उड़ीसा से हमारे छत्तीसगढ़ सरकार को सीखने की आवश्यकता है जहां बे मतलब के मंत्री भरे पड़े हैं जिनको समझ में नहीं आता है कि कैसे चलाना होता है सरकार को और जनता की समस्याओं का निराकरण कैसे करना होता है आता ही नहीं है
उड़ीसा से हमारे छत्तीसगढ़ सरकार को सीखने की आवश्यकता है जहां बे मतलब के मंत्री भरे पड़े हैं जिनको समझ में नहीं आता है कि कैसे चलाना होता है सरकार को और जनता की समस्याओं का निराकरण कैसे करना होता है आता ही नहीं है
बिल्कुल सही बात है सिर्फ स्कूल का युक्तिकरण नही होना चाहिए बल्कि राज्य में 2 उपमुख्यमंत्री जिसकी जरूरत 23 साल से नही था और मंत्री नेता वेतन भत्ते पर भी युक्तिकरण कर वित्त कमी दूर कर शिक्षा में लगाना चाहिए।
शिक्षकों को क्षेत्रीय भाषा आना चाहिए और आदिवासी क्षेत्र में UP,HR दिल्ली के शिक्षक इन बच्चों की भावनाओं में समझने में दिक्कतों को सामना करना पड़ता है आपसे विनती है छत्तीसगढ़ के एकलव्य विद्यालयों में छग के भावी शिक्षकों को प्राथमिकता एवं अतिथि शिक्षको का समायोजन किया जाए..
एकलव्य के अतिथि शिक्षक लागातर 10 वर्षो से अपनी जीवन का मूल्यवान समय देकर आज एकलव्य के अतिथि शिक्षक 2 साल से बेरोजगार होकर अत्यंत पीड़ादायक जीवन गुजार रहे है सरकार ने हमको आस्वाशन दिया है मगर कब तक हम ऐसे रहेंगे कृपया हमें जल्द से जल्द हमे रोजगार देने के कृपया करे ।
विधानसभा चुनाव के पहले नेता उम्मीदों के झड़ी लगाते
57 हजार शिक्षक भर्ती का हमको सपना दिखाते
हम बेरोजगार है
शिक्षक बनने के तलबगार है
#CG33000शिक्षकभर्तीकरो
याद रखना आज जो D.Ed B.Ed नहीं किए हैं, वह हमारा मजाक उड़ा रहे हैं कि लोग हमेशा आंदोलन करते रहते हैं। एक दिन आएगा जी जब आपके बच्चे प्राइवेट स्कूल में पढ़ेंगे और आप लोग को बहुत मोटी रकम देना पड़ेगा। तब आप लोगों को समझ आएगा कि यह आंदोलन कितना जरूरी था। #CG33000शिक्षकभर्तीकरो ..
सत्र पूरा होने को है। एकलव्य वालों का समायोजन कब होगा? कुछ शिक्षकों ने अपना जीवन बिता दिया एकलव्य स्कूल में ||उनका उम्र भी निकल चुका है । एकलव्य शिक्षकों का समायोजन जल्द से जल्द करें।@laxmirajwade @vishnudsai@LaxmiRajwade21@Mahesh_ji_bjp@KiranDeoBJP