भाभी और ननद छोटी सी बात को लेकर लड़ाई शुरू हुआ फिर दोनो एक दूसरे का कहानी निकलने लगी
भाभी का चक्कर बॉस के साथ है तो ननद का चक्कर मास्टर के साथ है महिलाए अपनी लड़ाई में हद से ज्यादा पर्सनल बाते निकालने लगती है
जिसे देखो आजकल उसे नीचे गिराने में लगा रहता है जिससे समाज में सिर्फ गंदगी फैलता है
उत्तरप्रदेश- सहारनपुर के शेखर चौहान की मुर्रा भैंस गार्गी राज्य की सबसे ज्यादा दूध देने वाली भैंस बन गयी है. रिकॉर्ड है हर रोज सवा 23 लीटर दूध देने का. लखनऊ में प्रदर्शनी लगी तो "लाइव टेलीकास्ट" में गार्गी ने सवा 23 लीटर दूध दिया.
गार्गी की कीमत इस प्रदर्शनी में 20 लाख रूपये तक पहुंच चुकी है.
"प्रधान जी, चिल करो.. फिलहाल चुनाव नहीं हो रहे.. पंचायत चुनाव में किसी का इंटरेस्ट नहीं.. न सरकार का, न विपक्ष का.. पहले विधानसभा चुनाव.. गांव की सरकार बाद में.."
पंचायत चुनाव इस साल होंगे या नहीं!! इससे पर्दा लगभग उठ चुका है.. सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों का फोकस अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव पर है. सारे समीकरण, सारी रणनीति उसी हिसाब से तैयार हो रही है.. ऐसे में गांव की सरकार को लेकर कोई खुद को उलझाना नहीं चाहता!!
सच पूछो तो तैयारी भी नहीं है.. अभी तक त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतदाता सूची ही फाइनल नहीं हुई है.. बताया जा रहा है 15 अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी.. लेकिन पंचायत चुनाव से पहले समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन और आरक्षण की प्रक्रिया भी पूरी की जानी है.. हाईकोर्ट में इस मामला की लेकर अलग से याचिका लंबित है,..
पिछला पंचायत चुनाव 2021 में कोरोना काल के दौरान हुआ था.. 15 अप्रैल 2021 को चार चरण में शुरू हुई वोटिंग 29 अप्रैल को खत्म हो गई थी.. 2 मई को रिजल्ट आ गया था.. उस हिसाब से भी काफी देर हो चुकी है..
यूपी में ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 मई को खत्म हो रहा है.. क्षेत्र पंचायतों का 19 जुलाई और जिला पंचायतों का 11 जुलाई को..
इन तारीखों के मुताबिक अब तक पंचायत चुनाव की प्रक्रिया शुरू होकर खत्म होने की स्थिति में आ जानी चाहिए थी..
लेकिन समय बहुत कम बचा है.. पंचायतों का कार्यकाल खत्म होने से पहले नई पंचायतों के गठन की प्रक्रिया अब किसी भी सूरत में पूरी नहीं की जा सकती.. इतने कम समय में न आयोग का गठन किया जा सकता है, न ही आरक्षण की फार्मूला तय हो सकता है..
ऐसे में पंचायतों में प्रशासक बैठाना लगभग तय है.. यानि पंचायत चुनाव अब अगले साल विधानसभा चुनाव के बाद ही होंगे..
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लखनऊ : विधानसभा चुनाव के बाद ही होंगे पंचायत चुनाव
➡26 मई को खत्म हो रहा पंचायतों का कार्यकाल
➡प्रदेश में समय पर नई पंचायतों का गठन मुश्किल
➡पंचायत चुनाव विधानसभा चुनाव के बाद ही संभव
➡सत्ता पक्ष,विपक्ष का फोकस विधानसभा चुनाव पर
➡पार्टियां स्थानीय चुनाव में उलझने से बच रही हैं
➡पिछड़ा वर्ग आयोग गठन, आरक्षण प्रक्रिया अधूरी
➡हालांकि चुनाव को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर
#Lucknow #PanchayatElections
"श्रीप्रकाश शुक्ला ने एक बार राजा भैया को धमकी दे दी कि बाहर निकलोगे तो मार दूंगा!
राजा भैया घर से नहीं निकले जब तक श्रीप्रकाश शुक्ला मर नहीं गया"
: राजेश पांडेय (पूर्व IPS)
Up के Gorakhpur का Gangster Sri Prakash Shukla की पूरी कहानी ।
- 35 ब्राह्मणों की हत्या की थी। किसी अघोरी ने कहा था कि 101 मार दिए तो अमर। CM की सुपारी लेने पर और लड़की से मिलने के चक्कर में STF ने ठोका।
Full Podcast 9AM.
उप निरीक्षक ना0पु0 एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती 2025 के अन्तर्गत अभ्यर्थियों से विज्ञप्ति / सूचना संख्याः पीआरपीबी-बी (उप निरीक्षक संवर्ग) 03/2025 दिनांक 12.08.2025 द्वारा आवेदन पत्र आमंत्रित किये गये हैं। अभ्यर्थियों द्वारा आवेदन पत्र भरने के सम्बन्ध में स्नातक उपाधि अपलोड किये जाने की पृच्छाओं के सम्बन्ध में पूर्व निर्गत सूचना दिनांकित 17.08.2025 के क्रम में अभ्यर्थियों की सुविधा हेतु सूचना/निर्देश भर्ती बोर्ड की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
विस्तृत विज्ञप्ति/सूचना के लिए बोर्ड की वेबसाइट- https://t.co/IGN26c2P7U का अवलोकन करें।
परीक्षा नियंत्रक
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड
लखनऊ ।
@CMOfficeUP@ChiefSecyUP@dgpup@Uppolice
आवश्यक जानकारी :~
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कोई भी पुलिसकर्मी बिना कारण आपको न तो थप्पड़ मार सकता है और न ही मारपीट कर सकता है। ऐसा करना BNS धारा 115 के तहत अपराध है। इसमें दोषी पुलिसकर्मी को 1 साल की जेल या ₹10,000 जुर्माना हो सकता है।
ध्यान रखें,
कानून सबके लिए बराबर है – चाहे आम नागरिक हो या पुलिसकर्मी। इसलिए अगर आपके साथ ऐसा हुआ है तो:
• नज़दीकी थाने में संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ FIR दर्ज कराएँ।
• घटना में तुरन्त सहायता पाने के लिए पुलिस हेल्पलाइन 100 या फिर आपात हेल्पलाइन 112 को कॉल करें। यह एक रिकॉर्डेड हेल्पलाइन हैं जिसे भविष्य में आप साक्ष्य के रूप में भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
• अगर क्षेत्रीय थाना FIR दर्ज न करें तो इसकी लिखित शिकायत जिला पुलिस अधीक्षक/पुलिस आयुक्त/ पुलिस महानिदेशक और मानवाधिकार आयोग में दर्ज करें।
• ज़रूरत पड़ने पर दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ न्यायालय में याचिका दायर करें।
साभार: @NCIBHQ
अब ट्रंप अपने ही चाल में फंसता नजर आ रहा है..!!
क्योंकि भारत को समान बेचना है, वह दूसरा बाजार खोज लेगा। लेकिन अमेरिका का क्या होगा..?
तू नहीं तो कोई और सही,
कोई और नहीं, तो कोई और सही,
बहुत लंबी हैं जमीं, मिलेंगे लाख हसीं,
इस जमाने मे सनम तू अकेली तो नहीं...!!
लेकिन अमेरिका सस्ती जेनरिक दवाइयां कहाँ से इतनी जल्दी पा लेगा यदि टैरिफ लगा ही लिया तो...
लेख महत्वपूर्ण है पूरा कमेंट में जरुर पढ़ें..
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