Team SATYA proudly celebrated the International Women’s Day with a series of engaging activities and impactful initiatives. From fun-filled nail art and interactive engagement sessions to an inspiring motivational talk, the day was dedicated to appreciating and empowering the incredible women of SATYA.
Taking a step further in our commitment to well-being of working mothers, we also launched women-centric facilities including a Child Pre-School & Day Care Program to support working mothers.
- @Vivekmicrofin
#SATYAForWomen #WomenEmpowerment #Livelihoodcreation #MFI
@Olacabs
Should close your service
When you are charging everything inside a bill why drivers are demanding more
Look below the snapshot .
Asking another 40-50 rupees
Why???
रामायण में वर्णित मुख्य स्थान.....
1. तमसानदी : अयोध्या से 20 किमी दूर है तमसा नदी। यहां पर उन्होंने नाव से नदी पार की।
2. श्रृंगवेरपुरतीर्थ : प्रयागराज से 20-22 किलोमीटर दूर वे श्रृंगवेरपुर पहुंचे, जो निषादराज गुह का राज्य था। यहीं पर गंगा के तट पर उन्होंने केवट से गंगा पार करने को कहा था। श्रृंगवेरपुर को वर्तमान में सिंगरौर कहा जाता है।
3. कुरईगांव : सिंगरौर में गंगा पार कर श्रीराम कुरई में रुके थे।
4. प्रयाग: कुरई से आगे चलकर श्रीराम अपने भाई लक्ष्मण और पत्नी सहित प्रयाग पहुंचे थे। कुछ महीने पहले तक प्रयाग को इलाहाबाद कहा जाता था ।
5. चित्रकूट : प्रभु श्रीराम ने प्रयाग संगम के समीप यमुना नदी को पार किया और फिर पहुंच गए चित्रकूट। चित्रकूट वह स्थान है, जहां राम को मनाने के लिए भरत अपनी सेना के साथ पहुंचते हैं। तब जब दशरथ का देहांत हो जाता है। भारत यहां से राम की चरण पादुका ले जाकर उनकी चरण पादुका रखकर राज्य करते हैं।
6. सतना : चित्रकूट के पास ही सतना (मध्यप्रदेश) स्थित अत्रि ऋषि का आश्रम था। हालांकि अनुसूइया पति महर्षि अत्रि चित्रकूट के तपोवन में रहा करते थे, लेकिन सतना में 'रामवन' नामक स्थान पर भी श्रीराम रुके थे, जहां ऋषि अत्रि का एक ओर आश्रम था।
7. दंडकारण्य : चित्रकूट से निकलकर श्रीराम घने वन में पहुंच गए। असल में यहीं था उनका वनवास। इस वन को उस काल में दंडकारण्य कहा जाता था। मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ क्षेत्रों को मिलाकर दंडकाराण्य था। दंडकारण्य में छत्तीसगढ़, ओडिशा एवं आंध्रप्रदेश राज्यों के अधिकतर हिस्से शामिल हैं। दरअसल, उड़ीसा की महानदी के इस पास से गोदावरी तक दंडकारण्य का क्षेत्र फैला हुआ था। इसी दंडकारण्य का ही हिस्सा है आंध्रप्रदेश का एक शहर भद्राचलम। गोदावरी नदी के तट पर बसा यह शहर सीता-रामचंद्र मंदिर के लिए प्रसिद्ध है। यह मंदिर भद्रगिरि पर्वत पर है। कहा जाता है कि श्रीराम ने अपने वनवास के दौरान कुछ दिन इस भद्रगिरि पर्वत पर ही बिताए थे। स्थानीय मान्यता के मुताबिक दंडकारण्य के आकाश में ही रावण और जटायु का युद्ध हुआ था और जटायु के कुछ अंग दंडकारण्य में आ गिरे थे। ऐसा माना जाता है कि दुनियाभर में सिर्फ यहीं पर जटायु का एकमात्र मंदिर है।
8. पंचवटीनासिक : दण्डकारण्य में मुनियों के आश्रमों में रहने के बाद श्रीराम अगस्त्य मुनि के आश्रम गए। यह आश्रम नासिक के पंचवटी क्षेत्र में है जो गोदावरी नदी के किनारे बसा है। यहीं पर लक्ष्मण ने शूर्पणखा की नाक काटी थी। राम-लक्ष्मण ने खर व दूषण के साथ युद्ध किया था। गिद्धराज जटायु से श्रीराम की मैत्री भी यहीं हुई थी। वाल्मीकि रामायण, अरण्यकांड में पंचवटी का मनोहर वर्णन मिलता है।
9. सर्वतीर्थ : नासिक क्षेत्र में शूर्पणखा, मारीच और खर व दूषण के वध के बाद ही रावण ने सीता का हरण किया और जटायु का भी वध किया था जिसकी स्मृति नासिक से 56 किमी दूर ताकेड गांव में 'सर्वतीर्थ' नामक स्थान पर आज भी संरक्षित है। जटायु की मृत्यु सर्वतीर्थ नाम के स्थान पर हुई, जो नासिक जिले के इगतपुरी तहसील के ताकेड गांव में मौजूद है। इस स्थान को सर्वतीर्थ इसलिए कहा गया, क्योंकि यहीं पर मरणासन्न जटायु ने सीता माता के बारे में बताया। रामजी ने यहां जटायु का अंतिम संस्कार करके पिता और जटायु का श्राद्ध-तर्पण किया था। इसी तीर्थ पर लक्ष्मण रेखा थी।
10. पर्णशाला : पर्णशाला आंध्रप्रदेश में खम्माम जिले के भद्राचलम में स्थित है। रामालय से लगभग 1 घंटे की दूरी पर स्थित पर्णशाला को 'पनशाला' या 'पनसाला' भी कहते हैं। पर्णशाला गोदावरी नदी के तट पर स्थित है। मान्यता है कि यही वह स्थान है, जहां से सीताजी का हरण हुआ था। हालांकि कुछ मानते हैं कि इस स्थान पर रावण ने अपना विमान उतारा था। इस स्थल से ही रावण ने सीता को पुष्पक विमान में बिठाया था यानी सीताजी ने धरती यहां छोड़ी थी। इसी से वास्तविक हरण का स्थल यह माना जाता है। यहां पर राम-सीता का प्राचीन मंदिर है।
11. तुंगभद्रा : सर्वतीर्थ और पर्णशाला के बाद श्रीराम-लक्ष्मण सीता की खोज में तुंगभद्रा तथा कावेरी नदियों के क्षेत्र में पहुंच गए। तुंगभद्रा एवं कावेरी नदी क्षेत्रों के अनेक स्थलों पर वे सीता की खोज में गए।
12. शबरी का आश्रम : तुंगभद्रा और कावेरी नदी को पार करते हुए राम और लक्ष्मण चले सीता की खोज में। जटायु और कबंध से मिलने के पश्चात वे ऋष्यमूक पर्वत पहुंचे। रास्ते में वे पम्पा नदी के पास शबरी आश्रम भी गए, जो आजकल केरल में स्थित है। शबरी जाति से भीलनी थीं और उनका नाम था श्रमणा। 'पम्पा' तुंगभद्रा नदी का पुराना नाम है। इसी नदी के किनारे पर हम्पी बसा हुआ है।
काल कोई भी हो हर काल की यही रीत होगी,
हमेशा अच्छाई की बुराई पर जीत होगी। सत्या शक्ति फाउंडेशन की ओर से आप और आपके परिवार को दशहरा की हार्दिक शुभकामनाएं।
#HappyDussehra2024 #Ravan #Ram #JaiShreeRam #Vijayadashmi
#SHEE #Sanitation #Health #Education #Empowerment
-@Shikha55Sharma
चौदह वर्ष की बच्ची का वडोडरा में मुन्ना अब्बास, आफताब और शाहबूद अली ने गैंगरेप किया। 14 वर्ष मात्र! अपराध? मुसलमानों के बीच से गरबा के लिए निकलना। @Vadcitypolice ने तीनों को पकड़ा है। @sanghaviharsh जी, इन दरिंदों को फाँसी दो।
एक महिला का जीवन पवित्र है, भ्रष्ट पुरुषों के शोषण के लिए नहीं। बिहार में 13 और 14 साल की लड़की के साथ क्रूर बलात्कार और हत्या न्याय की मांग करती है। हमें हर महिला की रक्षा करनी चाहिए और उसे महत्व देना चाहिए।
#RapeCaseInMithila
#RapeCasheInMithila
हर वह आदमी जो इस समय बिहार के सत्ता में है चाहे वह पक्ष में हो या विपक्ष में सब को इस समय एकजुट हो अपराधियों को सजा दिलाने के लिए आगे आना चाहिए आज अगर आप अपने पार्टी लाइन पर चलेंगे राजनीति करेंगे तो कल यह हमें से किसी के भी साथ हो सकता है
जिन लोगों को पल पल को खबर है मिथिला को लेकर के उन लोगों को ये नहीं पता चला कि उन्हीं के क्षेत्र में इतना कुछ हो गया।
किसी मर्डरर का birthday हो तो हजार पोस्ट देखने को मिल जाते है। किसी को टारगेट करना हो तो हजार पोस्ट दिख जाते है। किंतु अभी नहीं।
#RapeCaseInMithila@NitishKumar
Plz share widely 🙏
We,The People of India humbly request our Hon’ble President to grant Officer Rank to the most successful sportsperson in Indian history - Army Man Neeraj Chopra who has already won two Olympics Medals in 2 Olympics in the most difficult field of sports-Athletics. Jai Hind 🇮🇳 @rashtrapatibhvn@narendramodi@PMOIndia
It is an absolute delight for us to share the news that SATYA MicroCapital Limited in association with M-SWASTH has launched free-of-cost Telemedicine & E-Clinic Services to address the healthcare needs of the community it operates in. At present this initiative will supplement medical support to more than 70lac people entailing clients, employees of SATYA and their family members.
Today’s MOU Signing ceremony with M-SWASTH is a significant step towards a healthier & more equitable future where our joint efforts will break down barriers to healthcare access, improving health outcomes & fostering healthier communities. Moving forward, we are certain that this this service will reach more than 1 crore people living at the bottom of the pyramid in the coming two years.
- @Vivekmicrofin
#HealthforAlll #SocialInitiative #Upliftment #HealthCareAccess #MFI #NBFC