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भविष्य की अनिश्चितताओं से परिवार को सुरक्षित रखने के लिए आज कुछ ज़रूरी क़दम उठाएँ।
🔸 बैंक, डीमैट और बीमा में Nominee जोड़ना न भूलें
🔸 सभी निवेश, खातों और लोन की जानकारी एक स्थान पर सुरक्षित रूप से रखें
🔸 एक टर्म इंश्योरेंस ज़रूरी है – ख़ासकर सैल��ीड लोगों के लिए।
Last year, I paid around 2000 rs for a 750ml bottle of ballantine’s using Rupay UPI Credit card mode.
Just as I was about to leave, the shopkeeper stopped me and made me pay another 40, saying I had to bear the credit card charges.
Turns out, I was the merchant all along.
मो��ी सरकार से मिलने के बाद Meta वाले पागल हो गए हैं. धड़ाधड़ वीडियो हटाए जा रहे हैं.
आपने मोदी का नाम लिया, थोड़ी सी आलोचना की और वीडियो गायब. Meta पूरी तरह से सरकार के कब्जे में आ गया है.
इंस्टाग्राम पर विरोध रुक नहीं रहा था तो ये तरीका आजमाया गया है.
@ArvindKejriwal Had a plan to buy Petrol car but I deferred my buying plans due to India’s ethanol policy.
There will be many like me. This will definitely hamper automobile companies and Their growth and in turn the economy.
आरक्षण के मुद्दे को लेकर @BhimArmyChief व नगीना सांसद चन्द्रशेखर आजाद और RSS के राष्ट्रीय संयोजक मोहन भागवत आमने-सामने 🚨
हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान मोहन भागवत ने कहा कि SC, ST, OBC वर्ग के जो लोग आरक्षण का लाभ ले चुके हैं उन्हें स्वत: ही आरक्षण छोड़ देना चाहिए
जिसे लेकर चन्द्रशेखर आजाद ने पलटवार करते हुए बोला कि- "यह पता कैसे चलेगा कि कौन कितना लाभ ले चुका है, कौन से समाज ने आर्थिक उन्नति की? इसके लिए मोहन भागवत को सरकार से बोलना चाहिए कि वो जातीय जनगणना कराकर आर्थिक आंकड़े सार्वजनिक करें। दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा"
बहुजनों के मुद्दों व उनके अधिकारों पर हो रहे हमलों की कोशिश के खिलाफ चन्द्रशेखर आजाद सबसे आगे खड़े होकर लड़ाई लड़ रहे हैं...!!
Arvind Kejriwal’s Instagram account has been suspended in India (probably at the behest of the government). Can India still be called a democracy, or is it now a dictatorship?
मोदी सरकार का नया कानून आया है। अगर सरकार किसी भी social media platform को कोई पोस्ट delete करने के लिए कहती है, तो उन्हें 3 घंटे के भीतर उसे delete करना होगा।
Gen Z के आंदोलन के बाद से ही मोदी जी को बहुत डर लगने लगा है। मोदी जी, आप जितना देश के ��ोगों की आवाज़ दबाएंगे, उनका गुस्सा उतना ही बढ़ेगा।
उप्र के मुख्यमंत्री जी ने नया विश्व रिकॉर्ड बनाया
7000 करोड़ का कॉस्मेटिक फेशियल करवाया
उप्र के मुख्यमंत्री जी ने जिस प्रकार जनता की गाढ़ी कमाई के टैक्स की लगभग 7000 करोड़ की म���ाराशि को अपनी झूठी छवि को सच्ची बताने-दिखाने पर ख़र्च किया है; वो ग़रीबी-बेकारी, बेरोज़गारी, मंदी, एमएसपी और बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य जैसी बुनियादी ज़रूरतों के लिए जूझ रहे देश के सबसे बड़े प्रदेश के लिए बेहद अवांछनीय और अति-निंदनीय है।
हम इतनी ही राशि में ‘KG से PG & RESEARCH’ तक की World Class 2-3 University बनाकर बच्चों-युवाओं का भविष्य सुधारकर दिखाएंगे, ‘उप्र को तरक़्क़ी और ख़ुशहाली के रास्ते पर ले जाएंगे, हम NEO INDIA बनाएंगे!’
बनाने चले Brand, बज गया Band!
अब 7000 करोड़ एक साल में भी खर्च कर दें तो भी कुछ बदलनेवाला नहीं।
डबल इंजन के आपसी कम्पटीशन में गुरु गुड़ रह गया, चेला शक्कर हो गया… ये बात अलग है कि ज़्यादा मीठे के चक्कर में सब कड़वा हो गया।
अच्छे व्यवहार, अच्छे करम और जन हित के काम से बड़ा कोई और प्रचार नहीं होता है।
इनके अत्याचार, अन्याय, महिलाओं-अधिकारियों-पत्रकारों-प्रोफ़ेसरों से दुर्व्यवहार, दुर्व���न, सजातीय पक्षपात, पीडीए पर प्रहार, ‘हाता नहीं भाता’ के फ़ार्मूल के विस्तार, महा-भ्रष्टाचार के द्रव्य के स्वर्ण-ठोसीकरण, मंदिर चोरी के आरोपियों को दोषपूर्ण SIT से बचाने व प्रतिशोध की राजनीति के कारण घर-मकान-दुकान से लेकर यूनिवर्सिटी तक गिराने जैसी नकारात्मक-संकीर्ण राजनीति के कारणवश इनकी इमेज का एनकाउंटर हो गया है और उसके ऊपर से बुलडोज़र भी गुज़र गया है। इनकी छवि तो बनी नहीं, अधिकारियों के घ��-महल ज़रूर बन गये।
जनता पूछ रही है लखनऊ से गोरखपुर कोई डाइरेक्ट ट्रेन है क्या क्योंकि अपने बनाए भाजपाई एक्सप्रेसवे से जाने का जोखिम तो वो उठाएंगे नहीं। ‘एक-दो’ आइटम छोड़कर बाक़ी सब वैध सामान ले जाने के लिए मूवर्स एंड पैकर्स भी तैयार बैठे हैं।
‘प्रचारजीवी’!
जैसे अयोध्या जाने का रिकॉर्ड बनाकर भी अंततः मुख्यमंत्री जी को बदनामी के सिवा कुछ नहीं मिला वैसे ही ‘आत्म-प्रशंसा के झूठे विज्ञापनों पर 2.3 करोड़ प्रतिदिन ख़र्च करके भी मुख्यमंत्री जी को अपयश के सिवा कुछ नहीं मिला।’
लखनऊ के अग्निकांड में अपने बच्चे को खोनेवाली ‘दुखी माँ’ से किये गये मुख्यमंत्री जी के दुर्व्यवहार का वीडियो जब पूरी दुनिया में देखा गया तो लोगों को वो पुराने वीडियो भी याद आ गये जिसमें मुख्यमंत्री जी ने कोविड के दौरान एक कर्तव्यनिष्ठ ज़िलाधिकारी से अशोभनीय वार्तालाप किया था या फिर एक सत्यनिष्ठ प्रोफ़ेसर साहब व पत्रकार से दुर्वचन कहे थे।
मुख्यमंत्री जी का कार्यकाल सदैव इस रूप में ही इतिहास में दर्ज़ होगा कि इन्हीं के समय म���ं अयोध्या के प्रभुराम जी के मंदिर में ‘चढ़ावा-चंदा-दान’ चोरी हुई थी और आरोपियों को बचाने के लिए मुख्यमंत्री जी ने जो दोषपूर्ण SIT बनाई थी, उस पर किसी को विश्वास नहीं था और उसके बाद दिल्ली ने अपनी SIT बनाई थी।
इसके अतिरिक्त विपक्ष पर झूठे मुक़दमे लगाने, बुलडोज़र के दुरुपयोग व झूठे एनकाउंटर से प्रतिशोधात्मक राजनीति करने; पीडीए पर अत्याचार, ‘हाता नहीं भाता’ के घृणास्पद सत्य; लोगों के घर, दुकान व व���श्वविद्यालय तक गिराने; भ्रष्टाचार के स्वर्ण-ठोसीकरण, हिरासत में मौतों के रिकार्ड व पुलिस व अन्य प्रशासन के अपराधीकरण के लिए भी मुख्यमंत्री जी का दुशासन काल नकारात्मक रूप से दर्ज़ होगा… और हाँ डबल इंजन की टकराहट की वजह से बिजली, पानी, सड़क जैसी बुनियादी ज़रूरतों की बदहाली के दौर के रूप में भी।
बिना विचार के प्रचार से कुछ हासिल नहीं होता है।
मुख्यमंत्री जी अकेले में बैठकर सचेत होकर सोचें तो उन्हें ये पता चलेगा क�� : ‘उनका प्रचार तंत्र ही कर रहा है उनका अंत’
जजों की नियुक्ति में दलितों, महिलाओं, अल्पसंख्यकों, समलैंगिकों … वंचित तबके को हिस्सेदारी न देने को स्पीकर विषय से बाहर है कहके माइक बंद कर देते हैं. बाक़ी लोकतंत्र टनाटन है.
“सरकार के पास सबको नौकरी देने के लिए पैसे नहीं हैं।”: उत्तर प्रदेश सरकार (2024)
लेकिन बीमारू राज्यों की चुनौतियों से जूझ रहे उत्तर प्रदेश में यही सरकार पिछले 8 वर्षों में विज्ञापनों पर 6,812 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है, यानी औसतन प्रतिदिन लगभग 2 करोड़ 30 लाख रुपये प्रचार पर खर्च किए गए।
सवाल यह है कि जब प्रचार के लिए प्रतिदिन करोड़ों रुपये उपलब्ध हैं, तो युवाओं को रोजगार देने, वर्षों से खाली पड़े सरकारी पदों पर भर्ती करने, शिक्षा, स्वास्थ्य, पुरानी पेंशन और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर निवेश करने के लिए पैसे क्यों नहीं हैं?
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, विज्ञापनों से कमाई गई इमेज क्षणभंगुर होती है। जंतर-मंतर पर भाजपा सरकार की नीतियों से पीड़ित छात्र-छात्राओं (Gen-Z) का आंदोलन इसका जीता-जागता उदाहरण है।
Was exploring #Toing by @Swiggy , ordered from @Wowmomo4u but delivery boy came up with someone's order which I refused to accept, after that he goes to and came back with cold order of 1 hours, when complaint raised to @SwiggyCares this was reply...
@bobcardofficial The update I got was no use,when I wasn't able to complete the application,then how can I complete it on time?
This is not fault from my end,
Please look into this and solve.
Thank you
@bobcardofficial@bankofbaroda@BankofBarodaCEO
Applied BoB card Eterna from Bob Card Website, filled form and BOBCARD Application 260726900000461 was generated, after that I was thrown by Website, when again trying to login it said incorrect details What to do #Bob
E 20 पेट्रोल को लेकर नई जानकारी सामने आई है. ऑटो कंपनियों की संस्था SIAM ने पेट्रोलियम मंत्रालय को चिट्ठी लिखकर कहा कि E 20 पेट्रोल में Chloride और नमी ( Moisture) की मात्रा ज़रूरत से ज़्यादा होने के कारण गाड़ियों के पुर्ज़े ख़राब हो रहे हैं. फिर ये चिट्ठी कल वापस ले ली गई. SIAM का कहना है कि इस बारे में और जाँच करने की ज़र��रत है. E 20 सवाल बने हुए हैं जिसका जवाब सरकार ठीक से नहीं दे पा रही है.
पेट्रोल में नमी या पानी नहीं मिलाया जा सकता है. पेट्रोल में जब Ethanol मिलाया जाता है तो नमी आ सकती है. पेट्रोल पंप में स्टोरेज टैंक में भी बदलाव की जरूरत है. समस्या E 20 पेट्रोल में नहीं है, इसके लागू करने में जल्दबाज़ी दिक़्क़तों का कारण बन रही है. ना तो सभी गाड़ियाँ तैयार है ना ही सारे पेट्रोल पंप.