Arrest Muslims in fake cases, run media trials, claim Dawood links, keep them in jail for months, then release them as innocent.
No action against the police, media or anyone responsible.
Who will hold them accountable for the lives they ruined?
माता जी, बात मस्जिदों को गिराने की नहीं है, केवल मस्जिदों को ही गिराने की है और उसके बल पर राजनीति करने की है। ये चीन और ऑस्ट्रेलिया में नहीं किया गया होगा।
अगर निष्पक्ष ढंग से बिना किसी धर्म को टारगेट किए अनधिकृत निर्माण हटाए जाएं तो शायद किसी को विरोध करने का न आधार मिलेगा और न ही उसका कोई समर्थन करेगा।
लेकिन पिछले 12 साल से देश में हिंदुओं के कितने धर्मस्थल तोड़े गए, कितनों पर बुल्डोजर चलाए गए ज़रा उसके बारे में भी ज्ञानवर्धन कर लीजिए.
आप पत्रकारिता के नाम पर बीजेपी और आरएसएस के एजेंडे के लिए बैटिंग कर रही हैं। शर्मनाक है कि आप एक न्यूज़ एजेंसी की मालकिन हैं, जो देश भर को गुमराह करने में लगी है।
📍उत्तर प्रदेश
"Bossdk, टोपी लगा रहा है यहाँ… बहन के L*ड़े, मर जागा!"
हिंदू रक्षा दल के अध्यक्ष पिंकी चौधरी ने टोपी पहने होने की वजह से एक मुस्लिम व्यक्ति के साथ गाली-गलौज और अभद्रता की।
किसी की धार्मिक पहचान देखकर उसे निशाना बनाना और मौत की बात कहना आखिर यह कैसी मानसिकता है?
Shame on Saba Naqvi for blaming the Tablighi Jamaat for COVID-19.
These people throw their own community under the bus just to appease their liberal friends.
Total population of Burma- 5.52 crore
Rohingya pre-conflict demographics- 2%
Rohingya population in India- 18-25k
Rohingya voters detected in SIR- we don’t know because the EC has refused to share this data.
Total removals through SIR- 13 crore.
Mohan Yadav's Madhya Pradesh.
Hindu Brahmin BJP MLA Rameshwar Sharma just told Muslims: "Don’t come to Garba alone, bring your sisters and daughters, our horse (Ghode) are also ready."
An elected lawmaker said that in public. Not a street thug. A man who swears an oath to the Constitution.
The BJP has turned a large section of the Hindu youth into people with a "rapist mentality", into monsters, and such individuals are being led by MLAs like Sharma.
दिल्ली एम्स में एक मां अपनी 2 साल की बेटी की जानलेवा बीमारी का इलाज कराने पहुंची। बीमारी का नाम (SMA type 1) जिसके इलाज में 9 करोड रुपए का खर्चा था।
मां ऑटो में बैठी सिसक रही थी कि अपनी बेटी के इलाज के लिए इतना पैसा कैसे इकट्ठा करेगी तभी वहां इस मां पर कुछ मुसलमान लड़कों की नजर पड़ती है। लड़के डॉक्टर का प्रिस्क्रिप्शन मांगते हैं
दूसरे दिन लड़के जामा मस्जिद जाते हैं ऐला�� करते हैं, बच्ची की बीमारी का... नमाजी निकलते हैं और बच्ची के लिए पैसे डोनेट करते रहते हैं। 6 करोड़ 33 लाख रुपए इकट्ठा हो जाता है।
ना कोई धार्मिक नारा लगाया जाता है, ना नाम पूछा जाता है, ना आधार कार्ड मांगा जाता है... बस मुसलमान खड़े होते हैं एक हिंदू बहन की बिटिया की जिंदगी बचाने के लिए....यही मेरा हिंदुस्तान है।
अल्लाह का शुक्र है की मदरसों में इस तरह की शिक्षा नहीं दी जाती।
अब तो ये लोग छोटे छोटे बच्चों के लिए स्कूल में पहुंच चुके हैं।
आखिर इनको पर��िशन किसने दी? अगर कोई उर्दू नाम वाला होता तो अब तक कार्यवाही हो चुकी होती।