कुछ तस्वीरें सिर्फ यादें नहीं होतीं, वे एक पूरे दौर की मोहब्बत, सम्मान और रिश्तों की कहानी कहती हैं...!!
महेश्वास कलाँ, ब्लॉक जालसू, विधानसभा आमेर निवासी वर्तमान सरपंच श्री रामजी लाल यादव जी द्वारा साझा की गई ये तस्वीरें स्वर्गीय दादाजी के प्रति लोगों के स्नेह और सम्मान की अनमोल झलक हैं। इनके पिताजी चौधरी राम कुमार जी यादव आमेर पंचायत समिति के प्रथम निर्वाचित प्रधान थे।
वर्ष 1989 के विधानसभा चुनाव के दौरान सरपंच जी और उनके परिवार ने 'बाबा' को अपने घर और गांव में आमंत्रित कर उनका आत्मीय स्वागत किया था। उस अवसर पर ��्रामीणों ने आपसी सहयोग और प्रेम से 'बाबा' को ₹12,500 के सिक्कों से तौलकर अपना सम्मान प्रकट किया था।
यह सम्मान किसी पद या राजनीति का नहीं, बल्कि जनता और जनसेवक के बीच बने विश्वास, अपनेपन और आत्मीय रिश्ते का प्रतीक था और ये पुरानी तस्वीरें उस दौर की सादगी, लोगों का जुड़ाव और बुजुर्गों के प्रति सम्मान की परंपरा की अनमोल स्मृति हैं।
इन अनमोल स्मृतियों को साझा करने के लिए श्री राम जी लाल यादव जी का हृदय से आभार। 🙏🏻
आज संसद की कार्यवाही के नेट पर उपलब्ध कुछ पुराने वीडियो देख रहा था...अचानक कैमरा घूमता है...और कुछ ही पलों के लिए स्वर्गीय दादाजी की झलक दिखाई दे गई...!!
ये दो वीडियो से लिए गए कुछ सेकंड के दृश्य, जहां स्वर्गीय दादाजी संसद की उन ऐतिहासिक बेंचों पर बैठे हुए दिखाई दे रहे हैं...इन्हें देखकर ऐसा लगा मानो इतिहास के पन्नों से यादें फिर से जीवंत हो उठी हों...!!
समय आगे बढ़ जाता है, लोग इस ���ुनिया से विदा हो जाते हैं...लेकिन उनके कर्म, उनके संस्कार और उनकी छाप इतिहास के पन्नों पर हमेशा जीवित रहती है।
आज वही कुछ पल, जो मेरे लिए बेहद ��नमोल बन गए, आपके साथ साझा कर रहा हूँ।
कल रामगढ़ (डेगाना) की एक शोकसभा में श्री ओमप्रकाश जी कलिया से मुलाकात हुई।
बातों-बातों में उन्होंने अपनी जेब से एक छोटी-सी, पासपोर्ट साइज फोटो निकाली। वह स्वर्गीय दादाजी और स्वर्गीय रामलाल जी बग्गड़ की यह फोटो थी। उन्होंने बताया कि स्वर्गीय दादाजी के चुनावी पोस्टर और पार्टी के बिल्ले (बैज) भी आज तक उन्होंने सहेजकर रखे हैं। इतना ही नहीं, उन्हें आज भी पूरी सटीकता के साथ याद है कि दादाजी किस चुनाव में कितने मतों से विजयी हुए थे।
आज के समय में, जब रिश्ते अक्सर मोबाइल की स्क्रीन तक सिमट जाते हैं, कोई व्यक्ति वर्षों बाद भी स्वर्गीय दादाजी की तस्वीर अपनी जेब में इतनी संभालकर रखे...यह केवल सम्मान नहीं, ��ल्कि आत्मीयता और स्नेह की सबसे अनमोल अभिव्यक्ति है।
दादाजी को देवलोक सिधारे लगभग 30 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन ओमप्रकाश जी जैसे लोग आज भी उन्हें अपनी स्मृतियों और अपने जीवन का हिस्सा बनाए हुए ��ैं, इससे बड़ा सम्मान किसी भी व्यक्ति के जीवन को शायद ही मिल सकता है। इस छोटी-सी तस्वीर ने बता दिया कि इंसान की असली विरासत धन-दौलत नहीं, बल्कि वह प्रेम, विश्वास और अपनापन है जो वह लोगों के दिलों में छोड़ जाता है।
इस आत्मीय प्रेम, सम्मान और स्वर्गीय दादाजी की स्मृतियों को इतने वर्षों तक सहेजकर रखने के लिए श्री ओमप्रकाश जी कलिया का हृदय से आभार। 🙏🏻
गुड़, छाछ, लापसी अर मूंग की बुवाई...!! 🚜
नागौर के ग्राम बाराणी (मांजुओं की ढाणी) में श्री अन्नाराम जी मांजू (बगड़ावत) के खेत में मूंग बुवाई की शुरुआत कर, हळौतिये के इस अवसर पर प्रसादी की लापसी खाई...!!
अपने खेत में बुवाई का अवसर देने व हळौतिये की प्रसादी के साथ ही मांजू (बगड़ावत) परिवार द्वारा दिए गए मान सम्मान के लिए हार्दिक आभार एवं धन्यवा��।
822 वोट से 20 सांसद...भारतीय राजनीति भी कमाल है! 😃
2023 में त्रिपुरा की दो विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़कर कुल 822 वोट हासिल करने वाली नेशनल सिटिजनशिप पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में बंगाल के तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों ने विलय कर लिया है। अब इस 822 वोट वाली पार्टी (NCPI) के 20 सांसद हो गए हैं, जो सांसदों की संख्या के हिसाब से 'एनडीए' में भाजपा के बाद दूसरा सबसे बड़ा घटक दल बन गया है।
इस घटनाक्रम को राजनीतिक विज्ञान में नहीं, बल्कि 'राजनीतिक जादूगरी' में पढ़ाया जाना चाहिए...साथ ही राजनीति में मेहनत, संगठन और जनाधार ज़रूरी हैं, ऐसा कहने वाले अब NCPI से माफ़ी मांग सकते हैं...!! 😃😂
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पहले भजनलाल जी का काफिला निकलेगा, फिर जनता की सांस चलेगी...!!
एक तरफ रोके हुए ट्रैफिक में फंसी हुई एम्बुलेंस सायरन और हॉर्न बजाती रही, दूसरी तरफ मुख्यमंत्री भजनलाल जी का काफिला पूरे प्रोटोकॉल से निकलता रहा। लगता है सिस्टम ने फैसला कर लिया है कि मुख्यमंत्री जी का प्रोटोकॉल ज़्यादा ज़रूरी है, पहले काफिला ही जायेगा...मरीजों को इस लोकतंत्र में धैर्य रखना होगा...!!
जब व्यवस्था में प्रोटोकॉल, जीवन से बड़ा हो जाए, तब 'सायरन' नहीं... 'संवेदनाएं' फंस जाती हैं!
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अन्तर्राष्ट्रीय जल में तीन दिन में तीन जहाज़ों पर अमेरिकी हमलों में तीन भारतीयों की मृत्यु हो गई। और हमारे Compromised PM? एक शब्द तक नहीं।
जब कोई विदेशी ताकत किसी भारतीय की हत्या करे, तो प्रधानमंत्री को बोलना पड़ता है। लेकिन मजाल है जो ये एक शब्द बोल जाएं।
अगले हफ्ते G7 में, हमारे नाविकों की हत्या के बस चंद दिनों बाद, मोदी जी मुस्कुराएंगे, गले मिलेंगे और समझौते करेंगे - मगर, उन तीन भारतीयों के लिए उनके पास एक शब्द भी नहीं होगा।
Compromised PM भारत माता के बेटों की रक्षा नहीं कर सकते, क्योंकि जिन्होंने उन बेटों की जान ली उन्हें नाराज़ करने की इनमें न हिम्मत है, न ताकत।
राजस्थान में पंचायत-निकाय चुनाव को लेकर 'पर्ची' सरकार की स्थिति...
हाईकोर्ट - 31 जुलाई तक चुनाव कराओ।
'पर्ची' सरकार - जी
हाईकोर्ट - तैयारी कहाँ तक पहुँची...??
'पर्��ी' सरकार - अभी तो हम ये तय कर रहे हैं कि देरी की जिम्मेदारी किस पर डालनी है...!! 😃😆
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पर्चीलाल जी के लतीफे! 😃😂
"हमने पूरे राजस्थान का नक्शा बनाया और उस नक्शे में देखा कि हमारे किसान को पानी की आवश्यकता है।"
आज हमारे 'दुग्ग�� साहब' मानचित्रकार (नक्शा बनाने वाले) बने हैं...और उन्होंने केवल एक 'नक्शे' को देखकर दुनिया की सबसे बड़ी खोज को अंजाम दिया और इस नतीजे पर पहुंचे कि "किसान को खेती के लिए पानी की आवश्यकता है...!!" 😂
आने वाली पीढ़ियां 'कृषि के क्षेत्र' में उनके दिए, इस 'अमूल्य योगदान' को युग-युगांतर तक याद रखेगी...!! 😃😂
"जो साठ साल में काम नहीं हुआ, उससे ज़्यादा 12 साल में काम हुआ है"
मंत्रीजी का ये 'झूठ' सुनते ही 'बिजली' इनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस से 'वॉकआउट' कर गई। 😃🤣😂
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ट्वीट में नारी सम्मान, ज़मीन पर अपमान,
यही है भाजपा का नया अभियान!
आज मुख्यमंत्री जी अपने ट्वीट में 'नारी सम्मान' को लेकर अपनी पार्टी का 'गुणगान' कर रहे हैं, उधर कल कैबिन��ट मंत्री जी उनके इस दावे का पहले ही 'पोस्टमार्टम' कर चुके हैं...!! 🤦🏻♂️
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क्या 'साहब' के 'मित्र' को देश की खाद्य सुरक्षा बेची जा रही है...??
'साहब' के सत्ता में 12 साल पूरे होने के जश्न से अगर फुर्सत मिल जाए तो @raghavindia1 जी का यह वीडियो ज़रूर देखिए!
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🌳 जीवन को फिर से खड़ा करने की कोशिश 🌳
प्रकृति ने गिराया था लेकिन आप सभी के दिए हौसले, राय और दुआओं के साथ ही कुछ पौध विशेषज्ञों की र��य के बाद हमने भी हार नहीं मानी। आंधी और बारिश के दौरान जड़ से उखड़े अर्जुन के पेड़ को अपने मूल स्थान से कुछ दूरी पर कल फिर से खड़ा कर दिया गया है।
अब बस उम्मीद है कि ये फिर से अपनी जड़ों को मजबूती से थामे, नई पत्तियों से लहराए, सांस ले, स्वच्छ हवा के साथ लोगों को अपने औषधीय गुणों से लाभान्वित करे और फिर से वही करे जो यह बरसों से करता आया था - निस्वार्थ सेवा।
🌳 पेड़ हैं, तो भविष्य है। 🌳
यह सिर्फ़ एक पेड़ नहीं था...बल्कि स्��र्गीय दादाजी के हाथों का लगाया हुआ एक सपना था, जो 50 साल तक चुपचाप खड़ा होकर सबकी सेवा करता रहा।
कल रात आए भयंकर तूफान और तेज हवाओं ने प्रदेश के कई जिलों में भयंकर कहर बरपाया। शहरी हिस्सों में बिजली के तार, खंभे, ट्रांसफॉर्मर के साथ बड़े पेड़ों को भी बहुत नुकसान हुआ। हमारे यहां भी बिजली के तार, पोल और ट्रांसफॉर्मर ज़मीन पर गिर गए जिससे रात से लेकर अब तक विद्युत सप्लाई बाधित है। पोल-तार तो लाइनमैन फिर से जोड़ देंगे, ट्रांसफॉर्मर भी नया आ जाएगा क्योंकि यह सभी नुकसान क्षणिक हैं और दोबारा ठीक हो जाएंगे।
कुछ रिश्ते ��ड़ों से नहीं, करुणा से जुड़े होते हैं। हमारे और आसपास के लोगों के लिए इस आंधी में जो सबसे बड़ा नुकसान हुआ, वो इस अर्जुन के पेड़ का जड़ से उखड़ जाना था। अर्जुन का पेड़ एक बेहद महत्वपूर्ण औषधीय वृक्ष है, जिसका आयुर्वेद में हृदय रोगों, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याओं के इलाज के लिए विशेष रूप से उपयोग किया जाता है और यह मुख्य रूप से नदियों, नालों, और झरनों के किनारे प्राकृतिक रूप से उगता है���
स्वर्गीय दादाजी ने यह पेड़ लगभग 50 साल पहले जोधपुर स्थित हमारे फार्म हाउस पर एक प्रयोग के तौर पर लगाया था। पश्चिमी राजस्थान में उस वक्त यह पेड़ अत्यंत दुर्लभ था और उत्तर भारत के किसी वैद्य ने उन्हें इसके कई औषधीय उपयोग बताए थे। एक दुर्लभ वृक्ष के औषधीय गुणों का फायदा यहां के आसपास के लोगों को मिले यही सोचकर यह पेड़ स्वर्गीय दादाजी ने फार्म पर लगाया था। वर्षों से इस पेड़ से अनगिनत लोग अपने औषधीय उपयोग क��� लिए इसकी छाल लेकर गए और वर्तमान में भी लेकर जाते थे। यह पेड़ हमारे लिए भी एक तरह से 'लोगों की मुफ्त सेवा' के ज़रिए थोड़ा पुण्य कमाने का साधन था, जो कल रात के तूफान में गिर गया।
अब हमारी बारी है। उसी मिट्टी में, एक नया अर्जुन लगाने की क्योंकि -
तूफान ने पेड़ गिराया है, परंपरा नहीं,
जड़ें ज़मीन से निकली हैं, दिलों से नहीं।
📍जैसलमेर
'गाय' के नाम पर वोट मांगे जाते हैं,
'गाय' के नाम पर सड़कों पर आतंक मचाया जाता है,
'गाय' के नाम पर राज्य के पशु मेले खराब किए जाते हैं,
'गाय' के नाम पर सरकारें बना ली जाती हैं,
'गाय' के नाम पर अपनी पूरी राजनीति करने वाली भाजपा के राज में राजस्थान के जैसलमेर में 'गाय' का हाल!
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📍 नागौर
NEET-2026 पेपर लीक सिर्फ एक घोटाला नहीं, बल्कि देश के युवाओं के सपनों की निर्���म हत्या है।
22 लाख से अधिक बच्चों ने पूरे साल रात-रात भर जागकर मेहनत की, लेकिन एक ही रात में उनके भविष्य को खुलेआम बाज़ार में नीलाम कर दिया गया।
आज जिला कांग्रेस कार्यालय पहुंचकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन कर कांग्रेस साथियों के साथ विरोध प्रदर्शन में भाग लिया। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और भ्रष्ट नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को तत्काल भंग करने की मांग उठाई।
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