जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों, बेटियों और युवाओं पर हुए लाठीचार्ज व आंसू गैस के गोले आज भी कई सवाल खड़े करते हैं। आख़िर उस कार्रवाई का आदेश किसने दिया था? आज तक उस पर जवाबदेही क्यों तय नहीं हुई? जिन छात्रों और बेटियों को गंभीर चोटें आईं, उनकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
यह लोकतंत्र है, जहां अपनी बात शांतिपूर्वक रखना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। यदि संसद चल रही है, तो इस गंभीर मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए और देश के गृहमंत्री को सदन में स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
दिल्ली पुलिस कमिश्नर बदलने के तुरंत बाद हुई इस कार्रवाई ने भी कई सवाल खड़े किए हैं। क्या यह पहले से तय रणनीति का हिस्सा था? इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी अधिकारियों व आदेश देने वालों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
@RahulGandhi
आज छात्रों को बहुत बड़ी जीत मिली है।
याद रहे, प्रदर्शन में जिन छात्रों पर घातक हमले हुए - किसी का हाथ टूटा, किसी का पैर, किसी की पसली, पेलेट गन जैसे जानलेवा हथियार का इस्तेमाल किया गया, तो कई चोट खा कर critical हो गए - इन सबके सीधे ज़िम्मेदार गृह मंत्री अमित शाह हैं।
मांग साफ है, इस हमले के organisers से लेकर implementors तक, सभी की जवाबदेही तय हो और उनपर ऐसी कार्रवाई हो जो छात्रों को दिखे - तब जा कर होगा इंसाफ़।
अमित शाह जी, आपको जवाब तो देना ही पड़ेगा।
मोदी जी, अपने "फ्रैंड" को एक मंत्रालय से हटाकर दूसरे में बैठाकर बचाने की आपकी साज़िश देश के छात्रों और भारत की जनता को मंज़ूर नहीं।
धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार और देश की education system की बर्बादी के चिन्ह और अनेक छात्रों की मौतों के ज़िम्मेदार हैं।
उन्हें अब किसी और की ज़िंदगी उजाड़ने नहीं देंगे। धर्मेंद्र प्रधान को कैबिनेट से जाना ही पड़ेगा - ये non-negotiable demand है।
भाजपा और उसके सहयोगियों का असली चेहरा एक बार फिर सामने आ गया है। 👇🏻
मासूम बच्चों पर ये ताकत दिखाकर आखिर कैसी मर्दानगी साबित की जा रही है?
बच्चों के साथ हुई यह बर्बर और अमानवीय हरकत न सिर्फ निंदनीय है, बल्कि कानून के शासन पर भी सवाल खड़े करती है। इस मामले की तुरंत निष्पक्ष जाँच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी बच्चे के साथ ऐसी घटना दोबारा न हो।
बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों से कोई समझौता सहन नहीं किया जाएगा।
12 साल से "युवा विरोधी भाजपा" के भ्रष्ट तंत्र ने पेपर लीक को "देश के युवाओं के लिए त्रासदी" बना डाला है !
🟥 पेपर लीक के मकड़जाल ने केवल 22 लाख NEET परीक्षा के छात्रों का भविष्य ही नहीं निगला है, बल्कि 'भ्रष्ट भाजपा' के डबल इंजन में ये देशभर में फैला "करोड़ों के संगठित नेटवर्क का गोरखधंधा" बन चुका है !
भाजपाई सत्ता के संरक्षण में पूरे देश में फैल चुके "पेपर लीक के पाप का पहाड़" देखिए...👇
🛑 2014 से जुलाई 2026 तक आधिकारिक तौर ही देखें तो कम से कम 116 पेपर लीक के मामले सामने आए हैं, जिनसे 19 राज्यों के करीब 7.5 करोड़ छात्र प्रभावित हुए हैं !
असल में पेपर लीक की ये संख्या 152 से अधिक है।
🛑 2014 से 2024 के बीच ही 89 मामले दर्ज हुए थे, इनमें 21 केंद्रीय संस्थानों और 68 राज्य स्तरीय परीक्षाओं से जुड़े थे !
🛑 इसके बाद 2025 में 20 और 2026 में जुलाई तक नीट-यूजी समेत 7 और पेपर लीक की घटनाएं सामने आईं !
🛑 बीजेपी के फेल डबल ईंजन सरकार वाले उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा पेपर लीक के 11 मामले, जबकि मध्य प्रदेश और राजस्थान में 9-9 और महाराष्ट्र में 6 एवं गुजरात में 5 मामले दर्ज हुए !
हरियाणा में तो ये संख्या 12 साल में 70 पार कर चुकहै ।
❌ केंद्र की भर्ती परीक्षा SSC, केंद्रीय विद्यालय संगठन, यूपीएससी, सेना, ओएनजीसी और कृषि वैज्ञानिक भर्ती बोर्ड जैसी 8 भर्ती परीक्षाएं पेपर लीक के कारण रद्द करने पड़े !
❌ पेपर लीक के कारण ही भर्तियां लंबी खिंचती चली गईं, 2025-26 में बोर्ड, भर्ती, पात्रता, विश्वविद्यालय और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं तक के पेपर लीक हुए हैं !
🛑 देशभर में जनवरी 2019 से जून 2024 के बीच ही 19 राज्यों में 65 परीक्षाओं के प्रश्न पत्र लीक हुए हैं.. इनमें सरकारी भर्तियों से लेकर प्रवेश, बोर्ड और विश्वविद्यालय की परीक्षाएं शामिल हैं !
❌ इन 65 मामलों में 45 तो सरकारी भर्ती परीक्षाओं से जुड़े थे, पेपर लीक के कारण कम से कम 27 परीक्षाएं रद्द या स्थगित करनी पड़ी...इससे 3 लाख से अधिक सरकारी पदों पर भर्ती अटक गई, सबसे ज्यादा निशाने पर शिक्षक और पुलिस भर्ती परीक्षाएं रहीं !
🟥 दरअसल पेपर लीक माफियाओं और शिक्षा माफियाओं को संरक्षण देता भाजपाई तंत्र हमारे देश के बच्चों के "उम्मीदों और सपनों का हत्यारा" साबित हुआ है...
🟥 अब नीट पेपर लीक में जान गंवाने वाले बच्चों के माता-पिता का यही कहना है कि- किसी और के बच्चे के साथ ऐसा ना हो, यही उनके बच्चों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी !
🟥 दिल्ली और देश भर में युवाओं का ये आक्रोश किसी एक व्यक्ति के इस्तीफ़े से नहीं थमने वाला...ये केवल जवाबदेही तय करने की शुरुआत भर है और अब ये लड़ाई पूरे शिक्षा व परीक्षा व्यवस्था में सुचिता, पारदर्शिता और देश का भविष्य बचाने की लड़ाई है !
'छात्रों की गूंज' अब देश की हुंकार है...✊
हमारे बच्चों के दिन रात की मेहनत, मां-बाप की तपस्या, घर परिवार की सारी बचत और बेहतर भविष्य की उम्मीदों व सपनों को लूटने, रौंदने और बेचने का ये "भाजपाई कुकर्म" अब और नहीं !
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगने के लिए एक तरफ जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण ढंग से और प्रदर्शन हो रहा है.
वहीं कुछ लोग लोग धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगने के लिए अलग ही तरीका अपना रहे हैं.
एक लड़की ने पोस्टर दिखाकर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा. पोस्टर पर व्यंग्यात्मक भाषा के प्रयोग करते हुए लिखा गया है,
आज मेरा जन्मदिन है
जन्मदिन के गिफ्ट के रूप में मुझे इस्तीफा दे दो ना
अंत में लिखा है KUCHU PUCHU
"कुचू पुचु" एक प्यार या मजाक में बोला जाने वाला संबोधन है, जिसका कोई निश्चित शाब्दिक अर्थ नही होता है.
बच्चों को भी अब पता लग गया है मोदी जी👇🏻
उनके दादा-दादी ने 70 साल तक कांग्रेस को क्यों चुना, BJP को क्यों नहीं चुना।
इसलिए अब आप कभी वापिस प्रधानमंत्री नहीं बन पाएंगे और ना ही BJP की सरकार आएगी।
Because ये ‘Gen Z का दौर’ है
देश में गजबे चल रहा है!
१- जो पति की नहीं हो सकी फीस के फायदे बता रही है!
२- जो पत्नी का नहीं हुआ वो का क्या भला करेगा!
३- जो तड़ीपार था वो देश का कानून ब्यवस्था का मालिक है!
४- जो अपनी सरकार आने पर टोल प्लाजा हटाने को बोलता था वो आज देश भर में आने के बाद १७२३५ टोल प्लाजा बड़ा दिया!
शांति से सोए रहो ये अमृत काल चल रहा है मित्रो 😭
Note-यदि अब भी नहीं जागे तो वो दिन दूर नहीं जब तुम्हारा अंतकाल आ जाए!
जय हिन्द
"रुपया कमजोर नहीं हुआ है, डॉलर मजूबत हुआ" के बाद अब पेश है "पेपर लीक से नुकसान नहीं हुआ है पेपर लीक से दोबारा और अच्छी तैयारी करने का मौका मिला है"
धन्य है जम्बूद्वीप की ये पावन धरा जहां ऐसी तेजस्वी प्रतिभाओं ने जन्म लिया 🙏
प्रधानमंत्री ने अपने वीडियो में ऐसी बातें कही, जो किसी युवा या छात्र ने नहीं मांगी।
देश, युवा, छात्र और विपक्ष की मांग है कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। हमारी दूसरी मांग है कि पुलिस की बर्बरता के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान की जाए और सरकार युवाओं और छात्रों से माफी मांगे।
प्रधानमंत्री ने अपने वीडियो में इन मुद्दों पर बात नहीं की। इसके बजाय, उन्होंने असली चिंताओं को नज़रअंदाज़ कर दिया। हमारा स्टैंड साफ है- पहले इस्तीफा, फिर चर्चा।
- @DeependerSHooda जी
प्रिय पुलिस, मुझे पता है आप सोहित की बात नहीं मानेंगे। इसलिए एक आइडिया देता हूँ। आप ज़ोमैटो और स्विगी से सारी मुंबई के घर पर ड्रग्स भेज कर केस बना दीजिए। पूरी मुंबई जेल में होगी। अगर यह बात बुरी लगी तो कार्रवाई कीजिए क्योंकि न जाने कितने लोगों के साथ इन्होंने ऐसा ही किया होगा।