आज मल्लिकार्जुन खड़गे, जो कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष हैं, ने पटना में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की एक बैठक ली।
जब वे कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित कर रहे थे, उसी समय कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ता मंच के नीचे खड़े हो गए और उन्होंने खड़गे जी की कुछ बातों पर आपत्ति जताई। उनमें से एक कांग्रेस कार्यकर्ता ने कहा कि, “मोदी कहीं नहीं जाने वाले हैं।”
कांग्रेस के कार्यकर्ता खड़े हुए और उनमें से एक कार्यकर्ता ने स्पष्ट रूप से कहा कि हमारे नॉन-फंक्शनिंग अध्यक्ष तो हमेशा छुट्टी पर रहते हैं। ऐसे में कांग्रेस पार्टी चुनाव कैसे जीत पाएगी? मोदी कहीं नहीं जाने वाले हैं।
मुझे बहुत दुख हुआ, जिस प्रकार की प्रतिक्रिया मल्लिकार्जुन खड़गे की थी। खड़गे जी ने कहा, “मोदी का बाप भी जाएगा।”
इसमें दो बातें हैं।
पहला विषय यह है कि खुद कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को कांग्रेस की सभा में, जहाँ उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष बोल रहे हों, यह स्पष्टता है कि राहुल गांधी से नहीं हो पाएगा। राहुल गांधी हमेशा वेकेशन मोड में रहते हैं। राहुल गांधी के रहते हुए कांग्रेस आगे नहीं बढ़ सकती है और पीएम मोदी सत्ता में बने रहेंगे, यह स्पष्टता कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को है।
दूसरा विषय यह है कि मल्लिकार्जुन खड़गे को इस उम्र में इस प्रकार की भाषा शोभा नहीं देती। मैं नहीं मानता कि यह मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है, मैं मानता हूँ कि यह सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने कहलवाया है। यह बहुत ही निंदनीय है और मुझे लगता है कि आज कांग्रेस के प्रत्येक कार्यकर्ता को पता है कि वास्तविकता क्या है।
यह कांग्रेस पार्टी में रिजीम चेंज के फ्रस्ट्रेशन का परिणाम है।
- डॉ. @sambitswaraj
@neha_aisa Yes, Bsdk....! You bunch of insignificant nobodies think it’s perfectly fine to abuse one person, but if someone opposes you, you call them goons. You people are anti-national and anti-social elements, and idiots like you should be sent to Bangladesh.”.
Fox News की हालिया जांच रिपोर्ट में भारत और फ्रांस में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच एक बड़े अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन का दावा किया गया है।
इस रिपोर्ट के अनुसार, 9 देशों में फैले 101 संगठनों का यह नेटवर्क (जिसमें कम्युनिस्ट और इस्लामिक समूहों से जुड़े संगठन शामिल हैं) अराजकता फैलाकर Regime Change के एजेंडे पर काम कर रहा है। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद राहुल और सोनिया गांधी की 'प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल' के प्रतिनिधियों के साथ हुई 10 अप्रैल, 2025 की मुलाकात को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
देखिए, ये विस्तृत रिपोर्ट, और समझिए, पर्दे के पीछे की कहानी… ⬇️
SCRIPT शंघाई की… चेहरा दिल्ली का?
France के protests से लेकर Jantar Mantar तक… क्या वाकई इन आंदोलनों के बीच कोई international network काम कर रहा है?
Neville Roy Singham, Vijay Prashad, Progressive International, BreakThrough News और CJP के बीच connections क्या हैं? और इन connections के सबूत क्या बताते हैं?
देखिए The Pamphlet की पूरी रिपोर्ट।
@india_expert