@NeetuBhaiyaINC माता जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ बाबा महाकाल से आपकी माता जी के दीर्घायु जीवन की कामना करता हूँ माता जी स्वस्थ और प्रसन्न रहे,
मेरे ख़याल से पत्रकारो को सड़क पर उतरना चाहिए, देश का विपक्ष बहुत कमज़ोर हो चुका है एसी से बाहर नहीं निकलना चाहता हूँ, ये काम आप जैसे पत्रकार लोगो को सड़क पर आना चाहिए,
बंगाल में 'SIR' के नाम पर करीब 27 लाख लोग मताधिकार से वंचित रह गए लेकिन विपक्ष ने कोई बड़ा आंदोलन नहीं खड़ा किया . सड़क पर उतरकर चुनाव आयोग की मनमानी का विरोध नहीं किया . TMC ने अगर विरोध किया भी तो बाकी ��िपक्ष उसके साथ नहीं था .
अब मीनाक्षी नटराजन के मुद्दे पर विपक्ष को पूरी एकजुटता के साथ अपना दम दिखाने का मौका है . चुनावी हार के बाद इंडिया गठबंधन की मीटिंग बुलाकर चाय नाश्ता करके कुछ बयान दे देने से लड़ाई नहीं लड़ी जा सकती .
कांग्रेस ने मध्य प्रदेश में सिर्फ एक ही पर्चा दाखिल करवाया था? क्यों नहीं किसी अन्य को भी पर्चा भरवाया?
ऐसी परिस्थिति में एक आदमी बाद में पर्चा वापस ले लेता? दूसरा लड़ जाता!
सीट तो मिल जाती।ये क्या मैनेजमेंट है? किस की जिम्मेदारी है?
कैसे हुआ वो विषय तो है ही?
कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई शह मात का खेल चल रहा है
प्रदेश कांग्रेस के 2 नेताओं ने दिल्ली कांग्रेस को सबक सिखाया,
@RahulGandhi और @INCIndia को आईना दिखाया है की आप जबरन किसी को हमारे उपर थोप नहीं सकते ह���ं
@MNatarajanINC को षड्यंत्र पूर्वक प्रदेश कांग्रेस नेताओ ने प्रदेश से बाहर का रास्ता दिखाया,
@arvindchotia
@MediaHarshVT जी कांग्रेस के एक भिविषण ने पूरी जानकारी दी है बीजेपी को मीनाक्षी के कैस की
और सच पूछो तो कां��्रेसी अभी बहुत खुश है अंदर ही अंदर ��ाक बच गई अगर वोटिंग में मीनाक्षी जी की हार होती तो प्रदेश कांग्रेस की बहुत किरकिरी होती और हार का ठीकरा उनके ऊपर फूटता,
मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद भाजपा के तीनों राज्यसभा सीटें मिल जाएँगी। काँग्रेस के पास विधायकों के नंबर पूरे थे। मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज करने की वजह भी पढ़ लीजिए
@arvindchotia@arvindchotia जी कांग्रेस के एक भिविषण ने पूरी जानकारी दी है बीजेपी को मीनाक्षी के कैस की
और सच पूछो तो कांग्रेसी अभी बहुत खुश है अंदर ही अंदर नाक बच गई अगर वोटिंग में मीनाक्षी जी की हार होती तो प्रदेश कांग्रेस की बहुत किरकिरी होती और हार का ठीकरा उनके ऊपर फूटता,
@DeepakSEditor@DeepakSEditor कांग्रेस के एक भिविषण ने पूरी जानकारी दी है ब��जेपी को मीनाक्षी के कैस की
और सच पूछो तो कांग्रेसी अभी बहुत खुश है अंदर ही अंदर नाक बच गई अगर वोटिंग में मीनाक्षी जी की हार होती तो प्रदेश कांग्रेस की बहुत किरकिरी होती और हार का ठीकरा उनके ऊपर फूटता,
कांग्रेस ने मध्य प्रदेश में सिर्फ एक ही पर्चा दाखिल करवाया था? क्���ों नहीं किसी अन्य को भी पर्चा भरवाया? ऐसी परिस्थिति में एक आदमी बाद में पर्चा वापस ले लेता?दूसरा लड़ जाता! सीट तो मिल जाती।ये क्या मैनेजमेंट है? किस की जिम्मेदारी है?
कैसे हुआ वो विषय तो है ही?
कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई शह मात का खेल चल रहा है
प्रदेश कांग्रेस के 2 नेताओं ने दिल्ली कांग्रेस को सबक सिखाया,
@RahulGandhi और @INCIndia को आईना दिखाया है की आप जबरन किसी को हमारे उपर थोप नहीं सकते हैं
@MNatarajanINC को षड्यं���्र पूर्वक प्रदेश कांग्रेस नेताओ ने प्रदेश से बाहर का रास्ता दिखाया,
@semeerc
@MediaHarshVT
@chitraaum
@RubikaLiyaquat
@SushantBSinha
मध्यप्रदेश राज्य सभा चुनाव
9 विधायक कांग्रेस के क्रॉस वोटिंग करेगे
2 विधायक मालवा
2 विधायक बुंदेलखंड
3 विधायक जबलपुर संभाग
2 विधायक विधायक भोपाल नर्मदापुरम
कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का हारना तय
@semeerc@MediaHarshVT
कर्नाटक - D. K. Shivakumar - वोक्कालिगा - ऊंची जाति
तेलंगाना - A. Revanth Reddy - रेड्डी - ऊंची जाति
हिमाचल - Sukhvinder Singh Sukhu - राजपूत - ऊंची जाति
केरल - V. D. Satheesan - नायर - ऊंची जाति
कांग्रेस में जाति के आधार पर कुल मुख्यमंत्री :
ऊंची जाति : 4
ओबीसी : 0
अनुसूचित जाति : 0
अनुसूचित जनजाति : 0
मुस्लिम : 0
Rahul Gandhi रैलियों में :
हम दलितों, मुसलमानों और ओबीसी को सत्ता देना चाहते हैं।
“जिसकी जितनी आबादी, उसका उतना हक!!”
मंदिर प्रबन्धन समिति और जिला प्रशासन को दर्शनार्थी के लिए उचित व्यवस्था करनी चाहिए ताकि मंदिर में दर्शन करने वालो को कोई परेशानी ना आए,
@DmChittorgarh@RajCMO
करोड़ों रुपये का चढ़ावा आने के बावजूद श्री सांवलिया सेठ मंदिर में श्रद्धालुओं को धूप में नंगे पैर दौड़कर चलना पड़ रहा है ताकि उनके पैर न जलें।
आखिर ऐसी अव्यवस्था पर ध्यान कब दिया जाएगा?
करोड़ों रुपये का चढ़ावा आने के बावजूद श्री सांवलिया सेठ मंदिर में श्रद्धालुओं को धूप में नंगे पैर दौड़कर चलना पड़ रहा है ताकि उनके पैर न जलें।
आखिर ऐसी अव्यवस्था पर ध्यान कब दिया जाएगा?