LPU के छात्रों पर AAP सरकार की पुलिस बर्बरता बेहद शर्मनाक है।
क्या हमारे छात्रों के साथ ऐसा ही व्यवहार होना चाहिए?
छात्रों की आवाज़ दबाने के बजाय उनकी बात सुनी जानी चाहिए।
Revanth Reddy 🗣️ :
"The first time i had 20 mints meeting with Rahul Gandhi, i decided he is my leader. Because he has no personal agenda. He wants to serve India" 🔥
Almost everyone will agree that RaGa has no self centric agenda
100% clarity and facts 🫡
“You give me your full name and designation, I’ll deal with you through other methods…” — Rahul Gandhi Ji to SDM
This line by RG is full of aura… Mass🔥
728 people live in Bela Estate on the banks of the Yamuna. Following a revision of the electoral roll, only one name remained. The other 727 were struck off. @AltNews reported this a fortnight ago.
लिख लीजिए “Modi is Past”
उन्होंने युवाओं के सपने ,भविष्य, इच्छाएँ सब कुछ तबाह कर दिए!
World Bank की रिपोर्ट बता रही है 72% युवा या तो बेरोजगार हैं या ऐसी नौकरी कर रहे जो उनकी शिक्षा और क़ाबिलियत के स्तर की नहीं है।
1.3 लाख MSME 2020 से 2026 के बीच बंद हो गए! कोई ज़वाबदेही है?
This reel genuinely touched my heart. ❤️
Rahul Gandhi devoted his youth to India, its people and a better future. 🇮🇳❤️
Whatever your politics, put humanity above hatred.
RaGa, salute to your courage and struggle. 🙏❤️
यमुना किनारे बेला एस्टेट में 728 लोग रहते हैं। SIR के बाद वोटर लिस्ट में सिर्फ़ एक नाम बचा - बाकी 727 नाम काट दिए गए।
ये लोग दशकों से यहाँ रह रहे हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव और 2025 के दिल्ली चुनावों में वोट डाल चुके हैं। 2023 में इनके घर तोड़ दिए गए थे - पर ये कहीं नहीं गए, यहीं हैं।
आज मैं इनकी झुग्गी में गया और सीधे इन्हीं से सुना कि चुनाव आयोग ने इनके साथ क्या किया है।
SDM से फ़ोन पर मैंने यही कहा - मकान होने या न होने का वोट के अधिकार से कोई रिश्ता नहीं है। ख़ुद CEC ज्ञानेश कुमार कह चुके हैं कि "हाउस नंबर 0" बेघरों के लिए है। फिर भी 727 लोगों का नाम काट दिया गया।
यह SIR नहीं - यह वोट चोरी का तरीक़ा है। जिनके पास पहले ही सबसे कम है, उनसे उनकी इकलौती ताक़त छीनी जा रही है।
ज्ञानेश कुमार तो जाएँगे। पर जिस सिस्टम ने उनसे यह करवाया, उसका हिसाब भी होगा।
#VoteChori
पंजाब में केजरीवाल अपनी पुलिस से Gen Z पर लाठियां चलवा रहे हैं.
छात्रों की कुछ वाजिब चिंताएं हैं, उन्हें सुनना चाहिए. ना कि उनकी आवाज दबाने के लिए लाठियां चलवानी चाहिए.
केजरीवाल और AAP को ये भारी पड़ेगा.