यह आतंकी दिल्ली जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान तैनात RAF की असिस्टेंट कमांडेंट सोनिया सहरावत के साथ संपर्क होने की बात कह रहा है।
क्या RAF आतंकियों के साथ मिलकर काम कर रही है?
दक्ष चौधरी और उसके गुर्गों को 20 मिनट तक नोनस्टॉप कुत्ते की तरह जूतों से पीटा गया 🔥
कोई बताएगा कि #हिंदुवादी नेता बनने वाले दक्ष चौधरी की कुटाई की ये ताजा घटना है या पुराना वीडियो है ?
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गुजरात की New India United Party (NIUP) को 290 करोड़ रुपए का चंदा मिला.
पार्टी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में 3 कैंडिडेट उतारे थे, जिन्हें कुल 8,542 वोट मिले.
पार्टी ने चंदे से मिला पैसा ऐसे खर्च किया ⬇️
• चुनाव खर्च: ₹26.39 करोड़
• लाउडस्पीकर, माइक्रोफोन का किराया: ₹20.70 करोड़
• झंडा-दुपट्टा: ₹20.99 करोड़
• पार्टी कैंपेन: ₹92.77 करोड़
• रैली-मोर्चा में डेकोरेशन और खाना: ₹75.90 करोड़
• होर्डिंग-बैनर: ₹26.33 करोड़
तस्वीर में New India United Party के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित चतुर्वेदी हैं, जो गुजरात के मुख्यमंत्री से हाथ मिला रहे हैं.
ये तस्वीर पार्टी की वेबसाइट से लेकर फेसबुक तक पर कवर फोटो के तौर पर लगी हुई है.
आज सहारनपुर कलेक्ट्रेट में बनी मस्जिद को भी अवैध बता कर बुलडोज़ कर दिया गया, सरकार को अगर 100 साल पुरानी बनी मस्जिदें भी अवैध लगती हैं तो फिर देश में सबकुछ ही अवैध है, विकास प्राधिकरण के गठन से पहले बना जौहर विश्वविद्यालय का निर्माण अवैध लगता है, कलेक्ट्रेट बनने से पहले बनी अंग्रेज़ों के समय की मस्जिद अवैध लगती है, सरकार की नज़र में हर मुसलमान अवैध है, ये खेल कहॉं तक और कब तक चलेगा ??
अपने ही देश के नागरिकों और उनके धर्मस्थलों को अगर सरकारी साज़िश के साथ गिराया जायेगा तो कहने को क्या ही रह जायेगा।
ये सब एक दिन का मसअला नहीं है, ये सरकार का रोज़ का काम है, छात्रों के मुद्दे पर घिरी सरकार चुनाव से पहले ये नहीं करेगी को क्या करेगी।
ऐसी ‘आज़ादी’ और कहाँ !
ये देश की राजधानी दिल्ली का मामला है और ये गुंडा दिल्ली पुलिस की नाक के नीचे अपना क़बूलनामा दे रहा है! पर लगता नहीं कि कोई कार्रवाई होगी!
•इस देश के निज़ाम ने देश का कैसा माहौल बना दिया है की कोई पत्रकार सवाल करे तो जवाब के जगह पुलिस मारपीट रही है उसे
•क्या मुख्यमंत्री से सवाल पूछना अब अपराध है?
•पत्रकार शाहीन का आरोप है कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सवाल पूछने पर पुलिस उन्हें पकड़कर थाने ले गई और उनके साथ मारपीट की. उनका यह भी आरोप है कि ‘खान’ नाम सुनने के बाद दुर्व्यवहार बढ़ गया
•यह सिर्फ शाहीन का मामला नहीं, बल्कि प्रेस की आज़ादी पर गंभीर सवाल है
•दिल्ली पुलिस और सरकार जवाब दें—पत्रकार का सवाल इतना खतरनाक कब से हो गया?
•पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो। CCTV फुटेज सुरक्षित किए जाएं और दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई हो
#Shaheen #PressFreedom #DelhiPolice #RekhaGupta #4PMNews #JournalismIsNotACrime
सरकार से सवाल पूछने पर , पुलिस ने देश की बेटी का क्या हाल कर दिया ,
इस पत्रकार को इतना पीटा की अब ये चल भी नहीं पा रही , दिल्ली पुलिस क्या आपकी लाठी छात्रों और पत्रकारों पर ही चलती है ,
शाहीन और नफीसा आप बहुत हिम्मत वाली हो , हिम्मत मत हारना ,
देशवासियों को बहुत-बहुत बधाई - 7.8% की ग्रोथ. देश खुशियों से भर गया है.
- मोदी
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इस दौरान खुशहाल देशवासी 👇
• पहले कमाता था 1,500, अब कमाता हूं 500.
• मोदी सरकार एकदम निकम्मी है. मोदी रहा तो देश का बुरा हाल होने वाला है.
•प्रधानमंत्री मोदी जी की स्थिति लगातार चिंताजनक होती जा रही है।
•टेलीप्रॉम्प्टर या तैयार नोट्स के बिना ye अपने थॉट्स और बातों को भी स्पष्ट रूप से व्यक्त करने में संघर्ष करते नजर आ रहें हैं
•एक ऐसे सर्वोच्च पद पर बैठे नेता को अपनी बात स्वतंत्र रूप से रखने में दूसरों की मदद की जरूरत पड़े, तो यह न सिर्फ उस पद की गरिमा के लिए बल्कि पूरे देश के लिए शर्मिंदगी की बात है
•विश्व मंच पर भारत की प्रतिष्ठा और सम्मान के लिए यह जरूरी है कि देश का नेतृत्व आत्मविश्वास और स्पष्टता के साथ अपनी बात रख सके
CM योगी जी की घोषणा को विभाग को गंभीरता से लेना चाहिए था ! 😁😁
एक तो बस नहीं है अगर है भी तो ओ खटारा बस है जिसमे कोई बैठाना नहीं चाहता !
अतिरिक्त बसों की व्यवस्था करनी चाहिए थी !
#RakshaBandhan
इस देश में बेरोजगारी की हालत देखनी हो तो कल का KBC एपिसोड जरूर देखिए। यह आपको सोचने पर मजबूर कर देगा।
हॉट सीट पर पहुंचा विवेक दिहाड़ी मजदूरी करता है। उसके पिता और मां भी मजदूरी करते हैं। विवेक के ₹1 लाख जीतने पर अमिताभ बच्चन ने उसके पिता से पूछा—“अब तो खुश हैं?”
पिता ने हाथ जोड़कर कहा—“अगर यहां बैठे किसी व्यक्ति के पास मेरे बेटे के लिए छोटी-सी भी नौकरी हो, तो दे दीजिए। जिंदगी भर दुआ करेंगे।”
यह अपील सुनकर अमिताभ बच्चन ने भी दर्शकों से विवेक को नौकरी देने की अपील की।
पूरे संवाद के दौरान विवेक सिर झुकाए बैठा रहा।
सोचिए, जो युवा अपने ज्ञान के दम पर KBC की हॉट सीट तक पहुंच सकता है, उसे इस देश में एक छोटी-सी नौकरी के लिए भी अपील करनी पड़ रही है। यही तस्वीर हमारी बेरोजगारी की हकीकत दिखाती है।
22 लाख होम लोन न चुकाने पर मध्यम वर्ग के लोगों का घर नीलाम हो जाता है! इस नाइंसाफी के ख़िलाफ़ मध्यवर्ग को आवाज़ उठाना चाहिए। पर वो कहाँ उठाएगा। वह तो ‘राष्ट्रवाद के चिलम में धर्म की अफ़ीम’ पी रहा है और उधर असली माल सुभाष चंद्रा जैसे अरबपति को उड़ाने को मिल रहा है…