दुख की बात है कि भाजपा सरकार स्वयं को डबल इंजन सरकार बताकर विकसित भारत के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन चानौत गांव की हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। आज चानौत के लोग पीने के पानी जैसी मूलभूत आवश्यकता के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं।
इस क्षेत्र ने पहले बाढ़ की मार झेली, लेकिन उसका स्थायी समाधान आज तक नहीं किया गया। अब स्थिति यह है कि गांव के पास से पानी की पाइपलाइन गुजर रही है, फिर भी ग्रामीण पानी के लिए तरस रहे हैं। सरकार ने टी-पॉइंट बनाया और फिर उसे उखाड़ दिया। आखिर चानौत के लोगों को न्याय कब मिलेगा?
भाजपा सरकार समस्याओं का समाधान करने के बजाय लोगों को उलझाने और उनकी आवाज़ दबाने का काम कर रही है। अपने हक की मांग कर रहे ग्रामीणों पर मुकदमे दर्ज किए गए, लाठीचार्ज किया गया। हमारे बुजुर्ग, माताएं, बहनें और महिलाएं पिछले 49 दिनों से शांतिपूर्ण आंदोलन और अनशन पर बैठे हैं, लेकिन उनकी पीड़ा सुनने के बजाय उन पर बल प्रयोग किया गया।
लोकतंत्र में अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण आंदोलन करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। दमन और भय का वातावरण बनाकर जनता की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता।
कांग्रेस के झंडा उतारने को
सिस्टम रात को भी एक्टिव हो जाता है
भूल क्यों जाते हो हम कांग्रेसी है
जब नहीं डरे थे गौरों से
तो क्या डरेंगे चढ़ावा चोरों से
@DrAnjaliTai ✊🔥
राम मन्दिर में चुन-चुन कर मोदी सरकार ने संघ और भाजपा के लोगों को भरा तो
RSS का केवल चिंता जता देना काफ़ी है?
विनय कटियार और मोदीजी की ‘कानाफूसी’ काफ़ी है?
मोदीजी को तो ‘देश के नाम संदेश’ देने का बहुत शौक है तो इस बार
‘मन की बात’ की नहीं लूटे गए ‘धन की बात’ करने की हिम्मत दिखाएँ
मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने अपनी पत्नी उषा, भाई और BAMUL के अध्यक्ष डी.के. सुरेश के साथ पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से उनके कावेरी आवास पर शिष्टाचार भेंट की।
आज गाँव चानौत (हिसार) पहुँचकर पानी के अधिकार की लड़ाई लड़ रहे ग्रामीणों के शांतिपूर्ण आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन दिया।
कई दिनों से अपने हक़ की आवाज़ बुलंद कर रहे ग्रामीणों की समस्या का समाधान करने के बजाय भाजपा सरकार ने 1,500 से अधिक लोगों पर मुकदमे दर्ज कर दमन का रास्ता चुना है। लोकतंत्र में अपनी मूलभूत आवश्यकताओं के लिए संघर्ष कर रहे नागरिकों पर मुकदमे दर्ज करना जनभावनाओं का सम्मान नहीं, बल्कि उनकी आवाज़ को दबाने का प्रयास है।
पानी किसी पर किया जाने वाला उपकार नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है। सरकार का दायित्व है कि वह संवेदनशीलता, संवाद और सकारात्मक पहल के माध्यम से ग्रामीणों की न्यायोचित मांग का स्थायी समाधान सुनिश्चित करे, न कि दमनात्मक कार्रवाई का सहारा ले।
कांग्रेस पार्टी सदैव किसानों, ग्रामीणों और उनके अधिकारों की आवाज़ के साथ मजबूती से खड़ी रही है और आगे भी खड़ी रहेगी। लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा तथा जनता के हितों के लिए हमारा संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।