चुनाव आयोग उल्टा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से कह रहा था कि या तो हलफनामा दो या देश से माफी मांगो!
राहुल ने पिछले 1 साल में चुनाव आयोग द्वारा की जा रही धांधलियों पर सबूतों के साथ कई प्रेस कॉन्फ्रेंसें कीं।
लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इनका जवाब देने के बदले उल्टे राहुल गांधी पर आरोप लगाते रहे
अब इंडियन एक्सप्रेस के इस मामले में और ज्यादा खुलासे के बाद कांग्रेस आज दोपहर एक बजे महत्वपूर्ण प्रेस कांफ्रेंस करने जा रही है।
कांग्रेस मुख्यालय में होने वाली इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को पार्टी प्रवक्ता और वरिष्ठ अभिभाषक अभिषेक सिंघवी संबोधित करेंगे।
ये एक बेहद गंभीर समाचार है कि पिछले 10 महीनों में 2 चुनाव आयुक्तों ने निर्वाचन आयोग के गलत निर्णयों पर 14 बार अपनी आपत्ति दर्ज़ कराई है।
इसका सीधा मतलब ये है कि सभी चुनाव आयुक्त अपना सही काम नहीं कर पा रहे हैं। एक स्वतंत्र निकाय के सदस्यों को अगर न्यायपूर्ण कार्य करने की स्वतंत्रता नहीं है या उनकी कोई सुनवाई नहीं है तो ये लोकतंत्र के लिए बेहद घातक और ख़तरनाक हालात हैं। कुछ लोगों द्वारा सत्ता की कठपुतली बनकर लोकतंत्र को धोखा देना घोर सांविधानिक अपराध है। ये लोकतंत्र को मिटाने के किसी षड्यंत्र से कम नहीं है।
माननीय सर्वोच्च न्यायालय स्वत: संज्ञान ले!
“ मैं ये बात बहुत seriously बोल रहा हूँ … ये Treason है
Election Commission में जो भी ये काम कर रहे है आपको हम छोड़ेंगे नहीं… क्योंकि आप हिंदुस्तान के ख़िलाफ़ काम कर रहे हो
आप याद रखिए आप कहीं भी हो- retired हो- कुछ भी हो हम आपको ढूँढ के निकालेंगे”
~ नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi जी
( August 2025)
Gyanesh Kumar is the enemy of India.
More than 12 crore names have reportedly been deleted from electoral rolls.
That is roughly 12.4% of the 97 crore registered electorate around the 2024 Lok Sabha election.
The gap between the BJP-led NDA and the opposition was just 2%.
Gyanesh Kumar isn’t conducting elections, he is scripting them.
गोदी मीडिया sources के माध्यम से Indian Express की उस खबर को खारिज करने आ गया जिसमें बताया गया कैसे 2 चुनाव आयुक्तों की 14 शिकायतों को दरकिनार करके ज्ञानेश गुप्ता वोट चोरी करते रहे
बस यह बताओ WhatsApp पर फ़र्रा भेजने वाले “sources” ज्ञानेश कुमार हैं या PMO के चपरासी
गलीच गोदी!
मोदी के चहेते ज्ञानेश कुमार चुनाव आयोग में अपनी मनमर्जी चला रहे हैं।
👉 इस बारे में खुद दो चुनाव आयुक्तों ने 10 महीने में 14 बार शिकायत की है।
▪️ शिकायत में साफ कहा गया कि दोनों चुनाव आयुक्त - सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी को महत्वपूर्ण फैसलों की जानकारी नहीं दी जाती। उनसे सलाह नहीं ली जाती। उनसे बिना पूछे या बताए हुए फैसले लिए जा रहे हैं।
▪️ ये 14 शिकायतें मुख्य तौर से - SIR, फॉर्म 6 में बदलाव, नए वोटर का रजिस्ट्रेशन, वोटर लिस्ट से नाम हटाना और जोड़ना, नाम बहाल करने के आदेशों के खिलाफ अपील, वोटर लिस्ट की सुरक्षा और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर है।
इन शिकायतों से साफ होता है कि तीन सदस्यों वाले चुनाव आयोग में सिर्फ ज्ञानेश कुमार की चल रही है।
ज्ञानेश अपने बॉस मोदी की तरह तानाशाही कर रहे हैं और मोदी को खुश करने के लिए 'वोट चोरी' का काम कर रहे हैं।
हम पहले भी कहते आए हैं - मोदी ने चुनाव आयोग पर कब्जा कर रखा है। ज्ञानेश कुमार मोदी के हाथ की कठपुतली है। इंडियन एक्सप्रेस की इस रिपोर्ट से ये बात साबित होती है।
मोदी और ज्ञानेश ने मिलकर देश के लोकतंत्र को बहुत नुकसान पहुंचाया है।
लेकिन ये बात याद रखना - वक्त आने पर सबका हिसाब होगा, जवाबदेही तय होगी। इस अपराध की सजा जरूर मिलेगी।
Vote chori is a crime against the Indian people and a direct attack on our constitution.
The BJP, RSS and EC who organised it have committed an act of treason.
Justice will be served.
शानदार रिपोर्ट है आपकी। भारत का लोकतंत्र सुरक्षित नहीं है इसका एक और प्रमाण। चुनाव आयोग के भीतर क्या हो रहा है इसकी जाँच होनी चाहिए। सारे चुनावी नतीजों की समीक्षा होनी चाहिए। चुनाव जनता के वोट का नतीजा है या जी-प्रिंटर से निकला नतीजा, इसकी जाँच होनी चाहिए।
When we reached a school in Greater Noida for inspection, the authorities got the school doors locked and didn’t let us in.
But what we witnessed outside the school premises was even worse.
जमुई कांड में आरोपी नंदन कुमार यादव का हाफ एनकाउंटर हुआ।
प्रशंसनीय।
फुल एनकाउंटर क्यों नहीं?
भरत तिवारी का फुल एनकाउंटर होगा लेकिन एक नाबालिक के साथ गलत करने वाले मानसिक अपराधी का हाफ एनकाउंटर क्यों ?
कौन सा कानून इसको बचा रहा है ?
दूसरी बात:-
आरोपी पूरे 06-07 हैं तो जाति केवल नंदन कुमार यादव का ही क्यों बाहर लाया गया ? बाकी की जातीय पहचान क्यों छुपाई जा रही है ?
जब अपराध सबका बराबर है तो फिर सिर्फ एक का एनकाउंटर क्यों बाकी 5-6 का एनकाउंटर क्यों नहीं ?
अपराधियों को क्यों बचाया जा रहा है ?
भरत तिवारी को तो बीच सड़क पर गोली मारी गई थी इन 06 को कब गोली मारी जाएगी या कानूनी खेल में ये सब बचा लिए जायेंगे?
मुख्यमंत्री जी खुलकर बिहार की जनता को कहा है कि हरा गमछा वाले अपराधी हैं उनका एनकाउंटर होता रहेगा।
फिर भगवा गमछा वालों का बचाव क्यों ?
सभी 6 का फुल एनकाउंटर कब ?
बाकी सभी 05 का जातीय पहचान क्यों छुपाई गई है?
मुख्यमंत्री जी जवाब दें।
- Copied
बिहार में सुशासन नहीं गुंडाराज चल रहा है। किसी भी इंसान के लिए जमुई का वीडियो बहुत बेचैन करने वाला है।
‘एक छात्र और छात्रा को रास्ते में जबरदस्ती रोक लिया गया। उन्हें प्रताड़ित किया जाता है, उनका उत्पीड़न किया जाता है, बच्ची हाथ जोड़कर विनती करती रही, मगर गुंडे उसे गलत तरीके से छूते और खींचतान करते रहे’
गुंडों के ‘सम्राट’ जवाब दे कि शाम 7 बजे के बाद बिहार की बेटियाँ सुरक्षित क्यों नहीं हैं?
भाजपा के लोग कितने दोगले हैं आपको इस बात से पता चल जाएगा...
रेखा गुप्ता यमुना नदी में कोई भी गणेश विसर्जन करेगा तो उस पर फ़ाइन लगा देंगी और वही सेम चीज़ तेलंगाना सरकार करती है बेरिकेट्स लगाकर नदी के किनारे तो बीजेपी और आरएसएस के लोग वहां जाकर तोड़फोड़ करते हैं.....
जमुई की वीभत्स घटना पर जमुई की विधायक और प्रदेश में मंत्री साहिबा श्रेयसी सिंह ने मीडिया में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि आरोपियों ने पीड़िता के साथ 𝐌𝐨𝐫𝐚𝐥 𝐏𝐨𝐥𝐢𝐜𝐢𝐧𝐠 सही तरीके से नहीं की। श्रेयसी सिंह का कहना है कि (𝐌𝐨𝐫𝐚𝐥 𝐏𝐨𝐥𝐢𝐜𝐢𝐧𝐠) नैतिक पुलिसिंग सम्मानजनक तरीके (𝐑𝐞𝐬𝐩𝐞𝐜𝐭-𝐟𝐮𝐥𝐥 𝐌𝐚𝐧𝐧𝐞𝐫) से होनी चाहिए थी।
मतलब अब एनडीए सरकार के 𝐁𝐉𝐏 मंत्री चाहते है कि 𝐌𝐨𝐫𝐚𝐥 𝐏𝐨𝐥𝐢𝐜𝐢𝐧𝐠 के अंतर्गत छेड़खानी, यौन शोषण, नशा-तस्करी, मर्डर और बलात्कार "𝐑𝐄𝐒𝐏𝐄𝐂𝐓𝐅𝐔𝐋𝐋 𝐌𝐀𝐍𝐍𝐄𝐑" में सात्विक तरीक़े से होने चाहिए। मंत्री साहिबा को अब 𝐌𝐎𝐑𝐀𝐋 𝐏𝐎𝐋𝐈𝐂𝐈𝐍𝐆 पर ट्यूशन देना चाहिए।
Big Breaking:-
जमुई कांड के आरोपी नंदन यादव का फुल एनकाउंटर करने की बजाय पैर में दिखावटी गोली इसलिए मारी गयी है क्योंकि वो जमुई के बगल में झारखंड के कोडरमा सांसद सह केंद्रीय मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी यादव के संबंधी भूपेंद्र यादव का दूर का रिश्तेदार है। जिसका ननिहाल प्रदेश के सहकारिता मंत्री श्री रामकृपाल यादव के परिवार में तथा फुआ घर नित्यानंद राय के यहाँ है। वह बालू का कारोबार इन्हीं के संरक्षण में करता है।
नेता प्रतिपक्ष श्री तेजस्वी यादव ने आरोपी को फाँसी की सजा देने की माँग कर अपने दायित्वों का निर्वहन कर न्यायिक चरित्र का उदाहरण पेश किया है। साथ ही तेजस्वी यादव ने 6 अन्य आरोपियों को सजा देने की भी मांग की है।
जमुई में एक युवा लड़के और लड़की के साथ हुई दरिंदगी किसी को भी झकझोर कर रख देगी
लेकिन जमुई की विधायक और मंत्री श्रेयसी सिंह को लगता है कि बजाय ज़ोर ज़बरदस्ती के “moral policing dignified और elegant ढंग” से की जाये तो कोई दिक्कत नहीं है
बिहार सरकार के मंत्री शरण कुमार और JDU अध्यक्ष उमेश कुशवाहा इसे पहले ही “छिटपुट घटना” बता चुके हैं
किस मिट्टी के बने हुए हैं यह भाजपाई और उनके घटक दल
मैडम, moral policing ग़लत है. किसी को यह हक़ नहीं कि वो अपनी opinion किसी और पर थोपे, वो किसी लड़की को बताए कि वो क्या पहने, कहाँ जाए, किससे मिले
यह लोग कौन सी दुनिया में रह रहे हैं? वो ज़माने लद गए. अपनी गुफा से बाहर आ जाओ - लड़कियों की आज़ादी, उनकी मर्ज़ी, उनकी अभिव्यक्ति, उनकी ना और उनकी हाँ को समझो
यह संघ की शाला नहीं, संविधान से चलने वाला देश है - जहाँ औरतों को पूरी आज़ादी और बराबरी का हक है
नेशनल TV चैनलों पर रोज़ prime time में शाम 5 से रात 10 बजे के बीच 30-35 डिबेट होते हैं. कल शाम को जमुई में हुई दरिंदगी पर महज़ 4 डिबेट हुए
और वो भी बड़े वाले चैनलों पर नहीं. उन बेचारों को हिंदू-मुस्लिम से ही फुर्सत नहीं
ये बस महिला सम्मान का ढोंग करना जानते हैं, फर्जी बकबकाते रहते हैं - ढोंग करते हैं