दिल्ली में पुलिस वालों के लिए एक अच्छी पहल शुरू की गई है #central#DelhiPolicepolice ने इमरजेंसी ट्रीटमेंट सर्टिफिकेट की डोर स्टेप डिलीवरी सुनिश्चित करने का निर्देश जारी किया है । इसके लिए पुलिस लाइन से राइडर्स भी नियुक्त किए गए हैं ।
🚨एक सजग नागरिक से मिली सूचना पर संज्ञान लेते हुए, दिल्ली पुलिस @DCPCentralDelhi की टीम ने संगठित तरीके से नवजात बच्चों की तस्करी कर जरूरतमंद दम्पतियों को लाखों रुपये में बेचने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का किया पर्दाफाश।
✅ 13 आरोपी गिरफ्तार, जिनमें तस्कर, बिचौलिए, खरीदार एवं अस्पताल संचालक शामिल।
✅ 5 नवजात शिशुओं को दिल्ली, हरियाणा और मध्य प्रदेश से सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।
✅ करीब ₹3 लाख नक़द बरामद।
✅ कई राज्यों में फैले संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश।
मामले की विस्तृत जानकारी देते श्री रोहित राजबीर सिंह, पुलिस उपायुक्त/मध्य ज़िला।
@LtGovDelhi
#DPUpdates
#HelloPoliceStation
#HelloDelhiPolice
Delhi Police Special Cell has arrested nine persons and recovered arms, hand grenades and explosives in connection with a terror module linked to the Dawood Ibrahim network and Pakistan's Inter-Services Intelligence (ISI).
The Special Cell is probing the module's funding channels, recruitment pattern, logistical support network and possible links with other operatives.
(Source: Delhi Police)
नशा मुक्त दिल्ली की दिशा में एक ऐतिहासिक प्रहार
दिल्ली को नशा मुक्त बनाने के माननीय पुलिस आयुक्त के विजन को धरातल पर उतारते हुए, सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की एंटी नारकोटिक्स सेल ने एक अभूतपूर्व सफलता अर्जित की है। यह ऑपरेशन न केवल नशीले पदार्थों की बरामदगी के लिए, बल्कि अंतरराज्यीय सप्लाई चेन को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए भी यादगार रहेगा।
कुशल नेतृत्व एवं रणनीतिक सफलता
इस पूरे ऑपरेशन का सफल क्रियान्वयन संयुक्त पुलिस आयुक्त (सेंट्रल रेंज) श्री मधुर वर्मा, IPS के कुशल पर्यवेक्षण और पुलिस उपायुक्त (सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट) श्री रोहित राजबीर सिंह, IPS के सटीक रणनीतिक दिशा-निर्देशों के अंतर्गत किया गया। उनके नेतृत्व में टीम ने जिस पेशेवर दक्षता का परिचय दिया, वह विभाग के लिए गौरव का विषय है।
जांबाज टीम की भूमिका
एसीपी (ऑपरेशन्स) श्री पदम सिंह राणा के मार्गदर्शन और इंस्पेक्टर संदीप यादव (IC/ANC Central) की देखरेख में गठित विशेष टीम, जिसमें ASI सुधीर, HC दिलशाद और Ct. इंद्रजीत शामिल थे, ने अत्यंत सतर्कता और बहादुरी के साथ इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।
ऑपरेशन की महत्वपूर्ण उपलब्धियां:
व्यापक बरामदगी: कुल 17,800 अल्प्राजोलम टैबलेट्स की बरामदगी, जो वाणिज्यिक मात्रा से 20 गुना अधिक है, ड्रग माफिया के खिलाफ एक निर्णायक प्रहार है।
सटीक खुफिया तंत्र: दिल्ली के शांति वन इलाके से मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद, टीम ने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद और हापुड़ में त्वरित छापेमारी कर मुख्य सप्लायर 'शेरखान' तक पहुँचने में सफलता पाई।
सामुदायिक सुरक्षा: 2 किलोग्राम से अधिक साइकोट्रोपिक दवाओं को जब्त कर टीम ने हजारों युवाओं के भविष्य को नशे के अंधकार में जाने से बचाया है।
"श्री रोहित राजबीर सिंह (DCP/Central) और उनकी समस्त टीम की यह अटूट कर्तव्यनिष्ठा और दृढ़ इच्छाशक्ति सराहनीय है। यह ऑपरेशन अपराधियों के मन में कानून का भय पैदा करने और जनता में सुरक्षा का विश्वास जगाने में मील का पत्थर साबित होगा।"
दिल्ली पुलिस की इस जांबाज टीम को उनकी उत्कृष्ट सेवा और शानदार उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई! @LtGovDelhi@DelhiPolice@CPDelhi@SrivastvaDevesh@IPSMadhurVerma@JtCP_CR@DCPCentralDelhi
दिल्ली पुलिस में जमकर बैटिंग कर रहे दागी जहाँ महकमे की साख धूमिल करने में जुटे हैं, वहीं कुछ अफ़सर ऐसे मामले संज्ञान में आते ही कड़ी कार्रवाई करके मिसाल भी क़ायम कर रहे हैं।
मामला @DCPCentralDelhi के मातहत कुछ आरोपियों से जुड़ा बताया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक़ जिले के #AATS में तैनात एक इंस्पेक्टर को फ़रवरी में लाइन में भेज दिया गया था।
उसके ख़िलाफ़ शिकायत मिली थी कि वह खुलकर खेल कर रहा है और @CellDelhi की रोहिणी यूनिट में तैनात एक हवलदार के ज़रिए कई वाहन चोरों से बड़े सौदे भी कर चुका है!
मार्च में जिले की ही एक यूनिट में तैनात एक इंस्पेक्टर ने एक बड़े अधिकारी के भरोसे का नाजायज फ़ायदा उठाया और लाइन हाजिर हुए #Ins_Raghubir_Meena की तमाम कारगुज़ारी छिपाते हुए उसे फिर से #AATS में लगवाने की सिफारिश कर दी!
बताया जा रहा है @DCPCentralDelhi को कहीं से इस मामले की जानकारी मिल गई।
चूँकि मामले से जुड़े तथ्य दस्तावेज़ों में मौजूद नहीं थे तो तहक़ीक़ात कराई गई।
बताया जा रहा है कि हकीकत का पता लगते ही मामले में ज़ीरो टोलरेंस की नीति पर काम करते हुए आरोपी इंस्पेक्टर को #AATS से हटा दिया गया है।
@PMOIndia@HMOIndia@DoPTGoI@LtGovDelhi@CPDelhi@DelhiPolice
Team of Special Staff, @DCPCentralDelhi arrested a wanted robber after a brief exchange of fire near IP Estate.
On secret information, the accused was intercepted near IP Estate, but he opened fire while attempting to flee.
During exchange of fire, a bullet struck the Bullet Proof Jacket of an Inspector and the accused sustained bullet injury.
The accused was found previously involved in several cases of robbery, murder, theft & Arms Act of Delhi & UP.
Recovery:
* 01 illegal pistol
* Live cartridges & empty shells
* 01 stolen scooty
* 01 mobile phone
#DPUpdates
#HelloDelhiPolice
#HelloPoliceStation
*हरियाणा में #ऑपरेशन_ट्रैकडाउन की बड़ी कार्रवाई: अब तक 4566 अपराधी गिरफ्तार, 47 कुख्यात एक ही दिन में दबोचे*
*चंडीगढ़, 22 नवंबर।* हरियाणा पुलिस द्वारा 5 नवंबर से पूरे प्रदेश में चलाए जा रहे ऑपरेशन ट्रैकडाउन ने अपराधियों पर गहरा प्रहार किया है। अपराध नियंत्रण के लिए शुरू किए गए इस विशेष अभियान ने 21 नवंबर तक प्रभावशाली परिणाम दिए हैं जिसके चलते इसे एक सप्ताह बढ़ाए जाने का निर्णय लिया गया है। पुलिस ने अब तक 1,439 कुख्यात, वांछित और संगीन मामलों में शामिल अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 3127 अन्य आरोपी भी पकड़े गए हैं। इस प्रकार कुल 4566 अपराधी अब तक पुलिस के शिकंजे में आ चुके हैं—जो अभियान की धमाकेदार सफलता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
*सिर्फ 21 नवंबर को: 47 कुख्यात गिरफ्तार, 293 अन्य आरोपी पकड़े, 17 हिस्ट्रीशीटें खोली गईं*
सिर्फ एक दिन में हुई कार्रवाई ऑपरेशन की रफ्तार और पुलिस की दबंग मौजूदगी को दिखाती है। 21 नवंबर को पुलिस ने 47 कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार किया, जिनमें कई मोस्ट-वांटेड और लंबे समय से फरार शामिल थे। इसके अलावा 293 अन्य आरोपियों को भी काबू किया गया, जिससे प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति और मजबूत हुई।इसी दिन पुलिस ने 17 नई हिस्ट्रीशीट खोलकर उन अपराधियों पर निगरानी और कठोर कर दी है, जिनकी गतिविधियाँ समाज के लिए लगातार खतरा बन रही थीं।
*अभियान का असर: अपराधियों पर सख्त कार्रवाई, जनता में बढ़ा सुरक्षा का भरोसा*
ऑपरेशन ट्रैकडाउन हरियाणा पुलिस की जीरो-टॉलरेंस नीति का प्रभावी उदाहरण बन चुका है। इस अभियान का लक्ष्य है कि हर जिले में फरार, संगीन मामलों में शामिल, संगठित अपराध से जुड़े और कुख्यात अपराधियों को तुरंत गिरफ्त में लिया जाए। पुलिस के अनुसार, लगातार और तेज कार्रवाई से अपराधियों के बीच स्पष्ट संदेश गया है कि अब प्रदेश में किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं बचा है।
*सोने की चेन छीनने वाले दो शातिर बदमाश दबोचे — हत्या-प्रयास से लेकर स्नैचिंग तक कई संगीन मामले उजागर*
गुरुग्राम में चेन स्नैचिंग की घटना को अंजाम देने वाले दो शातिर अपराधी—सुमित और संजीव उर्फ संजू—को अपराध शाखा सेक्टर-10 की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 21 नवंबर को गिरफ्तार कर लिया।
17 नवंबर 2025 की शाम सेक्टर-45 में एक व्यक्ति की गले से सोने की चेन छीनी गई थी, जिस पर थाना सेक्टर-40 में मामला दर्ज किया गया था।
जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी दिल्ली–गुरुग्राम क्षेत्र के कुख्यात स्नैचर और लुटेरे हैं, जिनके खिलाफ संजू पर 11 और सुमित पर 10 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। इनमें हत्या-प्रयास, लूट, स्नैचिंग और आर्म्स एक्ट उल्लंघन जैसे मामले प्रमुख हैं। पुलिस के अनुसार, इनकी गिरफ्तारी से गुरुग्राम में हो रही स्नैचिंग की घटनाओं पर ठोस अंकुश लगेगा।
*गोली चलाकर जानलेवा हमला करने वाला कुख्यात मनीष उर्फ गोगा गिरफ्तार — 20 मामले दर्ज*
गुरुग्राम के उद्योग विहार क्षेत्र का कुख्यात अपराधी मनीष उर्फ गोगा (28 वर्ष) भी पुलिस के हत्थे चढ़ गया है।सेक्टर-21 स्थित ओल्ड दिल्ली रोड पर एक युवक के साथ मारपीट और गोली चलाकर जान से मारने की धमकी देने की शिकायत पर थाना पालम विहार में मामला दर्ज किया गया था। अपराध शाखा सेक्टर-17 ने लगातार पीछा करते हुए 21 नवंबर को द्वारका एक्सप्रेसवे के पास से उसे गिरफ्तार कर लिया।
गोगा के खिलाफ 20 गंभीर मामले दर्ज हैं — जिनमें हत्या, हत्या का प्रयास, फिरौती, अपहरण, गैंग गतिविधियाँ, लूट और आर्म्स एक्ट के उल्लंघन शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि उसकी गिरफ्तारी से उद्योग विहार और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय अपराधी नेटवर्क पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा।
*हरियाणा पुलिस की सख्त कार्रवाई से अपराधियों की कमर टूटी*
ऑपरेशन ट्रैकडाउन का अब तक का परिणाम दिखाता है कि हरियाणा पुलिस अपराधियों के खिलाफ अभूतपूर्व आक्रामकता और रणनीति के साथ काम कर रही है। 5,251 गिरफ्तारियाँ इस बात का सबूत हैं कि अपराधियों के खिलाफ छेड़ी गई यह निर्णायक लड़ाई आने वाले दिनों में प्रदेश को और अधिक सुरक्षित बनाएगी। गुरुग्राम में दो बड़ी गिरफ्तारियाँ—स्नैचर गैंग और कुख्यात शूटर की गिरफ्तारी—ने यह भी दिखाया है कि स्थानीय स्तर पर भी पुलिस की पकड़ लगातार मजबूत हुई है।