"गलती छोटी थी, लेकिन कुछ लोगों की नफ़रत बहुत बड़ी निकली...
आज मनीष अकेला जरूर है, पर सच कभी अकेला नहीं होता।
जिसे लोग हार समझ रहे हैं, वही कल इंसाफ की सबसे बड़ी जीत बनेगी।
क्योंकि वक्त सबका आता है.. और KARMA कभी किसी को छोड़ता नहीं...!"
#JusticeForManishPatel#TruthWins
सम्राट जी कह रहे “अपराधी किसी भी जाति का हो, पुलिस 48 घंटे में जवाब देगी”
NEET छात्रा के मामले में कितना घंटा हुआ?
पटना में होटल में पिता के सामने बेटी खींच कर ले जाने वाली घटना को कितना घंटा हुआ?
आपके आवास से 3 km दूर लड़की की लाश मिली उसको कितना घंटा हुआ?
कितना फेकेंगे?
"गलती छोटी थी, लेकिन कुछ लोगों की नफ़रत बहुत बड़ी निकली...
आज मनीष अकेला जरूर है, पर सच कभी अकेला नहीं होता।
जिसे लोग हार समझ रहे हैं, वही कल इंसाफ की सबसे बड़ी जीत बनेगी।
क्योंकि वक्त सबका आता है.. और KARMA कभी किसी को छोड़ता नहीं...!"
#JusticeForManishPatel#TruthWins
माननीय श्री Akhilesh Yadav जी ने फरवरी 2026 में संसद में "माइग्रेशन(आरक्षण) घोटाला" पर आवाज बुलंद किया था🔥🔥
पूर्व मुख्यमंत्री जी संसद में जो वक्तव्य पढ़ रहें है वो मेरे द्वारा ही लिखकर उन तक पहुंचाया गया था, ��ैंने उस लेटर को अपलोड भी कर दिया है।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा पिछले 6 वर्षों से आरक्षित वर्ग(OBC,SC,ST,महिला) के अभ्यर्थियों को UN RESERVED कैटेगरी से ज्यादा नंबर प्राप्त करने के बाद भी फेल कर दिया जा रहा है।
यानी UR कैटेगरी से ज्यादा नंबर प्राप्त करने के बावजूद उन्हें UR कैटेगरी में माइग्रेट (ओवरलैपिंग) नहीं किया जा रहा है।
इसी मामले अभी माननीय इलाहाबाद हाईकोर्ट ने RO/ARO- 2023 के ज्वाइनिंग पर रोक लगा दिया है जिससे ये साबित होता है कि उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग Migration Scam कर रहा है।
माननीय पूर्व मुख्यमंत्री श्री @yadavakhilesh जी ने जिस तरह आज माइग्रेशन घोटाले पर संसद में आवाज बुलंद किया था उसके लिए मैं लाखों छात्रों के तरफ से उनको धन्यवाद देता हूं 🙏
बरेली में एक लेखपाल किसान से दाखिल खारिज के नाम पर 5 हजार की रिश्वत ले रहा था , तभी घाट लगाए एंटी करप्शन ने रंगे हाथों धर लिया !
जिसके बाद उसकी पत्नी जो कि खुद लेखपाल हैं, अन्य लेखपालो के साथ गिरफ्तारी का विरोध करने लगी !
कहने लगी कि मारा गया हैं , अगर मारा ही गया हैं तो कौन सा गलत किया हैं , गरीब आदमी को लूटने का हक किसने दिया हैं ?
मेरे पिता जी के देहांत के 6 साल बाद तक मैं वरासत नहीं करा पाया था , क्योंकि पैसे नहीं दे रहा था ,
अंत में पैसे देने ही पड़े तब जाकर हुआ , ये हैं इन लेखपालों का सिस्टम !
अगर कुछ बोलोगे तो इनका तथाकथित संगठन हड़ताल पर चला जाएगा , और सरकार भी इनकी ही सुनती हैं !
5 हजार रुपए इनका स्टार्टिंग प्राइस होता हैं , कोई नापी करनी है तो मिनिमम 5 हजार देना ही है , किसी का नाम चढ़ाना हैं तो 5 हजार देना है , दाखिल खारिज करना है तो मिनिमम 5 हजार देना ही है ,
बाकी का रेट प्रॉपर्टी पर डिपेंड करता हैं कि कितने तक जाएगा !
मथुरा में दलित समाज की बेटियों की शादी में जिस तरह बारातियों को पीटा गया, वह सिर्फ गुंडागर्दी नहीं, व्यवस्था की जातिवादी मानसिकता है।
योगी सरकार में आज भी दलित-पिछड़ों को बराबरी नहीं, अपमान मिलता है।
सवा�� यह है - क्या यही ‘रामराज्य’ है? क्या यही सामाजिक न्याय है?
भारत में सेफ्टी का जैसे कोई कॉन्सेप्ट ही नहीं है। ज्वलनशील (flammable) तरल पदार्थों के लिए विशेष कंटेनर होते हैं, लेकिन इस तरह से डीज़ल और पेट्रोल ले जाना बेहद ख़तरनाक है। पेट्रोल पंप ऐसे कैसे दे रहे हैं। क्या कोई नियम-कानून नहीं है?
विरभद्र तिवारी ने सिर्फ 5000 रुपयों की लालच में अमर बलिदानी शहीद चंद्रशेखर आजाद की मुखबिरी अं���्रेज पुलिस अफसर जॉन नॉट-बावर से कर दी,
जिसके बाद 27 फ़रवरी 1931 में
कप्तान जॉन नॉट-बावर ने DSP विश्वेश्वर सिंह ��े साथ चंद्रशेखर आजाद को अलफ्रेड पार्क में घेर लिया,
और फिर इलाहबाद में इतिहास लिखा गया,
जिस शराब घोटाले में बीजेपी ने अरविंद केजरीवाल को जेल भेजा था उसमें कोर्ट ने निर्दोष घोषित कर दिया
इससे आप समझ सकते है बीजेपी कितनी गंदी राजनीति करती है, कैसे पावर का गलत इस्तेमाल कर रही है।
BBC पर "तनुप्रिया" का इंटरव्यू देखने के बाद आँखों में आंशू आ गए🥹😭
बिहार की वही तनुप्रिया जिसके पिता ने उसके पति "राहुल कुमार" को DMCH में "ब्राह्मण" न होने के कारण गोली मार दी थी.
इंटरव्यू के दौरान तनुप्रिया बताती हैं कि जब दोनों के अफेयर के बारे में घर में पता चलता है
तो परिव���र वाले "राहुल" को फ़साने के लिए "फ़र्ज़ी रेप" की कहानी को अंजाम देना चाहते थे.
लेकिन एक सच्ची प्रेमिका होने का उदाहरण देते हुए तनुप्रिया ने EBC समाज के आने वाले अपने प्रेमी "राहुल कुमार" के साथ कोर्ट मैरिज कर लिया.
तनुप्रिया IAS बनना चाहती थी और इस घड़ी में उनके पति राहुल कुमार उनका भरपूर साथ देते थे, उनके पढ़ने के लिए टैबलेट भी खरीद कर दे दिया थे.
वो बताती हैं कि राहुल ��नके पति ही नहीं बल्कि एक अच्छे दोस्त और एक बहुत ही बेहतरीन इंसान भी थे.
लेकिन तनुप्रिया के घरवालों को दिक्कत राहुल की जाति से थी. इसलिए तनुप्रिया के पिता "प्रेमाशंकर झा" ने राहुल कुमार को DMCH में सरेआम गोली मार दी थी.
आवश्यकता अनुसार राहुल के पास चलने के लिए एक बुलेट, रहने के लिए घर और प्यार करने के लिए एक सच्चा दिल भी था लेकिन कमी केवल एक "ब्राह्मण" जाति की थी.
आज तनुप्रिया राहुल कुमार के माता पिता यानि अपनी सास और ससुर के साथ रहकर न्याय की मांग करती हैं.
समाज में "प्रेमाशंकर झा" जैसे नीच और घटिया मानसिकता के लोग अपने बेटे और बेटी का जीवन कुछ इसी प्रकार से बर्बाद कर देते हैं.
निष्कर्ष: जाति है कि जाती नहीं..