This foul rabid animal named Satyam Pandit needs to be picked up by @DelhiPolice asap & booked. Else we file an FIR - please Gopal Sankaranarayan do attend..
पंढरपूरची वारी म्हणजे केवळ एक धार्मिक परंपरा नाही, तर समता, बंधुता आणि माणुसकीचा संदेश देणारा महाराष्ट्राचा महान सांस्कृतिक वारसा आहे.
संतांनी सनातनी भेदभाव आणि विषमतेला नाकारत या मातीत मानवतेचा विचार रुजवला. जाती-पातीच्या भिंती ओलांडून माणसाला माणूस म्हणून जोडणारी वारकरी परंपरा ही महाराष्ट्राच्या सामाजिक आणि सांस्कृतिक जडणघडणीचा महत्त्वाचा पाया आहे.
आषाढी एकादशीनिमित्त सर्व वारकरी बांधवांना मनःपूर्वक शुभेच्छा!
#आषाढीएकादशी #वारी #वारकरी
The Ancient Buddhist Site of Sarnath, where Lord Buddha delivered his first sermon, has been inscribed as India's 45th UNESCO World Heritage Site.
A proud moment for India's Buddhist heritage and the timeless values of equality, compassion, and justice that inspired Dr. Ambedkar and continue to guide millions.
Jai Bhim! Namo Buddhay! 🙏
Congratulations! The collective struggle has triumphed—a victory of Lok over Tantra.
As we mark this milestone, we reflect on these two crucial lessons and face two pivotal challenges.
#DharmendraPradhan#Resign
पेपर लीक और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर जंतर-मंतर पर छात्रों और छात्राओं द्वारा किए जा रहे शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन पर 20 जुलाई को हुई बर्बरतापूर्ण सरकारी कार्रवाई के विरोध में आज भीम आर्मी–आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने पूरे देश के जिला मुख्यालयों पर महामहिम राष्ट्रपति महोदया जी के नाम ज्ञापन सौंपा। इसी क्रम में आज लखनऊ रहा।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेद्र प्रधान जी का इस्तीफा छात्रों और युवाओं के लोकतांत्रिक संघर्ष की एक महत्वपूर्ण जीत है। यह उन लाखों विद्यार्थियों की आवाज़ की जीत है, जिन्होंने अन्याय के सामने झुकने से इनकार किया।
लेकिन हमारी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। जब तक शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय नहीं होती, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।
इस संघर्ष से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े सभी छात्र-छात्राओं, युवाओं और साथियों को हार्दिक बधाई एवं उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए मंगलकामनाएँ।
नरेंद्र मोदी और अमित शाह में इतनी ताकत नहीं है हिम्मत नहीं है कि वह अपने ही पार्टी के मंत्री से इस्तीफा मांगे।
धर्मेंद्र प्रधान से वह इस्तीफा नहीं मांग सकते इसलिए विद्यार्थियों से मेरा कहना है कि, जंतर मंतर आंदोलन का केंद्र बन चुका है इस धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अगर अमल करना है तो आंदोलन के "सब सेंटर" भी खोलने होंगे।
जहां से संसद सदस्य चुनकर आते हैं उसी क्षेत्र को ही सब सेंटर बनाना है और जो आंदोलन के लिए दिल्ली जा नहीं सकते वह "सब सेंटर" से आंदोलन कर सकते हैं।
सबसे पहले विद्यार्थियों ने सांसदों को कहना चाहिए कि हमने आपको जिताया है आपकी वफादारी मतदाताओं से होनी चाहिए और बाद में पार्टी से होनी चाहिए। यही वोटर आपको आदेश देता है कि संसद में शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांग लीजिए अगर चुने हुए और नामोनित सांसद इस्तीफा नहीं मांगते तो उनके घर के सामने विद्यार्थियों को धरना प्रदर्शन करना चाहिए इससे अपने आप दबाव बनाएंगे और धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफे के लिए जबरदस्ती की जाएगी।
उमीद करता हूं कि, विद्यार्थि मेरे इस प्रस्ताव का विचार करके और इसपर अमल करेंगे।
: ॲड. प्रकाश आंबेडकर
राष्ट्रीय अध्यक्ष, वंचित बहुजन आघाडी
#NEETExam #Exam #Students
देशभर के आंदोलनकारियों के सूचनार्थ!
भाजपा और उनके संगी-साथियों के दुर्व्यवहार, दुर्वचनों और हिंसा को सब देख लें। इनका दुस्साहस देखिए कि अभी युवाओं को वचन दिए हुए चंद घंटे भी नहीं हुए हैं और ये भाजपाई अपने इतिहास को दोहराते हुए फिर से धोखा दे रहे हैं। भाजपा के ये संस्कारी नेताजी अपने शीर्ष नेतृत्व के दिये गये आश्वासन की सरेआम धज्जियाँ उड़ा रहे हैं और वीडियो भी बना रहे हैं। अब क्या ये भी डबल इंजन की टकराहट के कारण हो रहा है।
तुरंत गिरफ़्तारी हो!
भाजपाई तो अपने वचन के भी सगे नहीं हैं।
भरोसे का विलोम भाजपा!
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े के बाद भी यह लड़ाई ख़त्म नहीं हुई है। इस युवा की बात ध्यान से सुनिए।
मुद्दा सिर्फ़ एक मंत्री का नहीं, बल्कि उस पूरी सोच का है जिसने BJP और RSS के शासन में शिक्षा व्यवस्था को लगातार संकट में धकेला। लाखों युवाओं को लगता है कि उनकी मेहनत, उनकी डिग्रियाँ और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है। बंद होते सरकारी स्कूल, महँगी होती शिक्षा, भर्ती परीक्षाओं पर उठते सवाल और बढ़ती बेरोज़गारी - युवा इन्हें भूलने वाले नहीं हैं।
अब देश का युवा डरकर चुप बैठने वाला नहीं है। वह सवाल भी पूछेगा, हिसाब भी माँगेगा और लोकतांत्रिक तरीके से सत्ता को जवाबदेह भी बनाएगा। याद रखिए, जब युवा बदलाव का संकल्प ले लेते हैं, तब तानाशाही सत्ता का अहंकार भी ज़्यादा देर टिक नहीं पाता।
जिस प्रकार से नक्सलियों के साथ कार्रवाई होती है उस तरह की कार्रवाई सरकारने दिल्ली में विद्यार्थियों के साथ की है।
करवाई के जो वीडियो सोशल मीडिया पर आ रहे है उससे सरकार के खिलाफ गुस्सा बढ़ते जा रहा है।
: ॲड. प्रकाश आंबेडकर
राष्ट्रीय अध्यक्ष, वंचित बहुजन आघाडी
#NEETExam#Exam #Students