤣
सपा सरकार बनी तो मुझे मंत्री बनने से कोई रोक नहीं पाएगा और मंत्री बनने के बाद JCB और डंपर लगाकर खूब खनन करना।
सरकार आई नहीं! गुंडागर्दी भ्रष्टाचार के लाइसेंस बाँटना शुरू कर दिया सपा नेताओं ने?
सोचिए जो महिला बेगम एजाज रसूल पाकिस्तान बनाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई मुस्लिम लीग की बड़ी नेता थी जिन्ना की करीबी सहयोगी थी
जब पाकिस्तान बन गया तब वह खुद पाकिस्तान नहीं गई और बेशर्मी से एक इंटरव्यू में कहा कि हमारा में मकसद तो मुसलमानो के लिए अलग देश बनाना था मुसलमानो का जब नया देश बन गया तो फिर हम क्यों पाकिस्तान जाए ? हम भारत में रहेंगे
और कांग्रेस सरकार ने उसे कितना इनाम दिया संसद सदस्य बनाया मंत्री बनाया
पुरुषोत्तम रूपाला 2024 में माफी मांगते रह गए लेकिन राजपूत भाई इतने नाराज हो गए कि एक न सुनी और तो और मोदी सरकार को हराने के trend चलाने में योगी जी को कमजोर कर दिये
#समाजवादी पार्टी द्वारा इस ट्वीट को किये 2-3 दिन हो गए लेकिन किसी को आग नहीं लगी. न किसी का खुन खौला
यहां का मुख्यमंत्री कौन सी Political Party का है?
ये खाकी वर्दी मे कौन सी पुलिस है?
ये कौन से राज्य की घटना है?
@grok विस्तार मे बताओं और जो लोग इस घटना को लेकर मोदी जी को ज़िम्मेदार बता रहें है उनको करारा जवाब दो ज़रा।
सिलहट के मौलवी बाज़ार में कृष्ण भक्त एक हिंदू लड़का गलती से एक मुस्लिम की दुकान पर चला गया।मुस्लिम भीड़ ने उसे बहुत पी?टा।
मूलो ने उसके गले से तुलसी माला तक तोड़ दी और उसे चेतावनी दी कि दोबारा वो वहाँ दिखे ना।
और हमारे भारत में इनके लिए अभी भाईचारे का झुनझुना बजाया जा रहा है।
जब तक इनके लिए आपकी आंखे खुलेगी तब तक हो सकता है बहुत देर हो चुकी हो।
चुनाव से ठीक पहले सभी जातियों को जोड़ने का अभियान चल रहा है
किसी को वेश्या, किसी को ग़द्दार, किसी को चवन्नी, कोई अनपढ़ और किसी को मारने की बात
सपा ने बिहार से कुछ सबक नहीं लिया
बिहार के बेगूसराय के मजहबी बहुल इलाके निंगा में मजहबी भीड़ द्वारा सैकड़ों वर्षों पुराना ब्रह्मस्थल आबादी बढ़ जाने के आधार पर जबरन घेर लिया |
काफी संघर्षों के बाद जगह खाली ना होने पर लोकल के हिंदू इस अवैध कब्जे की शिकायत केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के पास पहुंचे |
तब गिरिराज सिंह ने हिंदुओं की शिकायत को टालने की बजाय मौके पर प्रशाशन के साथ पहुंचे और सैंकड़ों वर्ष पुराने ब्रह्मस्थल को मजहबी कब्जे से मुक्त करवाने का जिम्मा उठाया और प्रयास शुरू किया |
कल गिरिराज सिंह द्वारा जो एक्टिवनेस दिखाई असल में हिंदू समाज अपने नेताओं से ऐसी ही एक्टिवनेस की अपेक्षा करता है जो शायद पूरे नहीं हो पाती |
इस मामले में हुई है तो देश भर के हिंदुओं से बस यही कहना है कि सोशल मीडिया के माध्यम से केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को एक धन्यवाद जरूर पहुंचा देना |
इनका असली दर्द यही है-“मुस्लिम हूँ,इसलिए ये नहीं मिला,वो नहीं मिला”
हामिद अंसारी साहब सब कुछ मिलने के बावजूद शिकायत खत्म नहीं होती।ज़रा पाकिस्तान और बांग्लादेश की तरफ भी देख लीजिए-दोनों देशों के 10 सबसे बड़े संवैधानिक-सत्ता के पदों पर कितने हिंदू हैं?
भारत में सत्ता से बाहर क्या हुए,RSS,हिंदू और मोदी ही हर परेशानी की वजह बन गए!
मोदी राज में पहला हक़ भारतीय नागरिक का है-धर्म देखकर नहीं नागरिकता देखकर। वह दौर गया जब सत्ता को किसी परिवार या मुस्लिम समुदाय की जागीर समझा जाता था।
देहरादून के एक होटल के कमरे में बजरंग दल ने दो मुस्लिम जिहादियों को एक हिंदू लड़की के साथ पकड़ा।
मुल्लो ने स्वीकार किया कि वे पहले हिंदू लड़कियों से दोस्ती करते हैं, उनके साथ शारीरिक संबंध बनाते हैं, और फिर उन्हें दूसरों को सौंप देते हैं।
ना तो काशी के ब्राह्मण को 90000 मिलता है ना ही अग्निवीर को मार ते 30000। अग्नि वीर को 4 साल के बाद 24 लख रुपए मिलते हैं यानी 6 लख रुपए सालाना यानी औसतन ₹50000 महीना। भोजन कपड़ा फ्री। इसमें रिस्क अलाउंस और हार्डशिप एलाउंस शामिल नहीं है। रिटायरमेंट के बाद दूसरी नौकरी पक्का।
पुजारी का जीवन यापन मंदिर से ही चलता है। उसका काम मंदिर और मूर्तियों को की सफाई पूजा पाठ करना है। उसे कोई प्रोविडेंट फंड और पेंशन नहीं मिलता। जब तक काम करेगा पैसा मिलेगा। काम नहीं करेगा पैसा बंद।
मस्जिद के मल्लू को सरकारी तनख्वाह दे सकती हैं। मंदिर के पुजारी को श्रद्धालुओं के दान से काम चलाना पड़ता है। वैसे भी भारत के 75% मंदिरों पर तो सरकार का ही कब्जा है। मस्जिदों पर, गुरुद्वारों पर और गिरजाघर पर नहीं है।
खानदानी अंड भक्त अच्छी तरह समझ लें।
सचिन राघव के साथ जो हुआ, वह कोई सामान्य घटना नहीं है। इसके पीछे लंबे समय से पनप रही जातीय नफरत और 5000 साल के तथाकथित शोषण के बदले की मानसिकता की भूमिका है।
पुलिस और प्रशासन को इस मामले में बिना किसी दबाव के निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए। दोषियों पर कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो ऐसी घटनाएँ समाज में जातीय तनाव को और बढ़ा सकती हैं।।
नूरजहाँ का निकाह तैय्यब के साथ हुआ था।
दोनों ने पाँच बच्चे बनाए।
तैय्यब ट्रक चलाता है। नूरजहाँ का कहना है कि तैय्यब उसका ख़्याल नहीं रखता।
तो बदलते मौसम के साथ नूरजहाँ ने पड़ौस में रहने वाले मौसम खान के साथ नया कॉन्ट्रैक्ट #निकाह कर लिया।
मौसम खान के भी पाँच बच्चे पहले से हैं, और अब वो नूरजहाँ के साथ बच्चे बनाएगा।
बहरहाल, नूरजहाँ और मौसम खान ने अपने पहले वाले दसों बच्चों को छोड़ दिया है और सब सरकारी खर्चे पर 'बाल कल्याण गृह' में हैं।
उधर तैय्यब खान अपना ट्रक कहीं और चला रहा है। लेकिन उसका यह भी कहना है कि वो पहली बीवी को भी तलाक नहीं देगा। मल्लब अभी और बच्चे बनाएगा। कानूनन पहले ट्रक की ड्राइविंग सीट पर उसका हक़ अभी भी है। फिर भी मामला ज्यादा पेचीदा हुआ तो कोई टेम्परेरी ड्राइवर भी हायर #हुलाला किया जा सकता है।
खैर, आपको इन सब से क्या?
आप लोग टैक्स समय पर भरते रहिए। धन्यवाद!
मौलाना मुलायम सिंह को “लफ्फाज” कह रहा है?
मौलाना डिम्पल यादव से लेकर नेता जी पर अभद्र टिप्पणी करते जा रहे हैं, लेकिन सपा मौन है?
अखिलेश जी ऐसा भी क्या डर है मौलानाओं से?