बड़ी खबर : इंडियन एक्सप्रेस' की एक रिपोर्ट के आधार पर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर।
बताया जा रहा है के,ज्ञानेश कुमार, के अलावा,मनीष गर्ग (IAS, डिप्टी EC) और सीमा खन्ना (ECI की IT हेड) पर भी कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
मेरे साथ आखिरी के 2 डिबेट में सुधांशु त्रिवेदी की पोल इस तरह से खुली थी:
पहली वाली में तोता जी ने VP Singh जी को अपशब्द बोले उसके बाद इसे महीने भर डिबेट में नहीं भेजा गया!
दूसरी वाली में ये वक़्फ़ की जमीन खोज रहे थे, मैं लाइव डिबेट में इनके कई बैंक खाते की डिटेल सामने ले आई, 2 राज्यों में 3 घर, 26 करोड़ से ज्यादा की घोषित संपत्ति निकाल लाई और इन्हें इसे गरीबों में बांटने को कहा।
इस दोनों फजीहत के बाद तोता त्रिवेदी मेरे साथ बैठने से भागने लगे है!
Super Exclusive-
मंत्री का भी फोन नहीं उठाती
ज्ञानेश कुमार की डीएम बेटी!
मंत्री ने इसी सितंबर महीने में योगी को लिखी चिट्ठी।
नोएडा की डीएम मेधा रूपम से जुड़ी बड़ी ख़बर।
मंत्री ने योगी को लिखा-
"न मेरा फोन उठाती हैं, न कार्यकर्ताओं का, न आम जनता का।
जब ये हापुड़ की डीएम थीं, तब भी यही हाल था। इसीलिए वहां से हटाई गईं थीं।”
टॉप सीक्रेट को दिए इंटरव्यू में मंत्री ने उठाया सवाल-
"मुझे आश्चर्य है कि युवराज मेहता वाली रिपोर्ट में नाम होने के बावजूद मेधा रूपम के खिलाफ कार्यवाही क्यों नहीं हुई?"
पूरी खबर @TOPSecret24x7
ज्ञानू की बेटी ने 5 लाख का जुर्माना बचाने के लिए 35-35 लाख प्रति सुनवाई वाले दो वकील खड़े किए। मिलोर्ड के रेट का अभी खुलासा नहीं हुआ।
बात पैसे की नहीं, पापा के रसूख की थी। लेकिन ज्ञानू ने इस मामले में कमर कसी तो पीछे से एक अखबार ने दूसरे मामले में उनका पजामा खींच दिया।
यह दिमाग हिला देने वाला है 🤯
सभी टॉप 12 मेनस्ट्रीम चैनल राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर LIVE कवरेज कर रहे हैं
इसे टीवी पर लगभग 70M और सोशल मीडिया पर 28M लोगों ने देखा है
MASSIVE 🔥
नरेंद्र मोदी के साथ मिलकर ज्ञानेश कुमार लोकतंत्र का गला घोंट रहे हैं, वोट चोरी कर रहे हैं।
इसी के खिलाफ आज जम्मू-कश्मीर विधानसभा में कांग्रेस विधायकों ने काले झंडे दिखाकर विरोध प्रदर्शन किया और CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
कांग्रेस पार्टी जनता के अधिकारों की हत्या नहीं होने देगी- हम इस तानाशाही के खिलाफ लड़ते रहेंगे ✊
न्याय केवल होना ही काफी नहीं है, न्याय होते हुए दिखना भी चाहिए। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की यह तस्वीर अच्छी नहीं है माई लॉर्ड। सब दिख रहा है, सब देख रहे हैं... साफ साफ.. स्पष्ट!!
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गोवा के चीफ इलेक्टोरल ओफिसर ने बताए था की गोवा की वोटर लिस्ट में 97 नाम जोड़ने की कोशिश उन्होंने की लेकिन सेंट्रल ऑफिस ने उनको जोड़ने नहीं दिया! यह कानून का उल्लंघन है। लेकिन आज वही ऑफिसर इस सवाल का जवाब नहीं दे पा रहे। जाहिर है चुनाव आयोग और सरकार का दबाव है।
Let’s not forget that Gyanesh Chor Kumar’s resignation will solve nothing for India.
His handlers must be brought to books first.
Let’s not make the same mistake as was done by asking for Pradhan’s resignation. After he resigned another Super Sanghi replaced him.
What changed post his resignation⁉️
नोएडा की डीएम और सीईसी ज्ञानेश कुमार की बेटी को सुप्रीम कोर्ट से कैसे मिली राहत ? अदालती मामलों की रिपोर्टिंग करने वाले डिजिटल प्लेटफॉर्म लाइव लॉ की एक रिपोर्ट में सुप्रीम कोर्ट की बेंच को लेकर कुछ सवाल उठाए गए हैं. सुप्रीम कोर्ट के पहले से तय रोस्टर के मुताबिक़ जस्टिस नागरत्ना की बेंच में नोएडा में मजदूर आंदोलन के दौरान प्रिवेंटिन डिटेंशन मामलों की सुनवाई हो रही है लेकिन मेधा रुपम के मामले की सुनवाई जस्टिस सतीश शर्मा और जस्टिस एनके सिंह की बेंच में हुई. इस बेंच से मेधा रुपम को तत्काल अंतरिम राहत मिल गई. जस्टिस सतीश शर्मा की बेंच ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले पर रोक लगा दी, जिसकी वजह से मेधा रुपम की गर्दन फंसी थी. हाईकोर्ट के फैसले के मुताबिक मेधा रुपम की सैलरी से पांच लाख का हर्जाना वसूलकर दिल्ली की एक स्टूडेंट आकृति चौधरी को दिया जाना था. हाईकोर्ट ने दिल्ली की एक स्टूडेंट आकृति चौधरी पर गैरकानूनी तरीके से NSA लगाकर प्रीवेंटिव डिटेंशन में रखने के मामले में मेधा रुपम को कड़ी फटकार लगाई थी और उनके सर्विस रिकार्ड में हाईकोर्ट के फैसले को दर्ज करने का निर्देश दिया था. हाईकोर्ट के उस फैसले के बाद मेधा रुपम के होश फाख्ता थे और उन्होंने हाईकोर्ट के उस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.
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पूरा वीडियो मेरे यूट्यूब चैनल पर
Hello! ज्ञानेश कुमार आपकी कुर्सी अब खतरे में है।
आज से देश के अलग अलग हिस्सों में देश के CEC Gyanesh Kumar को उनके पद से हटाने के लिए लोगों में जबरदस्त विरोध देखने को मिल रहा। दिल्ली से पटना और पटना से लखनऊ तक।
जनता में वो बात घर कर गई है जो उन दो चुनाव आयुक्तों ने बोली थी। Indian Express की रिपोर्ट ने लोगों के शक को यकीन में बदल दिया।
अब सरकार भी इस मामले में चाहकर भी कुछ नहीं कर पाएगी क्योंकि मामला सिर्फ विपक्ष तक सीमित नहीं है नहीं बल्कि जनता तक आ चुका है।