लोग कह रहे है कि प्रहलाद जोशी को इसीलिए शिक्षा मंत्री बनाया गया है क्यूंकि RSS से जुड़े है
लेकिन यही योग्यता काफ़ी नहीं है इसके पीछे एक और साइकोलॉजिकल रीजन है
लोकसभा मे बीजेपी के पास 240 सांसद है
64 सांसद ग्रेजुएट है
49 सांसद पोस्ट ग्रेजुएट हैं
45 सांसद प्रोफेशनल ग्रेजुएट है
(MBBS, B. TECH, LLB , CA आदि,)
बाकी बचे सांसद 12वी या उससे कम पढ़े लिखें है
राजयसभा मे बीजेपी के 13 सांसदों के पास PHD की डिग्री है
फिर भी प्रहलाद जोशी को देश के कार्यवाहक शिक्षामंत्री बनाया गया जो खुद ग्रेजुएट है
साइकोलॉजिकली एक कम पढ़ा लिखा आत्ममुग्ध व्यक्ति अपने आसपास कम पढ़े लिखें व्यक्ति को ही रखना पसंद करता है
क्योंकि ज्यादा पढ़ा लिखा व्यक्ति समझदार होता है और यह बात आत्ममुग्धता मे रहने वाले व्यक्ति
बर्दाश्त नहीं कर पाते हैं
तो अब आपको समझ में आ गया कि क्यों प्रहलाद जोशी को ही शिक्षा मंत्री बनाया गया है?
क्या बेहतरीन शोट मारा है वैभव सूर्यवंशी ने,100 मीटर का छक्का वो भी कदम बढ़ाकर।
अद्भुत प्रतिभा है लड़के में बस थोड़ा धैर्य और सीख जाये बाकी सब तो सीखा हुआ है।🔥
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर के सिद्धारमैया ने घोषणा कर दी है कि वे अगला विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे।
कर्नाटक विधानसभा के अगले चुनाव तक वैसे भी उनकी उम्र 82 वर्ष होने जा रही है। हालांकि भारतीय राजनीति में रिटायरमेंट की कोई उम्र निर्धारित नहीं है। लेकिन उनको यह अच्छे से पता है कि अब चुनाव लड़कर अधिकतम विधायक ही बन जा सकता है। अगर कांग्रेस की सरकार रिपीट होती भी है तो उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटाकर मुख्यमंत्री बनाए गए डीके शिवकुमार उनके लिए कोई जगह ख़ाली नहीं करने वाले हैं।
सिद्धारमैया ने चुनाव नहीं लड़ने की वजह राजनीति में बढ़ते भ्रष्टाचार को बताया है। लेकिन यह कारण कुछ ज्यादा ही हास्यास्पद लगता है। राजनीति सिद्धारमैया का दौर आने से पहले ही बहुत भ्रष्ट हो चुकी थी। ऊपर से कर्नाटक की राजनीति में भ्रष्टाचार कुछ अतिरिक्त रहा है, क्योंकि कर्नाटक में धन का प्रवाह भी हमेशा से ज्यादा रहा है। इसके बावजूद अगर कोई 80 साल का राजनेता 82 वर्ष का होने पर चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा करता है तो यह हर हाल में स्वागत योग्य ही कहा जाएगा। अन्यथा उन्हीं के राज्य के एक और पूर्व मुख्यमंत्री 92 वर्ष की उम्र में भी राज्यसभा में विराजमान हैं।
दिल्ली जंतर मंतर प्रोटेस्ट तो पूरा हो गया है, लेकिन इस लड़की का बयान 2 दिनों से सोशल मीडिया पर बवाल मचा रहा है।
लड़की मेकअप लगाकर सज धज कर प्रोटेस्ट में आई एक पत्रकार ने पूछा, CJP के सपोर्टर में हो।
लड़की बोली नीट पेपर लीक CJP का यह प्रोटेक्ट युवाओं की आवाज के लिए अच्छा है ताकि भविष्य में इस तरह के मामले दोबारा ना हो?
पत्रकार बोला इतना तैयार होकर, वो तो बस ऐसे ही है, प्रधान का इस्तीफ़ा होना चाहिए ताकि देश का भविष्य सुधर सके।
अचानक सोशल मीडिया पर आरक्षण विरोधी वीडियोज की बाढ़ आ गई है।
लगता है धर्म नहीं चला तो भारतीय समाज की सबसे बड़ी फाल्ट लाइन जाति का सहारा लिया जा रहा है युवाओं की एकता तोड़ने के लिए।
रवीश कुमार अगर अभी भी ग्राउंड रिपोर्टिंग करते तो और बढ़िया रहता जैसे अजीत अंजुम करते हैं, उन्होंने अब ख़ुद को अपने स्टूडियो तक सीमित कर लिया है।
हालाकि जैसी ग्राउंड रिपोर्ट अपनी जवानी में रवीश ने की है वैसी आजकल के रिपोर्टर कर पाएंगे, कहना मुश्किल है …! UP- बिहार के किसी गाँव से की गई रवीश की रिपोर्ट आज भी हमारी यादों में है।
आंदोलन का शंखनाद हो चुका हैं। 🐚
Session 2 @E20JantaParty_
रीट्वीट करके आंदोलन का समर्थन करे ⛽️✊🔥
मैं Ethanol जनता पार्टी का समर्थन करता हूँ।
#EJP#Ethalon#NitinGadkari
NSUI ने पिछले दिनों ही संगठन चुनाव घोषित किए थे... लेकिन उसके बावजूद त्रिपुरा और उड़ीसा में आज अस्थाई अध्यक्ष नियुक्त कर दिए... कन्हैया कुमार के बावजूद पिछले गेट से यह दो एंट्री हो गई... शायद प्रभारी और अध्यक्ष अस्थाई नियुक्ति के पक्ष में नहीं थे... पर बड़े नेताओं की सिफारिश और फैसले के आगे क्या कर सकते है वो भी.. राजस्थान में भी फिर चुनाव होने तक बना दो किसी को...
एक ऐसे समय जब नेताओं को जबरन रिटायर करना पड़ता है, सिद्दारमैया ने एक बड़ा काम कर दिया
मण्ड्या जिले के के.आर. पेट में शनिवार को आयोजित एक निजी कार्यक्रम में कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने चुनावी राजनीति से रिटायर होने का ऐलान किया
इससे भी बड़ी बात है वह कारण जो उन्होंने इस निर्णय के पीछे बताया
वह है राजनीति में बढ़ता भ्रष्टाचार।
उनके अनुसार पहले लोग नेताओं को चुनाव लड़ने के लिए पैसे देते थे, अब नेताओं को लोगों का वोट लेने के लिए पैसा देना पड़ता है
उन्होंने जो कहा है, वह हिन्दी में पढ़िए:
"चूँकि आज राजनीति का क्षेत्र भ्रष्ट हो चुका है, इसलिए मैं 2028 के विधानसभा चुनाव नहीं लड़ूँगा। हालाँकि, राजनीति में सक्रिय रहते हुए, मैं जनता के सुख-दुख की आवाज बनता रहूँगा।
वरुणा निर्वाचन क्षेत्र के लोग मुझे एक बार फिर चुनाव लड़ने के लिए कह रहे हैं।
लेकिन मैंने तय कर लिया है कि अब से मुझे कोई चुनाव नहीं लड़ना चाहिए।
अतीत में, जब मैंने चुनाव लड़ा था, तो यह निर्वाचन क्षेत्र के लोग ही थे जिन्होंने हमें पैसे दिए और हमारी जीत सुनिश्चित की। लेकिन आज वैसी स्थिति नहीं रही।”
“मैं अब 79 वर्ष का हूँ।
हमारी सरकार के कार्यकाल में अभी डेढ़ साल बाकी है।
तब तक मेरी उम्र 81-82 साल हो जाएगी।
मेरा स्वास्थ्य अब पहले जैसा मजबूत नहीं रहा।
अब पहले वाले उत्साह के साथ काम करना संभव नहीं है।
2028 तक मैं 82 वर्ष का हो जाऊँगा।
यह मेरे राजनीतिक जीवन के 50 वर्ष पूरे होने का प्रतीक होगा।
मैंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत 1978 में एक तालुक बोर्ड के सदस्य के रूप में की थी।
मैंने हार और जीत दोनों देखी हैं।
लेकिन मुझे इस बात का संतोष है कि मैंने उन सिद्धांतों के खिलाफ काम नहीं किया जिनमें मैंने विश्वास किया था, और न ही अपनी अंतरात्मा से धोखा किया।”
“अब वह समय आ गया है जहाँ चुनाव लड़ने पर हमें लोगों को पैसे देने पड़ते हैं।
आज की राजनीति पूरी तरह भ्रष्ट हो चुकी है।
ईमानदार राजनीति का कोई वजूद नजर नहीं आता।
इसी पृष्ठभूमि में, मैंने भविष्य में चुनाव न लड़ने का फैसला लिया है।”
“पाँच दशकों से, राज्य के लोगों ने मुझे अपनों में से एक माना है और स्नेहपूर्वक मेरा मार्गदर्शन किया है।
यह ऋण मुझ पर भारी है। इसलिए, मेरा भावी जीवन भी जनसेवा को समर्पित रहेगा।"
राहुल गांधी जी के करीबियों ने कहा ये प्रोटेस्ट हमने शुरू किया मीडिया सीजेपी आप को कवर कर रहा..।
उसके बाद महाराष्ट्र से शिवसेना उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बेटे भी जंतर मंतर पर आए थे...!
महाराष्ट्र में बड़ा आंदोलन करने वाले मनोज झरांगे के भी जंतर मंतर पहुंचे क्योंकि अभिजीत महाराष्ट्र से है..।
उत्तर प्रदेश में 5–6 महीने बाद विधानसभा चुनाव होने है तो फिर समाजवादी पार्टी भी काफी एक्टिव दिखी...!
वहीं उत्तर प्रदेश के नगीना सांसद चंद्रशेखर भी जंतर मंतर प्रोटेस्ट में पहुंचे थे, वहीं महुआ मोइत्रा भी पहुंची..!
राहुल गांधी जी के लोक कल्याण मार्ग धरने पर NCP SP की सुप्रिया सुले भी पहुंची, मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार वीडी सतीशन भी पहुंचे थे.....!