आभार राजस्थान स्टेज टीम
भौगालिक विषम परिस्थितियों और प्रशासनिक लापरवाही के कारण मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे थार वासियों की आवाज को धरातल पर जाकर उनकी वास्तविक स्थितियों को अपने चैनल के माध्यम से देश व प्रदेश की आवाम तक पहुंचने हेतु आपका आभार एवं धन्यवाद।
आने वाले समय में यह परिस्थितियां और हालात बदलेंगे। हम सब मिलकर मूलभूत सुविधाओं को तरस रह��� अपने थार वासियों को सुविधा दिलाने हेतु संघर्षरत रहेंगे.....
आप सभी से निवेदन है कि आगामी 13 सितम्बर को राजस्थान स्टेज की इस डॉक्यूमेंट्री को अवश्य देखें।
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ठाकुर का कुआँ जैसी अप्रासंगिक विषयों पर विष वमन करने वाले नेता काश इन वीरांगनाओं का दर्द सदन में रख पाते,जिनकी माँग का सिंदूर मादरे-वतन के लिए अर्पण हुआ,उनको आज बुनियादी सुविधाओं के लिए महरूम होना पड़ रह रहा है,इससे ज्यादा अफ़सोस और पीड़ा का विषय कुछ हो नहीं सकता,बलिदानी परम्परा की ज्योति अक्षुण्ण रखने वालों क��� प्रति शासन-प्रशासन की ये उदासीनता हम सब के लिए बहुत ही दुखद है!
प्रिय मित्र हरेंद्र जी, पहली बात त��� ये कि चुनाव तो आपने और मैंने भी आमने सामने लड़ा, परिणाम में छात्रशक्ति की जीत हुई न कि आपके द्वारा प्रयोग में लिए गए शब्द "सामंत और सामंतवादी ताकत की", लोकतंत्र की हार जीत को ��स प्रकार की संज्ञाएं उपमाएं देना उचित नहीं हैं।
मुझे तो परिणाम का वो दृश्य आज भी याद है जब चुनाव का परिणाम आया तो उसी समय काउंटिंग रूम में मैंने आपको गले लगाकर कहा था "भाई हरेंद्र जी ये एक हार जीवन की हार नहीं हैं, अभी जीवन का सफर लंबा हैं आप ऐसे ही रहिएगा शानदार भविष्य आपके इंतजार में हैं।"
दूसरी बात यह कि लोकतांत्रिक प्रणाली की संसदीय व्यवस्था में चुना हुआ प्रत्येक नेता जनप्रतिनिधि कहलाता हैं और उसकी नैतिक जिम्मेदारी भी है कि वो गरीब, वंचित, शोषित, पीड़ित, किसान, जवान, मानव समाज और राष्ट्र के प्रत्येक तबके और पहलू की आवाज को सदन के पटल पर रखें। यह हम सब जानते की सारे सांसद, विधायक यही काम करते हैं। इसमें किसी की कार्यकुशलता कम होगी तो किसी की अधिक।
"निर्णय ��र नियति" में फर्क समझने की जरूरत हैं, आपके द्वारा लिया गया निर्णय तो गलत हो सकता हैं परंतु उससे अधिक मायने रखता है कि आपका "इंटेंशन" क्या है?
तो उन जनप्रतिनिधि महोदय ने जब सदन में वो बयान दिया उसके पीछे का "इंटेंशन" आप मैं और देखने वाला हर शख्स जानता हैं। उन्होंने सिर्फ जाति के वोटों/लोगों के ध्रुवीकरण के लिए ऐसे शब्द काम में लिए।
आप समझदार कुशल युवा नेतृत्वकर्ताओं में आते हैं, अपेक्षा है कि जाति की इस जद को कम करके "सही को सही और गलत को गलत कहते हुवे" मारवाड़, राजस्थान की अपनायत को एक जाजम पर बैठाने में अपना सहयोग करेंगे।
डिंपल मीणा की हत्या कर निर्दोष ललित शर्मा को फंसाना चाहते थे कलियुगी मां-बाप और मामा। ये छोटा केस नहीं बहुत बड़ा मामला है। सोचिए किस हद तक षड्यंत्र रचा जा रहा है। दरिंदों ने पैसों की खातिर अपनी मासूम मूक-बधिर बेटी को मार दिया?
इस म���मले को लिखिए नहीं लिख सकते तो इतना RT कर दीजिए की पूरे देश के सामने यह घिनौना सच आ जाए। इस बेटी को न्याय दिलाएं। घटना राजस्थान के करौली की।
झूठे SC/ST एक्ट और हत्या के केस में फँसाकर पैसे ऐंठने के लिए कलियुगी मां बाप ने की बेटी की निर्मम हत्या? पुलिस जांच में हुआ ये खुलासा-
1. 9 मई को मूक बधिर मासूम लड़की डिंपल मीणा को जली हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया।
2. 11 मई को लड़की के पिता रूप मीणा ने थाना नई मंडी हिंडौन सिटी (राजस्थान) में अज्ञात लोगों पर केस दर्ज कराया
3. 14 मई को पीड़िता द्वारा पेट्रोल से जलना बताया गया। लड़की ने किसी तरह के दुष्कर्म की घटना नहीं कही।
4. पीड़िता की हालत में लगातार सुधार हो रहा था। वो बचने की पूरी स्थिति में आ गई थी। तेजी से रिकवरी हो रही थी लेकिन तभी 20 मई को मासूम की अचानक मौत हो गई।
5. मासूम की मौत के बाद परिजनों द्वारा जातिवादी हैंडलों से सोशल मीडिया ��र लड़की के दुष्कर्म और मौत की झूठ खबर फैलाई गई।
6. प्रशासन ने मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया।
7. जांच में मृतका के साथ दुष्कर्म नहीं होना पाया गया। सनद रहे परिजनों की पहली रिपोर्ट में भी दुष्कर्म की बात नहीं थी
8. घटना को लेकर FSL रिपोर्ट, CCTV फूटेज, परिजनों उनके रिश्तेदारों से पूछताछ, मेडिकल मुआयना और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सच्चाई सामने आ गई।
9.जाँच में पाया गया कि पीड़िता ने मां से लड़ाई हो��े के बाद खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली थी।
10. मां ने इस तथ्य को छिपाकर मौक़े से पेट्रोल वाली बॉटल हटा दिया और दो दिन के बाद सोची समझी चाल के तहत पहले अज्ञात लोगों पर केस दर्ज करवाया फिर मृतका के मामा राजेश मीणा द्वारा ललित शर्मा नामक व्यक्ति पर FIR दर्ज करवाई गई।
11. इसके बाद पूरी प्लानिंग ने कलियुगी माँ-बाप लड़की मामा ने रात में लड़की को कीटनाशक देकर हत्या कर दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण कीटनाशक/जहर आया था।
12.पुलिस ने हैवान मां-बाप और मामा पर केस दर्ज कर लिया है। अब सोशल मीडिया जातिवाद फैलाने की साज़िश में शामिल लोगों पर भी प्रशासन को कार्रवाई करनी चाहिए।
@pantlp Yaad rhe ek ladka berojgar ladki se shadi kar leta hai, par ek ladki hamesha apne se upar rojgar Wale se shadi karti hai, aise rules se jobs ka centralisation ho jayega kuch parivar ke pas.
Pati or patni dono master, bahut galt
बिहार के सारण में चंदन यादव की हत्या हुई कुछ लोगों ने नाच-नाच कर बताया कि हत्यारे राजपूत हैं। पटना विश्वविद्यालय में छात्र नेता हर्षराज की हत्या हुई और इत्तेफाक से हत्यारे का नाम चंदन यादव है। इस बार हत्यारे की जाति क्यों नहीं बताई जा रही है?
#चंदन_यादव_को_फांसी_दो