@chitraaum Highly acidic तेज़ाब को प्लास्टिक की पतली थैलियां झेल कैसे पाईं, सबसे पहले उन्ही को गल जाना चाहिए था, कुछ इतना तो रसायन विज्ञान मैडम ने पढ़ा ही होगा या फ़िर भक्ति की भेंट चढ़ गया कॉमन सेंस भी
यदि राष्ट्रीय मुसलमानों को भी पाकिस्तान छोड़ कर आना पड़ा तो वे भी यहाँ रहेंगे। हम हिन्दुस्तानी की हैसियत से सब एक ही हैं। यदि यह नहीं बनता तो हिन्दुस्तान बन नहीं सकता। (महात्मा गाँधी, प्रार्थना प्रवचन, 10 जुलाई 1947)
@RahulEaswar ये कुंठ���त मानसिकता है, वैचारिक या व्यक्तिगत मतभेद अपनी जगह है लेकिन जनादेश से चुने गए प्रधानमंत्री का सम्मान करना हर लोकतंत्र में विश्वास करने वाले देशवासी का नैतिक कर्तव्य है,
अब वह विश्लेषण करेंगे कि 2025-26 तक हिंदुत्व लाने के अपने Target के वे कितने क़रीब पहुँचे। मुसलमानों को ज़िल्लत के अज़ाब का अब भी यक़ीन नहीं है। अगर इस क्लिप https://t.co/Kdt9451IQD को देख कर कुछ यक़ीन आए तो शायद अभी कुछ होसकता है। हम से संपर्क करें।
@manakgupta@RahulGandhi ऐसा सवाल कभी मोदी जी को टैग करके पूछने की हिम्मत हुए आपकी ? नहीं ना, यही तो प्यार की राजनीति है के किसी भी तरह का सवाल करने या आरोप लगाने की आज़ादी है
व्यक्तिगत रूप से होलकोत्सव को मनाने के प्रचलित अशास्त्रीय ��्वरूप से अपनी स्पष्ट मतभिन्नता रखते हुए भी मैं परमपिता परमेश्वर से सम्पूर्ण राष्ट्रवासियों की होली शुभ हो सुरक्षित हो इसकी मंगल कामना करता हूँ,परमेश्वर इस अवसर पर होने वाली समस्त अशुभ व अप्रिय घटनाओं से सभी को सुरक्षा दे।