मैं एक महिला हूँ शादी के बाद मैंने 2023 शिक्षक भर्ती का एग्जाम दिया जो मेरे लिए कठिन था लेकिन मैंने परिश्रम से परीक्षा पास किया।
सुशासन तिहार में हम भाजपा सरकार से अनुरोध करते हैं कि हमारी पीड़ा को समझें और हम सभी डीएड अभ्यर्थियों को नियुक्ति दें।
-छत्तीसगढ़ में नौकरी के लिए आस लगाए डीएड अभ्यर्थी।
राजधानी @RaipurDistrict के तूता धरना स्थल पर डीएड अभ्यर्थियों का आमरण अनशन 166 दिनों से जारी है। भीषण गर्मी, आर्थिक संकट और भविष्य की चिंता के बीच युवा अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं। ऐसे में राज्यसभा सांसद @SanjayAzadSln धरना स्थल पहुंचकर समर्थन देते हैं और संसद में मुद्दा उठाने का आश्वासन देते हैं। लेकिन इससे एक बड़ा सवाल खड़ा होता है। छत्तीसगढ़ के सत्ताधारी और विपक्षी दलों के बड़े नेता आखिर कहां हैं? चुनाव के दौरान युवाओं के घर-घर जाकर समर्थन मांगने वाले नेता क्या 166 दिनों से चल रहे इस आंदोलन से अनजान हैं?
यह सवाल केवल डीएड अभ्यर्थियों का नहीं, बल्कि प्रदेश के उन हजारों युवाओं का है जो रोजगार की उम्मीद लगाए बैठे हैं। क्या नेताओं के लिए युवाओं का महत्व सिर्फ वोट देने तक सीमित है, या फिर उनकी समस्याओं का समाधान भी राजनीति की प्राथमिकता बनेगा? जनता जवाब चाहती है।
सत्ता के नशे में चूर छत्तीसगढ़ के भाजपा सरकार को ना तो डीएड अभ्यर्थियों आवाज सुनाई नहीं दे रही है ना उनकी पीड़ा दिखाई दे रही है। 81 दिन धारी युवा अनशन कर रहे हैं, पर अब तक सरकार के कान में जूँ तक नहीं रेंगी है।
सरकार सत्ता का सुख भोगने इतनी व्यवस्था हो गई कि उसे हाईकोर्ट और सुप्रीमकोर्ट के आदेश की भी परवाह नहीं है।
ना किसी विधायक और मंत्री को डीएड अभ्यर्थियों के तकलीफ कोई लेना देना है। उनको तो बस अपने वेतन, भत्ते और सरकारी सुविधाओं से मतलब है।
@LaxmiRajwade21 पहले कैबिनेट में 10वी 12वी पास करके डी एड डीएलएड करके शिक्षक भर्ती चयन सूची में टॉप में है उसको नौकरी दो फिर इन लोगो का भविष्य बनाना हम वो है जो 2 महीने से तूता धरना स्थल में बैठे है