बस्ती के छात्र नेता एवं आगामी छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद प्रत्याशी भाई विकाश तिवारी पर निर्ममता पूर्वक सुनियोजित ढंग से हमला किया गया जिसमे वो चोटिल हो गए है कुछ ही साल पहले बस्ती छात्रसंघ के अध्यक्ष बड़े भाई कबीर तिवारी की भी हत्या इसी तरीके से हो चुकी है. @bastipolice
📍भारत 🇮🇳
ट्रेन में सफर के दौरान मुस्लिम महिलाएं लूडो खेल रही थीं और एक मासूम मुस्लिम बच्चा खुशी श्रीवास्तव के कंधे पर सिर रखकर चैन से सो गया।
खुशी ने इस खूबसूरत पल का वीडियो साझा करते हुए लिखा—
“धर्म अलग थे, पहचान अनजान थी… वो लूडो में मस्त थे और वो मासूम बच्चा मेरे कंधे पर चैन से सो गया। इंसानियत और अपनापन किसी धर्म के मोहताज नहीं। ये है मेरा देश और ऐसा रहा मेरा स्वतंत्रता दिवस 🇮🇳”
इंसानियत और अपनापन की यह तस्वीर वाकई दिल छू लेने वाली है। ❤️🇮🇳
What’s going on? Pls listen to Rahul Gandhi. He is taking public discourse to a different level . Grammar and vocabulary of politics has acquired a new dimension.
अज़ान से नहीं, माइक से प्रॉब्लम है… नमाज़ से नहीं, मस्जिद से प्रॉब्लम है… क़ुरआन से नहीं, मदरसों से प्रॉब्लम है, हम इन बातों के पीछे के जज़्बात और मतलब खूब समझते हैं।
खुलकर कहो कि मुसलमान इस्लाम से दूर हो जाएँ। लेकिन याद रखो, हमारी क़ौम का कोई फ़र्द अपना ईमान छोड़ने के लिए तैयार नहीं है।
दतिया उप चुनाव में कांग्रेस की जीत में प्रियव्रत सिंह का भी बहुत बड़ा योगदान है उन्होंने बहुत बारीकी से इस चुनाव की छोटी-बड़ी रणनीति बनाई।
प्रियव्रत सिंह हमेशा लाइमलाइट से हटकर ग्राउंड में काम करने के लिए जाने जाते हैं।
प्रियवत सिंह ने वह हर डैमेज कंट्रोल किया जो कांग्रेस के लिए दतिया में खतरा बन रहा था।
अवधेश नायक को मनाने सबसे पहले प्रियव्रत सिंह ही उनके घर पहुंचे थे,अवधेश नायक का पार्टी ना छोड़ना कांग्रेस के लिए सुखद रहा।
प्रियवत सिंह बेहद सरल शांत और सौम्य व्यक्तित्व के धनी है वह हमेशा परदे के पीछे रहकर काम करने के लिए जाने जाते हैं।
दतिया उनका ननिहाल है उनके सगे मामा है कुंवर घनश्याम सिंह।
@RubikaLiyaquat Matlab batting sarkar ki tarf se karni hai jo bhi hai punjab me hua galat hua but yaha se bhag jye papa ke liye papa bach jye waah
Ye tumse na ho pyega😂
@SDhawan25 धैर्य रखे ही थे तभी आज तक सिर के बाल नहीं आये और हां 5 साल तक भारतीय क्रिकेट टीम में जगह नहीं मिलती और सिर्फ़ धैर्य और BCCI पर भरोसा रखते तो खेलने की उम्र निकल जाती।पूरा जीवन रील बनाकर ही काटना पड़ता धवन साहब…
दशरथ कूप, छठी चबूतरा, सीता रसोई, वराह भगवान की मूर्ति थीं । कहाँ है सब जवाब दीजिए ।
मुसलमान के नाम पर राजनीति करने वाले ख़ुद इस स्थिति में हैं
सिद्धार्थ नगर, गविष्टि (गोरक्षार्थ-धर्मयुद्ध) यात्रा
#GavishtiYatra#Shankaracharya#Jyotirmath#siddharthnagar
RSS के रजिस्ट्रेशन के सवाल पर देश के रक्षा मंत्री श्री @rajnathsingh जी का जवाब कांग्रेस को जवाब -
जैसे माँ के संस्कार को किसी रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता नहीं।
जैसे सूरज को उगने के लिए किसी परमिशन की जरूरत नहीं।
जैसे माँ गंगा को बहने के लिए किसी की आवश्यकता नहीं।
वैसे ही RSS को राष्ट्र हित में काम करने के लिए किसी रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता नहीं है।
दुनिया की कोई ताकत उसे ये काम करने से नहीं रोक सकती।
"हनुमानगढ़ी में कभी नमाज़ नहीं पढ़ी गई... ऐसा कहना गलत है। लोगों को पता होना चाहिए कि यह हनुमानगढ़ी एक मुस्लिम ने बनवाई थी। इसका ज़िक्र वहां एक पत्थर पर लिखा है।"
गोंडा पूर्व MP बृज भूषण सिंह का बयान
#Gonda#BrijBhushanSingh#UttarPradesh@b_bhushansharan