@SanjuKu79832010 हुड़दंग और नशा करने की आज़ादी, बस इन्हीं दो वजह से ज़्यादातर लोग कावड़ लेने जाते हैं, असली कावड़िये तो चुपचाप सड़क के किनारे बिना हल्ला मचाये निकल जाते हैं किसी को पता नहीं चलता और ना वो ऐसे नशे का सहारा लेते हैं, कावड़ियों को बदनाम करवाने में ऐसे जाहिलों का ही हाथ है।
@amityadavbharat सिर्फ सरकारी नौकरी में ही क्यों मैं तो कहता हूं सांसद और विधायक पद में लाओ आरक्षण, लाओ ऐसा कानून कि कोई दलित वाराणसी सीट से खड़ा होकर 100 वोट भी पा गया तो मोदी जी को सीट खाली करनी पड़ेगी चाहे वो कितने भी वोट पाए हों, बनाओ किसी दलित को प्रधानमंत्री और 5साल बाद फिर किसी नए दलित को
@amityadavbharat शंकराचार्य बनने की बात करते हो बताओ कितने शास्त्र कंठस्थ हैं तुम्हें ? वर्तमान शंकराचार्य कितना पढ़े लिखे हैं कुछ पता है ! धर्म के लिए सरकार से भी लड़ रहे हैं शंकराचार्य बताओ तुम लड़ पाओगे ? मलाई दिख रही है पर उनके ऊपर जिम्मेदारी नहीं दिख रहीं इसलिए तुमको नहीं बनाया जाता।
@swatntra_anuj ये वही प्रदेश है ना जहां जनता बिजली मंत्री जी को घेर कर बिजली ना मिलने की शिकायत करती है तो बिजली मंत्री जी "जय श्री राम" के नारे लगाकर गाड़ी में बैठ कर निकल जाते हैं ! 😂 ये एक्टिंग हमने बहुत देख रखी है मियां कुछ नया तरीका ढूंढ कर लाओ।
@ITZSONUFAUJDAR@dbabuadvocate मुकदमा तो आप पर भी दर्ज हो सकता है भाईसाहब, कोई भी किसी पर भी कुछ भी आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज करा सकता है आप तो बस ये बताएं कि कोर्ट में आरोप सिद्ध हुआ या नहीं
@GK010200 चुपचाप खड़े रहो भाड़े के टट्टुओं, तुम्हें वहां सिर्फ चुपचाप खड़े रहने के लिए साहब 500 रुपया दे रहे हैं वो काम भी नहीं हो रहा तुमसे ! सही कर रहे पुलिसवाले
@Deepeshpatel87 पुलिसवालों से बहस करने से कुछ नहीं होगा अपनी शक्ति चुनाव के लिए बचा कर रखो, चुनाव में नेता की जगह जीजा चुनने चल देते हो इसलिए ये हाल होता है तुम्हारा, निर्दलीय आदमी को वोट दो जिसके बाप दादा नेता ना रहे हों और जो पढ़ा लिखा हो, पार्टियों की चाटना बंद करदो सब हरामी हैं पार्टियों में
@Abhimanyu1305 मंदिर सार्वजनिक संपत्ति या सराय नहीं है कि वहां आराम करने जाएं वो एक धार्मिक स्थल है लेकिन तब भी अगर पुजारी को विश्वास दिलाया जाता तो वो मना नहीं करते, इन परीक्षार्थियों का व्यवहार ही ठीक नहीं है इनके ऊपर तो इनका बाप भी भरोसा नहीं करता होगा पुजारी कैसे कर लेता !
@gautamthakurx अरे चचा थोड़ा जोश काबू में रखिए आपके पास हेलमेट नहीं है 😅 दूसरे की गलती के लिए भी वो इंसान बोलता हुआ अच्छा लगता है जो खुद कुछ गलत ना कर रहा हो
@micchamasala ये दिया है लोकतंत्र ने, ससुर हिजड़े भी आदमी पर हावी हो रहे हैं, इससे तो अंग्रेज़ों मुग़लों का समय ही अच्छा था कम से कम आदमी शस्त्र लेकर तो चल सकता था अपनी रक्षा के लिए
@Dinehshukla@dbabuadvocate@dgpup कोई भी आदमी ! वो भी अधिकारी के कक्ष के अंदर ! सच में !
भाईसाहब वहां आदमी हाथ जोड़कर खड़ा होता है धड़कन इतनी तेज चल रही होती है मानो कलेजा बाहर आ जायेगा और आप कह रहे हैं कोई भी आदमी रील बना लेता है 😂