State Secretary Bihar Pradesh youth congress
STUDY-MA-JMI
पूर्व उपाध्यक्ष प्रत्याशी
ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय
जनता कोशी कॉलेज
Darbhanga📍Patna📍Delh
बिहार प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष श्री @GaribShiv जी के निर्देशानुसार प्रदेश सचिव अबू जफर जी के नेतृत्व में बिहार प्रदेश युवा कांग्रेस के साथियों द्वारा दरभंगा में ��ाढ़ पीड़ितों के बीच लगातार राहत सामग्री वितरण जाड़ी है।
#SOSIYC #BiharFlood #BJPJDUकी_नाकामी
📍दरभंगा , बिहार
आज बिहार प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष श्री @GaribShiv जी के निर्देशानुसार प्रदेश सचिव अबू जफर जी के नेतृत्व में युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन कर, भाजपा नेताओं द्वारा नेता विपक्ष राहुल गांधी जी के खिलाफ की गई नफरत भरी ��यानबाजी के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
भाजपा नेताओं की इस घृणित और नफरती मानसिकता के खिलाफ हमारी यह लड़ाई जारी रहेगी।
बिहार के मुजफ्फरपुर एवं दरभंगा में तथा पश्चिम बंगाल के कोलकाता में डॉक्टर के साथ हुआ हैवानियत के खिलाफ पीड़िता को न्याय दिला���े के लिए आज दरभंगा में बिहार प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव अबू जफर के नेतृत्व में युवा कांग्रेस के साथियों द्वारा कैंडल मार्च निकाला गया।
में @IYCBihar के शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त करता हु। जिन्होंने मुझ जैसे युवा पर भरोसा जता कर मुझे युवा कांग्रेस बिहार का प्रदेश सचिव के पद पर मनोनित किया। में वादा करता हु की ईमानदारी पूर्वक कांग्रेस के क्वालिन पर चलूंगा और @RahulGandhi जी के विचारो को जन जन तक पहुचाउंगा।
ये मामला वही थाना का है जहा पूर्व मंत्री @sonofmallah मुकेश सहनी जी को दो दिन भी नहीं लगता है और इंसाफ मिल जाता है और एक परिवार का बेटा चला जाता है हफ्ता भर से ज्यादा हो गया है परिजन इंसाफ का गुहार लगा रहा है और बिहार पुलिस का अधिकारी कुछ करने को तैयार नहीं है। @helpline_BP
बिहार में कानून व्यवस्था मजाक बनकर रह गई है और अपराधी हत्या करके बेखौफ घूम रहे हैं।
ये घटना दरभंगा जिले ��े घनश्याम थाना का है जहां एक बेकसूर युवा को कुछ अपराधियों द्वारा हत्या कर दी जाती है।
परिवार वालों के तरफ से बार बार न्याय की गुहार लगाने के वाबजूद बिहार पुलिस के अधिकारी कुछ करने को तैयार नहीं है।
परिवार वाले न्याय के लिए दर दर भ��कने को मजबूर हैं।
@helpline_BP @bihar_police @NitishKumar
बिहार में कानून व्यवस्था मजाक बनकर रह गई है और अपराधी हत्या करके बेखौफ घूम रहे हैं।
ये घटना दरभंगा जिले के घनश्याम थाना का है जहां एक बेकसूर युवा को कुछ अपराधियों द्वारा हत्या कर दी जाती है।
परिवार वालों के तरफ से बार बार न्याय की गुहार लगाने के वाबजूद बिहार पुलिस के अधिकारी कुछ करने को तैयार नहीं है।
परिवार वाले न्याय के लिए दर दर भटकने को मजबूर हैं।
@helpline_BP@bihar_police@NitishKumar
अमेरिका में एक्टर मार्लन ब्रैंडो ने ब्लैक सिविल राइट्स मूवमेंट का समर्थन किया था. उनके समर्थन के बाद कई कलाकार खुलकर सिविल राइट्स के समर्थन में आगे आ गए.
1963 में मार्टिन लूथर किंग की सभा में, उनके मंच के बगल में मार्लन ब्रैंडो ने सीट आरक्षित की थी. इसी सभा में मार्टिन लूथर किंग ने यादगार भाषण "आयी हैवे ए ड्रीम" दिया था.
भारत में कभी कोई फ़िल्मी कलाकार जातिवाद के मुद्दे पर कभी नही बोलता. गरीबी, महिला अधिकार और बाल कल्याण के मुद्दे पर बोलेंगे लेकिन सामाजिक न्याय पर बोलने से कतराते हैं.
दिलीप कुमार अपवाद हैं जिन्होंने मंडल कमीशन की सिफारिशों का खुलकर समर्थन किया. पूरी फिल्म इंडस्ट्री मंडल आयोग के खिलाफ थी. उस समय दिलीप कुमार मंडल आयोग के पक्ष में खड़े हुए.
1990 में ऑल इंडिया मुस्लिम ओबीसी ऑर्गनाइजेशन (AIMOBCO) संगठन के पदाधिकारी विलास सोनावणे और शब्बीर अंसारी ने दिलीप कुमार से मुलाकात कर उन्हें मंडल कमीशन के बारे में अवगत कराया.
मंडल कमीशन में पसमांदा OBC मुसलमानों को भी आरक्षण का प्रावधान किया गया है. देश में 80% मुसलमान पसमांदा ओबीसी हैं. दिलीप कुमार ने 27% ओबीसी आरक्षण का समर्थन करते हुए ओबीसी मुसलमानों को भी आरक्षण देने की मांग की.
दिलीप कुमार ने AIMOBCO संगठन के लिए पूरे देश भर में 100 से अधिक जनसभाओं को संब��धित किया. उस वक़्त के मीडिया ने इतने बड़े सामाजिक आंदोलन का बॉयकॉट कर दिया.
दिलीप कुमार साहब बहुत बहुत धन्यबाद, आप महान कलाकार के साथ महान इंसान भी थे.
✍🏻Kranti Kumar
1947 से पहले जो हाल हमारे देश का था।
ठीक आज के दौर में #palestine का हाल है।
वह भी अपनी आजादी का लड़ाई लड़ रहा है।
मुझे लगता है की हमारे देश के वजीरे आजम को भी #palestine का साथ देना चाहिए।
इससे पहले भी हमारे देश के कई वजीरे आजम #palestine का साथ दिया है।
@narendramodi@PMOIndia
रब्बी एल्हानान बेक ज़ियोनिज़्म के खिलाफ़ आवाज़ उठाने वाले प्रमुख यहूदी नेता हैं। वह कह रहे हैं
पवित्र भू��ि में शांति का एक ही उपाय है. वह यह है कि 1948 से पहले की स्थिति में जाना और समुद्र से ज़मीन तक सभी कब्ज़ा की गई ज़मीनों को फ़िलिस्तीनी समाज को वापस लौटाना।
दुनिया में एकमात्र समाज जो दूसरे लोगों की ज़मीनों पर कब्ज़ा करके पीड़ित होने का दावा करता है, वह इज़रायली समाज है।