#बड़ी_खबर
राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) के प्रयास लाए रंग । 💪
#कम्प्यूटर_अनुदेशक के पद नाम परिवर्तन की प्रक्रिया प्रारंभ ।
शीघ्र सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना ।
सरकार से वार्ता में मिले सकारात्मक संकेत।
वरिष्ठ एवं बेसिक कम्प्यूटर अनुदेशक का पदनाम परिवर्तित कर, कैडर का पुनः समीक्षा करवाकर कैडर संशोधन व कैडर विस्तार करवाकर वेतन विसंगति दूर करवाए
👉कंप्यूटर अनुदेशक पदनाम परिवर्तन
👉कंप्यूटर अनुदेशक कैडर निर्माण एवं सुधार
@RajCMO@BhajanlalBjp@KumariDiya@Ra_THORe@BJP4Rajasthan
सभी कम्प्यूटर अनुदेशकों को 'आरम्भ 2024' – कंप्यूटर अनुदेशक सम्मेलन में हार्दिक आमंत्रण।
यह सम्मेलन कंप्यूटर शिक्षा को अनिवार्य करने और कैडर की विसंगतियों को दूर करने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हेतु आयोजित किया ��ा रहा है।
📅 दिनांक: 15 सितंबर 2024
📍 स्थान: Deep Smriti Auditorium
Inside Tagore International School, Mansarovar, Shipra Path, Mansarovar, Jaipur, Raj.
���इए, मिलकर एक नए युग की शुरुआत करें। आपकी उपस्थिति हमें मार्गदर्शन और प्रेरणा देगी।
विकसित भारत संकल्प यात्रा
संभागीय आयुक्त महोदया श्रीमती आरूषी मलिक व जिला कलक्टर श्रीमती कल्पना अग्रवाल द्वारा पावटा पंचायत समिति के ग्राम पंचायत मंडा व भाकरी में निरीक्षण किया गया।
ये है हमारे सनातन धर्म की ताकत जहाँ आज भी मंत्रों द्वारा अग्नि को प्रज्वलित किया ज���ता है
जय सनातन धर्म,जय श्रीराम, जय गोविंदा
https://t.co/nvBMvIHvn0
माननीय सचिव साहब को पता है कि कुछ टेक्निकल एरर हुई है जिसकी वजह से यह हो रहा है और उसे सुधारने की दिशा में बेहतरीन प्रयास भी कर रहे हैं।अब हमारा भी नैतिक दायित्व बनता है कि हम सारे लोग उनकी डिजिटल एजुकेशन इन स्कूल की योजना में पूर्ण सहयोग करें और राजस्थान को आईटी में अग्रणी बनाएं
UPSC की तैयारी में सामान्य गलतियाँ...
अधिकांश UPSC यात्राएँ गलतियों से भरी होती हैं और असफलता में समाप्त होती हैं.
कुछ उचित मार्गदर्शन की कमी के कारण और कुछ सही दिशा में पर्याप्त मेहनत न करने के कारण... लेकिन फिर भी मैं कुछ प्रमुख गलतियों को रेखांकित कर सकता हूं..
1. परीक्षा की मांग (Demand) को न समझ पाना - मैं इस क्षेत्र में यह सोचकर आया था कि "बस कुछ किताबें और अखबार ही तो पढ़ना है "... मुझे लगता था कि मुझे पता था "क्या पढ़ना है "... कभी समझने की कोशिश नहीं की "कैसे पढ़ना है"... इसलिए मेरा पहला परीक्षा में वर्ष केवल सामग्री पढ़ने और तथ्यों को समझने में ही बी�� गया, बिना वैचारिक स्पष्टता के...
2. पहला प्रयास बहुत जल्दी देना- यूपीएससी की तैयारी में कम से कम 1.5 साल लगते हैं, मैंने 5 महीने तक कुछ किताबों का अध्ययन किया और पेपर का प्रयास किया, बुरी तरह असफल रहा, हतोत्साहित हो गया और एक प्रयास भी खो दिया...
3. बस अपनी सारी ऊर्जा प्रीलिम्स में केंद्रित कर रहा हूं- चूंकि यह पहला चरण है, मैंने सोचा कि अगर मैं प्रीलिम्स पास कर लूंगा, तो अन्य चरणों को क्लियर करना आसान होगा, हालांकि यह सच्चाई से बहुत दूर है। "अगर मेन्स की तैयारी नहीं है, तो प्रीलिम्स क्लियर करके ज्यादा फायदा नहीं होगा"... यही वह बात है जब मैंने अपने दूसरे प्रयास में प्रीलिम्स क्लियर कर लिया, लेकिन मैं मेन्स में बुरी तरह असफल हो गया...
4. उचित ���त्तर-लेखन अभ्यास न करना (डर, सामग्री की कमी आदि के कारण) - हमेशा यह महसूस होता था कि मेरे पास एक बहुत अच्छा उत्तर लिखने के लिए पर्याप्त सामग्री नहीं है, एक सही उत्तर लिखने के लिए उस सही समय का इंतजार करना ... मेरे चौथे प्रयास में, मुझे एहसास हुआ कि "आप कभी भी खराब उत्तर से शुरुआत किए बिना सही उत्तर नहीं लिख पाएंगे"... धैर्य, निरंतरता, निरंतर पुनरीक्षण ही वे चीजें हैं जो आ��को बेहतर उत्तर लिखने में मदद करेंगी।
5. अंत में, बैकअप योजना न होने से- बैकअप योजना बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करती है, मेरे पास कोई नहीं था, इसलिए मेरे कुछ दिन मेरे भविष्य के बारे में चिंता से भरे हुए थे जिससे मेरी performance प्रभावित हुई... जहां ज्यादा लोग फेल होते हैं वहां अगर बैकअप प्लान होता है तो UPSC की तैयारी एकाग्रचित्त होकर बेहतर तरीके से हो सकती है....
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